संदेश

Hindi लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

रैदास जी के पद प्रभुजी तुम चंदन हम पानी, ninth class Hindi book Ganga se , bhararth, question answer for every exam.

चित्र
 प्रभु जी तुम चंदन हम पानी पद, रैदास जी  रैदास (संत रविदास) जी का यह पद प्रभु जी तुम चंदन हम पानी, भक्ति साहित्य की एक अनमोल धरोहर है। इसमें उन्होंने भक्त और भगवान के अटूट संबंध को बहुत ही सुंदर उपमाओं के माध्यम से समझाया है। यह पद नौवीं कक्षा की नई पुस्तक गंगा से संकलित हैं। यहां वह पद, व्याख्या, भावार्थ, शब्दार्थ और प्रश्न उत्तर दिए गए हैं। ​ प्रभु जी तुम चंदन हम पानी (Prabhu Ji Tum Chandan Hum Paani) ​रैदास के पद (Raidas ke Pad) ​संत रैदास के पद (Sant Raidas ke Pad) ​Prabhu Ji Tum Chandan Hum Paani Lyrics ​रैदास के पद कक्षा 9 (Raidas ke Pad Class 9) ​प्रभु जी तुम चंदन हम पानी का अर्थ (Meaning in Hindi) ​प्रभु जी तुम चंदन हम पानी की व्याख्या (Explanation) ​रैदास के पद भावार्थ (Raidas ke Pad Bhavarth) ​प्रभु जी तुम चंदन हम पानी प्रश्न उत्तर (Question and Answers) ​रैदास की भक्ति भावना (Raidas ki Bhakti Bhavna) ​रैदास के पदों की विशेषताएँ ​प्रभु जी तुम चंदन हम पानी में कौन सा अलंकार है? ​रैदास के पद का केंद्रीय भाव (Central Idea) संत रैदास (रविदास) का जीवन पर...

लिंग (Gender) के सामान्य नियम TGT/PGT NET exam special

चित्र
  लिंग (Gender) ​लिंग का सामान्य अर्थ है चिह्न । व्याकरण में लिंग का अर्थ भेद से है जिससे स्त्री अथवा पुरुष जाति का पता चलता है। दूसरे शब्दों में यह कहा जा सकता है कि शब्द के जिस रूप से स्त्री अथवा पुरुष जाति का बोध होता है उसे लिंग कहते हैं। ​ जैसे: ​नर — नारी ​मर्द — औरत ​बैल — गाय ​सिंह — सिंहनी ​कुत्ता — कुतिया ​मोर — मोरनी आदि। ​हिन्दी में लिंग दो प्रकार के होते हैं— ​ पुल्लिंग (Masculine Gender) ​ स्त्रीलिंग (Feminine Gender) ​ 1. पुल्लिंग — पुरुष जाति का बोध कराने वाले शब्द पुल्लिंग होते हैं। ​ जैसे — नर, लड़का, छात्र, घोड़ा, हाथी, बालक, मोर, वृक्ष, फल, भवन, देश, बंदर, पुत्र, भाई, देवर, पति, धोबी, दास, नौकर, शिक्षक आदि। ​ 2. स्त्रीलिंग — स्त्री जाति का बोध कराने वाले शब्द स्त्रीलिंग कहे जाते हैं। ​ जैसे — नारी, लड़की, बालिका, खिड़की, गाय, भैंस, बकरी, चिट्ठी, माता, साली, बंदरिया, मामी, चिड़िया, दासी, देवरानी, शिक्षिका आदि। ​ पहचान — ​शब्दों के लिंग की पहचान तीन तरह से होती है — ​ 1. प्राकृतिक रूप से: नर, बाघ, घोड़ा, कुत्ता, शेर, बैल, हाथी आदि प्राक...

हम करेंगे आज भारत देश का जयगान, ( 2026-27)HM karenge aaj bharat

चित्र
  जयगान Jaygan poem question answer ( 2026-27) हम करेंगे आज भारत देश का जयगान। द्वेध दुख का अंत होगा, अब न त्रास दुरंत होगा,  अब फहरेगा हमारा एक विजय निशान! हम करेंगे आज भारत देश का जयगान ! यश का गान ! रजत श्रंग तुषार शेखर, तुंग यह हिमवान गिरिवर, हम यहां निर्दवंद्व होकर, बनेंगे गतिवान ! हम करेंगे आज भारत भूमि का जयगान ! यश का गान ! पोत – दल शत शत तरेंगे, पश्चिमी सागर भरेंगे, गर्जना में ध्वनित होगा, देश गौरव मान ! हम करेंगे आज भारत देश का जयगान ! यश का गान! बने विद्या भवन शोभन, देव मंदिर से सुपावन हम करेंगे देश भारत, ज्ञान वृद्ध महान ! हम करेंगे आज भारत देश का जयगान ! यश का गान !  कवि सुब्रमण्यम भारती। मेरे youtube channel Dr.Umesh Hindi Academy भी देखें। शब्दार्थ द्वेध – दो प्रकार के ‌। अंत – समाप्त ।  त्रास – दुख । दुरंत – प्रबल, प्रचंड । गिरि – पर्वत । गति – चाल । तुषार शेखर – बर्फ का घर , हिमालय। जग जीवन में जो चिर महान (क्लिक करें और पढ़ें) हम असत्य से बचें, सत्य पर चलें (क्लिक करें और पढ़ें) यश – प्रसिद्धि। पोत दल – नौकादल । शत – सौ । ध्वनित – गुंजायमान। सुपावन...

जग जीवन में जो चिर महान, jag jivan men jo chir mahan

चित्र
सुमित्रा नंदन पंत   जग जीवन में जो चिर महान,jag jivan me jo chir mahan poem Poet Sumitra Nandan pant ( 2026-27) जग जीवन में जो चिर महान सौंदर्य पूर्ण और सत्य प्राण, मैं उसका प्रेमी बनूं नाथ, जो हो मानव के हित समान। जिससे जीवन में मिले शक्ति, छूटे भय संसार, अंधभक्ति, मैं वह प्रकाश बन सकूं नाथ, मिल जाए जिसमें अखिल व्यक्ति। पाकर प्रभु, तुमसे अमर दान, करके मानव का परित्राण, ला सकूं विश्व में एक बार, फिर से नवजीवन का विहान।  सुमित्रानंदन पंत क्या आप इस पुस्तक को खरीदना चाहते  बिमल हिंदी निबंध ई पुस्तक  क्लिक करें   हैं तो यह ई बुक मात्र 49 रूपए में आपको मिल सकता है। अमेज़न पर उपलब्ध है या हमें कामेट बाक्स में लिखें। शब्द अ शब्दार्थ जग – संसार । सौंदर्य- सुन्दरता। चिर – सदा रहने वाला, अमर। मानव – मनुष्य को। हित – भलाई। शक्ति – ताकत । भय – डर। अंधभक्ति – अंधविश्वास भरी भक्ति। संशय – शक। प्रकाश – रोशनी। अखिल – सब। अमर – जो न मरे। परित्राण – पूरी रक्षा। विश्व – संसार। नवजीवन – नया जीवन। विहान – सवेरा। जग जीवन में जो चिर महान कविता का  भावार्थ सुप्रसिद्ध छायावा...

दो बैलों की कथा, ganga class 9 hindi chapter 01, question answer, 2026 - 27 exam special Do bailo ki katha लेखक – प्रेमचंद

चित्र
  दो बैलों की कथा,  लेखक – प्रेमचंद Do bailo ki katha, story Class 9, ganga book 📚 part 1 With questions answers  Ganga  book class nine  By Bimal hindi  Dr.umesh Hindi Academy  " दो बैलों की कथा " मुंशी प्रेमचंद द्वारा लिखित एक प्रसिद्ध कहानी है। इस कहानी के द्वारा भारतीय किसान किस तरह अपने बैलों को  अपने परिवार की तरह मानते हैं, यह दर्शाया गया है साथ ही यह दिखाया गया है कि आजादी के लिए काफी संघर्ष करने की जरूरत होती है। दो बैलों की कथा कक्षा नौवीं में पढ़ी पढ़ाई जाती है। यहां कहानी का सारांश, लेखक प्रेमचंद का जीवन परिचय एवं पाठ का प्रश्न उत्तर सरल भाषा में दिया गया है। Table of contents दो बैलों की कथा कहानी का सारांश do bailo ki katha kahani ka Saransh, summary of do bailo ki katha, दो बैलों की कथा कहानी के लेखक प्रेमचंद का जीवन परिचय, do bailo ki katha ke lekhak kaun hai, biography of premchand, दोनों बैलों के नाम, हीरा और मोती कैसे बैल थे। कांजीहौस क्या होता है। दो बैलों की कथा कहानी कब लिखी गई थी। दो बैलों की कथा कहानी का संदेश। NCERT solut...

नेताजी का चश्मा, कहानी, 10वीं बोर्ड, 2026- 27)स्वयं प्रकाश, Netaji ka chashma

चित्र
यहां स्वयं प्रकाश जी द्वारा रचित कहानी नेता जी का चश्मा पाठ का सारांश और प्रश्न उत्तर देख सकते हैं।   नेताजी का चश्मा , सारांश और प्रश्न उत्तर, MCQ  लेखक स्वयं प्रकाश Netaji ka chashma, दसवीं कक्षा हिंदी #netajikachashma CBSE 10th Hindi ( 2026- 27) की परीक्षाओं हेतु उपयोगी। विषय सूची 1. नेताजी का चश्मा कहानी का सारांश 2.हालदार साहब का चरित्र चित्रण 3. कैप्टन का चरित्र चित्रण 4. लेखक स्वयं प्रकाश का जीवन परिचय 5. नेताजी का चश्मा कहानी का प्रश्न उत्तर  6.वस्तुनिष्ठ प्रश्न उत्तर MCQ Netaji ka chashma story summery Character of Halddar Saheb Character of captain A biography of Sawayam Prakash Questions answers MCQ type questions answers नेताजी का चश्मा पाठ का सारांश  हालदार साहब कंपनी के काम से हर पन्द्रह दिन में कस्बे से गुजरते हैं। उसके कसबे के मुख्य चौराहे पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी की मूर्ति स्थापित है। लेकिन एक काम बाकी है, जो देखने वाले को खटकती है,   उनकी मूर्ति पर चश्मा नहीं है। हो सकता है कि मूर्ति बनाने वाले ने चश्मा लगाना भूल गया हो।  चश्मे का...