Samachar Patra (समाचार पत्र)

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 परिचय, महत्व और उपयोगिता, प्रकार, बेरोजगारों का सहारा, विज्ञापन का माध्यम, कठिनाइयों, उपसंहार।

परिचय

 समाचार-पत्र एक ऐसा सेतु है जो आम जनता को सरकार से जोड़ती है। समाचार- पत्र सरकार के विभिन्न क्रियाकलापों को आम लोगों तक पहुँचता है, साथ ही जनता की राय को भी सरकार तक पहुँचता है। यह लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। समाचार पत्र की परिभाषा इस प्रकार लिखी जा सकती है " ऐसी ताजी घटना, या विचार जिसके प्रति अधिक से अधिक लोगों की रूचि हो और उस घटना का अधिक से अधिक लोगों पर प्रभाव पड़े।"

 समाचार पत्र का महत्व और उपयोगिता

मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। वह विविध प्रकार के संपर्क स्रोतों से जुड़ा रहना चाहता है, इसलिए उसने संचार के विभिन्न दुखों का सूचक किया है। देश-विदेश के विभिन्न लोगों और घटनाओं से संपर्क बनाए रखने के लिए जितने भी साधन उपलब्ध हैं उनमें नया- पत्र सर्व सुलभ, सस्ता और सबसे अधिक अच्छा साधन है। शिक्षा के व्यापक प्रचार- प्रसार से विज्ञान पत्रों का महत्व और भी बढ़ गया है। भोजन, वस्त्र, आवास की तरह यह आज मानव की अनिवार्य आवश्यकता बन गई है। यही कारण है कि उस व्यक्ति सुबह उठने के साथ ही हाथ में चाय लेते हुए न्यूज़ पत्र को याद करता है। मानव सभ्यता और संस्कृति में कहां क्या घटित हो रहा है, इसकी सूचना प्रमाणिक रूप से और विस्तार से हमें न्यूज़ पत्र देते हैं। अपने विज्ञापनों, लेखों, संपादकीय लेखों के अनुसार हमें पत्र लिखकर हमें कई प्रकार के कार्यों से भी आगाह करता है। समाचार पत्र में मनोरंजन की सामग्री भी उपलब्ध रहती है। इसके अलावे साहित्यिक लेख,

प्रकार 

समाचार पत्र हमें देश-विदेश में घटने वाली घटनाओं से परिचित कराता है। इसके कई प्रकार होते हैं। दैनिक, साप्ताहिक, मासिक, तिमाही, और वार्षिक के साथ-साथ संध्या समाचार पत्र हमें देखने को मिलते हैं। दैनिक समाचार पत्रों में प्रतिदिन घटने वाली घटनाओं को प्रकाशित किया जाता है। 24 घंटे के बाद घटने वाली घटनाओं को इसमें स्थान नहीं दिया जाता है। यह समाचार पत्र का डेट लाइन है। साप्ताहिक और मासिक समाचार पत्रों में देश-विदेश में घटित होने वाली घटनाओं का आलोचनात्मक रूप ही अधिक देखने को मिलता है। फिल्मी और आर्थिक घटनाओं को अपने कलेवर में समेटे हुए न्यूज़ पत्र भी प्रकाशित होते हैं। इसी तरह खेलकूद से संबंधित घटनाएं भी समाचार पत्र में छपती हैं।
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बेरोजगारों का सहारा

नव पत्र बेरोजगार नवयुवकों का बहुत बड़ा साथी है। उनके मार्गदर्शन के लिए रोजगार समाचार प्रकाशित होते हैं, जिस तरह से की रिक्तियां और अन्य चीजें प्रकाशित होती हैं, जिससे उन्हें रोजगार मिलने में सहयोग मिल सकता है। कभी-कभी समाचार पत्रों में विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ लोगों का साक्षात्कार प्रकाशित होता है जिससे बेरोजगार भाई बहनों को बहुत मदद मिलती है। बेरोजगार लोगों को हमेशा समाचार पत्रों के संपर्क में रहना चाहिए।

विज्ञापन का माध्यम 

समाचार पत्र समाज सेवा की एक मिशाल है इसलिए यह समाज सेवा में हमेशा तत्पर दिखाई देती है। डाक के द्वारा हमें विभिन्न उत्पादों की जानकारी देकर यह हमारे ज्ञान को विकसित करता है। मंडीयो, सर्राफा बाजार का भाव भी हमें उपलब्ध है। अस्पतालों रेलगाड़ियों, बसों, वायुयान आदि की समय- बर्नी भी इसमें छपती है। तरह-तरह के तारों, विद्यालयों, परीक्षाओं, कोर्ट कचहरियों की सूचना भी न्यूज़ पत्र में प्रकाशित होती हैं। सामाजिक संपर्क, वैवाहिक संपर्क जोड़ने में भी इसकी भूमिका महत्वपूर्ण है। सुयोग्य वर वधु के लिए विज्ञापनों की लोकप्रियता इसी बात के पुख्ता प्रमाण है।

चुनौतियां

आज के समय में समाचार पत्रों को अपनी विश्वसनीयता बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती है। इसे बरकरार रखना उनकी बहुत बड़ी जिम्मेवारी है। कभी-कभी  कुछ स्वार्थी एवं तात्कालिक प्रसिद्धि पाने के लिए कई समाचार पत्र किसी घटना या व्यक्ति को अधिक महत्व देने लगते हैं। यह उनके लिए ठीक नहीं होता है। इससे उनकी विश्वसनीयता कलंकित होने लगती है। इससे पाठकों का विश्वास उठ जाता है। इसलिए समाचार पत्र को ऐसी बातों से बचना चाहिए।

उपसंहार

समाचार- पत्र लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण स्तंभ। आइसे लोकतंत्र का प्रहरि भी कहते हैं। यह सूचना और जनसंपर्क का एक महत्वपूर्ण साधन है, साथ ही, साथ ही बेरोजगारों का मित्र भी है। कभी-कभी स्वार्थी पत्रकारों के कारण इसकी विश्वसनीयता खतरे में पड़ जाती है। इसलिए समाचार पत्रों को हमेशा निष्पक्षता और निस्वार्थ भाव से काम करना चाहिए।

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