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विघटित भारतीय परिवेश और रागदरबारी, शोध प्रबंध, मगध विश्वविद्यालय, बोधगया

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  विघटित भारतीय परिवेश और रागदरबारी  Magadh University Bodh Gaya             शोधकर्ता - डॉ उमेश कुमार सिंह  अध्याय विषय विवरण पृ. सं. प्रथम अध्याय : सामाजिक विघटन के कारण आर्थिक, सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक। 1 — 16 द्वितीय अध्याय : समाज और परिवार का अन्तर्द्वन्द्व व्यक्तिवाद का व्यापक प्रभाव, पारिवारिक जीवन में स्वच्छन्दता, द्वेष और ईर्ष्या का अभ्युदय, आर्थिक संकट आदि। 17 — 50 तृतीय अध्याय : विघटित समाज और रागदरबारी — वस्तु नियोजन पर विघटन का प्रभाव। 51 — 64 चतुर्थ अध्याय : व्यंग्यमूलक दृष्टि और रागदरबारी व्यंग्यमूलकता और विघटन का संबंध, व्यंग्य के माध्यम से भारतीय जीवन पर प्रहार, व्यंग्य के कई कारण — रचनात्मक संवेदन में आयी हुई तीव्रता। 65 — 82 पंचम अध्याय : पात्र योजना और सामाजिक विघटन पात्रों की क्रिया और सोच पर प्रभाव, पात्रों के व्यवहार में बदलाव। 83 — 100 षष्ठ अध्याय : उपसंहार 101 — 102 सहायक ग्रन्थों की सूची 103 — 104 आत्म निवेदन ​==...

छायावादी कविता में राष्ट्रीय और सामाजिक चेतना, chhayavaadi kavita me rashtriya aur samajik chetna

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