संदेश

वर्षा -ऋतु(Varsha Ritu) 2026 हिंदी- निबंध लिखने का TRICK

चित्र
वर्षा ऋतु निबंध, Varsha Ritu nibandh, rainy season essay, important essay for comption examination  ऋतुओं की रानी वर्षा, वर्षा का आगमन, वर्षा का प्रकृति पर प्रभाव, वर्षा से लाभ, वर्षा से नुकसान, वर्षा ऋतु में होने वाली बीमारियां, निष्कर्ष यदि बसंत ऋतुओं का राजा है तो वर्षा ऋतुओं की रानी है। वर्षा -ऋतु के आते ही आसमान में काले- काले बादल छा जाते हैं। मेघ घमंडी हाथियों की तरह गरज- गरज कर लोगों को डराने लगता है। घनघोर वर्षा होने लगती है। चारों ओर हरियाली छा जाती है। मानो प्रकृति रानी ने जैसे हरी चादर ओढ़ ली हो। काले- काले बादल देख मोर अपने पंख फैलाकर वनों में नाचने लगते हैं। पपीहे, दादुर, झींगुर की आवाज़ें प्रकृति में गूंज उठती है। ताल तलैया भर जाते हैं।  ग्रीष्म   ऋतु की मार से तपति धरा तृप्त हो जाती है। बागों में झूले लग जाते हैं। नव तरुणियों के मन उल्लसित हो जाते हैं।  नदियों में जल भर जाता है और उनका वेग भी बढ़ जाता है। मानो इतराती हुई अपने प्रियतम सागर से मिलने जा रही हो। और  किसानों की खुशियों की तो बात ही ना पूछो। वह हल बैल के लेकर अपने खेत की ओर निकल ...

श्री कृष्ण जन्माष्टमी/Shree Krishna Janmashtami

चित्र
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 2026,               Shree Krishna Janmashtami,   04, सितमबर,2026  श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव हिन्दुओं का प्रमुख त्योहार है। धरती से दुष्टों का नाश करने के लिए श्री कृष्ण भगवान का जन्म मथुरा में इसी दिन हुआ था। आइए श्री कृष्ण जन्माष्टमी के बारे में जानकारी प्राप्त करें। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी हिन्दुओं का एक महत्वपूर्ण त्योहार है। यह पर्व संपूर्ण भारत वर्ष के साथ -साथ विश्व के विभिन्न हिस्सों में भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष - अष्टमी को खूब श्रद्धा भक्ति - भाव से मनाया जाता है। इसी दिन द्वापरयुग में मथुरा के कारागार में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था।  इस वर्ष श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 26 अगस्त 2024 दिन सोमवार  को है।          "यदा यदा हि धर्मस्यगलानिर्भवतुभारत -----" जब -जब धरती पर आतंकियों और आताताइयो का साम्राज्य बढ़ जाता है, तब- तब भगवान श्री विष्णु पृथ्वी पर नया अवतार लेकर पृथ्वी को आतंकियों से मुक्ति दिलाते हैं। श्री विष्णु द्वापरयुग में आठवें अवतार धारण कर श्रीकृष्ण बनकर कंस,...

संचार, जनसंचार, परिभाषा, संचार के माध्यम, संचार के तत्व

चित्र
 संचार, जनसंचार, परिभाषा, संचार के माध्यम, संचार के तत्व  ​मीडिया जब तक जनता को साथ लेकर नहीं चलेगी, तब तक जनता भी उसका साथ नहीं देगी। -प्रभात जोशी वरिष्ठ पत्रकार ​1. जनसंचार माध्यम ​ इस पाठ में... ​ संचार ​परिभाषा और महत्त्व ​संचार क्या है? ​ संचार के तत्त्व ​स्रोत, एनकोडिंग, संदेश, माध्यम, प्राप्तकर्ता, फ़ीडबैक और शोर ​ संचार के प्रकार ​सांकेतिक संचार ​मौखिक और अमौखिक संचार ​अंतःवैयक्तिक संचार ​अंतरवैयक्तिक संचार ​समूह संचार ​जनसंचार ​ जनसंचार की विशेषताएँ ​ संचार के कार्य ​ जनसंचार के कार्य ​सूचना देना, शिक्षित करना, मनोरंजन करना ​एजेंडा तय करना ​निगरानी करना ​विचार-विमर्श के मंच ​ भारत में जनसंचार माध्यमों का विकास ​समाचारपत्र-पत्रिकाएँ ​रेडियो ​टेलीविजन ​सिनेमा ​इंटरनेट ​ ​संचार के बिना जीवन संभव नहीं है। मानव सभ्यता के विकास में संचार की सबसे महत्त्वपूर्ण भूमिका रही है। संचार दो या दो से अधिक व्यक्तियों के बीच सूचनाओं, विचारों और भावनाओं का आदान-प्रदान है। इस तरह संचार एक प्रक्रिया है जिसमें कई तत्त्व शामिल हैं। संचार...

घर की याद,(Ghar ki yaad) 2026 परीक्षा Bhawani Prasad Mishra.परिचय 11th hindi,

चित्र
घर की याद कविता  Ghar ki yaad Poet - Bhawani Prasad Mishra 11th Hindi, vitan, NCERT solutions, summary Ghar ki yaad, व्याख्या, घर की याद घर की याद कविता का भावार्थ, कवि भवानी प्रसाद मिश्र का जीवन परिचय और प्रश्नोत्तर। आज पानी गिर रहा है , कविता का मूल भाव ******** घर की याद कविता सुप्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी और कवि भवानी प्रसाद मिश्र की रचित प्रसिद्ध कविता है जिसे कवि ने स्वतंत्रता आन्दोलन के दौरान जेल में रहकर लिखा था। यह कविता ग्यारहवीं कक्षा में पढ़ाई जाती है। यहां घर की याद कविता , भावार्थ और प्रश्नोत्तरी सरल भाषा में दिया गया है जिसमें विद्यार्थियों को समझने में आसानी हो। --------------------------------- ---------- कवि परिचय (भवानी प्रसाद मिश्र): भवानी प्रसाद मिश्र का जन्म सन् 1913 और मृत्यु सन् 1985 में हुआ था। मध्य प्रदेश का होशंगाबाद जिला साहित्य कार जननी जिला है। वहीं टिगरिया गांव में इनका जन्म हुआ था। प्रमुख रचनाएँ ----- सतपुड़ा के जंगल, सन्नाटा, गीत फरोश, चकित हैं दुःख, बुनी हुई रस्सी, खुशबू के शिलालेख, अनाम आप आते हो, इदं न मम् आदि। सम्मान ------ साहित्य अकादमी, मध्य प...

श्रीकृष्ण जन्मोत्सव (गोकुल धाम में) Gokul me Shree Krishna janmotsav

चित्र
Shree Krishna janmotsav Gokul dham me श्री कृष्ण जन्मोत्सव गोकुल धाम में 4 सितम्बर 2026  नन्दस्त्वात्मज उत्पन्नेजाताह्लदो महा।                             आह्यविप्रान वेदज्ञान सरनाम: शुचिरलंकृत:।।                   भगवान श्री कृष्ण का जन्म मथुरा के कारागार में मध्य रात्रि को हुआ। सारे पहरेदार सैनिक सो गए। वासुदेव जी की बेड़ियां अपने आप खुल गई। वे नवजात शिशु को लेकर यमुना पार गोकुल गांव में अपने मित्र संबंधी नंदलाल जी की पत्नी यशोदा के पास छोड़ आए। यह सभी निद्रा अवस्था में थे। किसी को भी भगवती योग माया की इस लीला का जरा भी ज्ञान नहीं हुआ।                                                                          प्रातः होने पर नंद के घर पुत्र जन्म की बधाइयां का ताता लग गया। यशोदा ...

गोदान' में मुख्य चरित्रों की भूमिका स्पष्ट कीजिए.

चित्र
   'गोदान' में मुख्य चरित्रों की भूमिका स्पष्ट कीजिए. ​ उत्तर— लियो टॉल्स्टॉय के 'वार एण्ड पीस' नामक विश्व-प्रसिद्ध उपन्यास के बाद 'गोदान' ही बृहत् उपन्यास माना गया है. 'वार एण्ड पीस' में सैकड़ों पात्रों ने अपनी भूमिका प्रस्तुत की है. 'गोदान' भी एक चरित्र-प्रधान उपन्यास है. इसे लिखने से पूर्व ही प्रेमचन्द ने यह घोषणा कर दी थी कि उनका भावी उपन्यास जीवन-चरित्र होगा, चाहे किसी बड़े आदमी का या छोटे आदमी का. ​'गोदान' में यूँ तो शताधिक पात्र हैं, किन्तु इसका केन्द्रीय पात्र होरी ही है. इसके अतिरिक्त धनिया, गोबर, रायसाहब, दुलारी, झुनिया आदि उसी के चरित्र को विकसित करने वाले पात्र प्रतीत होते हैं. यहाँ हम 'गोदान' के केन्द्रीय पात्र और नायक होरी को छोड़कर अन्य प्रमुख पात्रों की भूमिका प्रस्तुत कर रहें. होरी के चरित्र का विश्लेषण अन्य प्रश्न के अन्तर्गत किया जा चुका है. ​होरी के बाद धनिया 'गोदान' की महत्वपूर्ण स्त्री पात्र है. वह होरी की पत्नी और गोबर की माँ है. वह व्यावहारिक, धर्मभीरु, भाग्यवादी, मर्यादा प्रेमिका और अत्यन्त संव...

पद्मावत' - एक परिचय एवं महत्वपूर्ण प्रतीक ​रचनाकार: मलिक मोहम्मद जायसी, Bihar STET / BTET Hindi Special: मलिक मोहम्मद जायसीकृत 'पद्मावत' (Top 30 MCQs & Practice Set)

चित्र
    'पद्मावत' (मलिक मोहम्मद जायसी) पर भाग 1: संक्षिप्त परिचय एवं पद्मावत के प्रतीक तथा सेट 1,2 (प्रश्न 1 से 30) उत्तर व व्याख्या सहित  ​ भाग 1: 'पद्मावत' - एक परिचय एवं महत्वपूर्ण प्रतीक ​ रचनाकार: मलिक मोहम्मद जायसी ​ रचना काल: 1540 ई. (947 हिजरी) ​ भाषा: अवधी (ठेट अवधी) ​ छंद योजना: दोहा-चौपाई शैली (7 चौपाइयों के बाद 1 दोहा - कड़बक शैली) ​ कुल खंड (सर्ग): 57 खंड ​ रस: मुख्य रस शृंगार रस (संयोग एवं वियोग) तथा उत्तरार्द्ध में शांत एवं वीर रस । ​ पद्मावत के रूपक/प्रतीक (परीक्षा की दृष्टि से अति महत्वपूर्ण): पात्र / स्थान किसका प्रतीक है? चित्तौड़ शरीर (Body) राजा रतनसेन मन (Mind) सिंहल द्वीप हृदय (Heart) पद्मावती बुद्धि / सात्विक सत्ता (Paramatma) हीरामन तोता गुरु (Guide) नागमती दुनियाधंधा / सांसारिक बुद्धि राघव चेतन शैतान अल्लाउद्दीन  माया सेट 1: पद्मावत (वस्तुनिष्ठ प्रश्न 1 से 15) ​ Q1. मलिक मोहम्मद जायसीकृत 'पद्मावत' किस काल की रचना है? (A) आदिकाल (B) भक्तिकाल (निर्गुण-स...

Bihar STET Hindi Syllabus 2026 PDF Download (Paper 1 & Paper 2) | बिहार STET हिंदी पाठ्यक्रम और परीक्षा पैटर्न

 Bihar STET Hindi Syllabus 2026 PDF Download (Paper 1 & Paper 2) | बिहार STET हिंदी पाठ्यक्रम और परीक्षा पैटर्न ​यदि आप Bihar STET (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की तैयारी कर रहे हैं और हिंदी विषय (Paper 1 एवं Paper 2) के विस्तृत पाठ्यक्रम (Syllabus) की तलाश में हैं, तो यह लेख आपके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। ​इस पोस्ट में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) द्वारा निर्धारित Bihar STET Hindi Syllabus का पूरा विवरण दिया गया है, जिससे आप अपनी तैयारी को सही दिशा दे सकें। ​ Bihar STET Exam Pattern (परीक्षा पैटर्न) ​Bihar STET परीक्षा में कुल 150 प्रश्न पूछे जाते हैं, जो वस्तुनिष्ठ (MCQs) प्रकार के होते हैं। परीक्षा में कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं होती है। ​ कुल प्रश्न: 150 ​ कुल अंक: 150 ​ समय अवधि: 2 घंटे 30 मिनट ​ विषय अंक (Hindi): 100 अंक ​ शिक्षण कला एवं अन्य दक्षता: 50 अंक ​ 1. Bihar STET Paper 1 Hindi Syllabus (कक्षा 9-10 के लिए) ​पेपर-1 माध्यमिक विद्यालयों (Class 9th & 10th) के शिक्षकों के लिए आयोजित किया जाता है। इसमें स्नातक (Graduation) स्तर के प्रश्न पूछे ज...

Bopdeo ki kahani बोपदेव की कहानी: मंद बुद्धि बालक से महान व्याकरण आचार्य बनने की प्रेरणादायक कथा

चित्र
  बोपदेव की कहानी: मंदबुद्धि बालक से महान व्याकरण आचार्य बनने की प्रेरणादायक कथा ​हमारे इतिहास और पौराणिक प्रसंगों में ऐसी कई कथाएं हैं जो हमें सिखाती हैं कि कड़ी मेहनत, लगन और सही दिशा में किए गए प्रयास से इंसान कुछ भी हासिल कर सकता है। ऐसी ही एक अत्यंत प्रेरणादायक और रोचक कहानी है आचार्य बोपदेव (Bopdeo) की। ​एक समय जिसे लोग मंदबुद्धि और मूर्ख समझते थे, वही बोपदेव आगे चलकर संस्कृत साहित्य और व्याकरण के महान विद्वान बने। आइए जानते हैं बोपदेव के जीवन की यह अद्भुत और प्रेरक कहानी। ​कौन थे बोपदेव? (Who was Bopdeo?) ​बोपदेव 13वीं शताब्दी के संस्कृत के एक प्रकांड पंडित, व्याकरणशास्त्री और चिकित्सक थे। उन्होंने संस्कृत व्याकरण को सरल बनाने के लिए 'मुग्धबोध' (Mugdhbodh) नामक प्रसिद्ध ग्रंथ की रचना की थी। इसके अलावा उन्होंने श्रीमद्भागवत पुराण के सार पर आधारित ग्रंथ और आयुर्वेद पर भी कई महत्वपूर्ण रचनाएं कीं। ​बोपदेव के बचपन की कहानी: जब पढ़ाई में मन नहीं लगता था ​बचपन में बोपदेव पढ़ने-लिखने में बहुत कमजोर थे। वे अपने आश्रम में गुरुजी द्वारा पढ़ाया गया पाठ कभी याद नहीं रख पाते ...

Namak story, नमक कहानी

चित्र
 नमक कहानी, Namak story नमक कहानी, आरोह भाग 2, 12 वीं हिन्दी, नमक कहानी का सारांश, नमक कहानी का प्रतिपाद्य, जन्म भूमि से प्रेम, नमक कहानी की लेखिका रज़िया सज्जाद ज़हीर का जीवन परिचय। Namak story, Aroh 2, 12th Hindi, Rajia Sajjad jahir jiwani नमक कहानी भारत - पाकिस्तान विभाजन के बाद सरहद के दोनों तरफ के विस्थापित और पुनर्वासित लोगों के दिलों को टटोलती एक मार्मिक कहानी है। विस्थापित होकर आई सिख बीबी आज भी लाहौर की यादों को भुला नहीं सकी और लाहौर को ही अपना वतन मानती है। लाहौर से वह नमक लाने की फरमाइश कर देती है। इसी तरह एक कस्टम अधिकारी भी देहली  को अपना वतन बताते हुए गैरकानूनी होते हुए भी नमक ले जाने की इजाजत दे देता है। सिख बीबी की मुलाकात साफिया से एक कीर्तन में होता है। बातचीत के दौरान दोनों में परिचय बढ़ जाता है। साफिया कहती है कि वह अपने भाईयों से मिलने कल ही लाहौर जाने वाली है। अगर आपको वहां से कुछ सौगात मंगाना है तो हमें बताइए। सिख बीबी पुरानी यादों में खो गई । उसने कहा , यदि ला सके तो लाहौर से थोड़ा नमक मेरे लिए ला देना। साफिया लाहौर अपने भाईयों से मिलने चली गई। पंद्रह ...

लंका पति रावण रचित शिव तांडव स्तोत्र का हिंदी अनुवाद

चित्र
  लंका पति रावण रचित शिव तांडव स्तोत्र का हिंदी अनुवाद  लंकपति रावण द्वारा रचित शिव तांडव स्तोत्र भगवान शिव की महिमा, उनके रूप और उनके दिव्य नृत्य (तांडव) का एक अत्यंत शक्तिशाली और संगीतमय वर्णन है। ​नीचे इस स्तोत्र के सभी मुख्य श्लोकों का सरल और स्पष्ट हिंदी अनुवाद दिया गया है: ​श्लोक 1 ​ जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले, गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजङ्गतुङ्गमालिकाम्। डमड्डमड्डमड्डमन्निनादवड्डमर्वयं, चकार चण्डताण्डवं तनोतु नः शिवः शिवम्॥ ​ अनुवाद: जिन शिवजी की घनी जटारूपी वन से निकलती हुई गंगाजी की धाराएं उनके कंठ प्रदेश को पवित्र करती हैं, जिनके गले में सांपों की लंबी और ऊंची माला लटकी हुई है, और जो डमरू की 'डम-डम' ध्वनि के साथ अपना प्रचंड तांडव नृत्य कर रहे हैं, वे कल्याणकारी शिव हमारे कल्याण का विस्तार करें। ​श्लोक 2 ​ जटाकटाहसम्भ्रमभ्रमन्निलिम्पनिर्झरी, विलोलवीचिवल्लरीविराजमानमूर्धनि। धगद्धगद्धगज्ज्वलल्ललाटपट्टपावके, किशोरचन्द्रशेखरे रतिः प्रतिक्षणं मम॥ ​ अनुवाद: जिनकी जटा रूपी कड़ाहे में तेजी से घूमती हुई देव नदी गंगा की चंचल लहरें उनके मस्तक पर सुशोभित हो रह...