Free Online Hindi Grammar Course – Beginner to Advanced (Complete Guide) part 01 . by Dr. Umesh Kumar Singh, ph- D, Hindi From Magagh University, Bodh Gaya.
Free Online Hindi Grammar Course – Beginner to Advanced (Complete Guide) part 01 . by Dr. Umesh Kumar Singh, ph- D, Hindi From Magagh University, Bodh Gaya.
Free Online Hindi Grammar Course
अगर आप हिंदी भाषा को सही तरीके से पढ़ना , लिखना और सीखना चाहते हैं, तो हिंदी व्याकरण सीखना बहुत जरूरी है, क्योंकि व्याकरण ही हमें शुद्ध शुद्ध बोलना, पढ़ना और लिखना सिखाता है। आपके लिए हम हिंदी व्याकरण का फ्री आनलाइन कोर्स प्रारंभ करने जा रहा हूं। इस Free Online Hindi Grammar Course में हम हिंदी व्याकरण के सभी महत्वपूर्ण topics को आसान भाषा में समझेंगे।
यह course beginners से लेकर advanced learners तक सभी के लिए उपयोगी है। इसमें आप संज्ञा, सर्वनाम, क्रिया, विशेषण और अन्य महत्वपूर्ण grammar topics सीखेंगे।
: हिंदी व्याकरण क्या है?
हिंदी भाषा को सही और शुद्ध रूप से लिखने तथा बोलने के नियमों को हिंदी व्याकरण कहते हैं। व्याकरण हमें यह सिखाता है कि शब्दों और वाक्यों का सही उपयोग कैसे किया जाता है। शुद्ध पढ़ना, बोलना, लिखना जो हमें सिखलाता है, विद्वानों की सम्मति में वही व्याकरण कहलाता है।
हिंदी व्याकरण क्यों जरूरी है?
हिंदी व्याकरण सीखने के कई फायदे हैं:
सही हिंदी लिखने और बोलने में मदद मिलती है।
स्कूल और प्रतियोगी परीक्षाओं में उपयोगी।
भाषा को समझने की क्षमता बढ़ती है।
लेखन कौशल बेहतर होता है।
Sangya क्या है?
संज्ञा की परिभाषा
जिस शब्द से किसी व्यक्ति, स्थान, वस्तु या भाव का बोध होता है, उसे संज्ञा कहते हैं। जैसे राम, पटना, हिमालय, कलम, घर आदि।
संज्ञा के प्रकार
संज्ञा मुख्य रूप से पाँच प्रकार के होते है:
व्यक्तिवाचक संज्ञा
जातिवाचक संज्ञा
भाववाचक संज्ञा
समूहवाचक संज्ञा
द्रव्यवाचक संज्ञा
: संज्ञा के उदाहरण
राम
दिल्ली
किताब
पानी
खुशी
संज्ञा के पांच प्रकार इस प्रकार हैं ---
1. जातिवाचक संज्ञा -- जिस संज्ञा शब्द से क सी जाति भर का बोध हो उसे जातिवाचक संज्ञा कहते हैं। जैसे गाय, आदमी, शहर आदि। अब देखिए, गाय शब्द कहने से पूरी जाति भर का बोध होता है। इसी प्रकार आदमी कहने से परे आदमी जाति का पता चलता है। इसलिए ये जातिवाचक संज्ञा है।
2. व्यक्ति वाचक संज्ञा -- जिस संज्ञा शब्द से किसी खाश व्यक्ति, खाश स्थान, खाश वस्तु का पता चलता है उसे व्यक्ति वाचक संज्ञा कहते हैं। जैसे -- राम, मोहन , हिमालय, चेतक, रामायण आदि।
3. भाव वाचक संज्ञा -- जिस संज्ञा शब्द से किसी भाव, गुण आदि का पता चलता है उसे भाव वाचक संज्ञा कहते हैं। जै से -- अच्छाई, मिठास, मोटापा, आदि।
4. समूह वाचक संज्ञा -- जिस संज्ञा शब्द से किसी झुंड अथवा समूह, भीड़भाड़ का पता चलता है उसे समूह वाचक संज्ञा कहते हैं। जैसे - मेला, भीड़, गुच्छा आदि।
5. द्रव वाचक संज्ञा -- जिस संज्ञा शब्द से किसी नापने तौलने वाली वस्तुओं का बोध होता है उसे द्रव वाचक संज्ञा कहते हैं। जैसे तेल, घी, चीनी, चावल, आटा आदि।
Sarvanam क्या है? सर्वनाम किसे कहते हैं ?
H3: सर्वनाम की परिभाषा
जो शब्द संज्ञा के स्थान पर प्रयोग किया जाता है, उसे सर्वनाम कहते हैं। जैसे वह, यह, तुम , मैं, हमलोग।
सर्वनाम के उदाहरण
मैं
तुम
वह
यह
हम
सर्वनाम के भेद लिखिए।
सर्वनाम के छः भेद हैं --
Kriya क्या है? क्रिया की परिभाषा बताइए।
: क्रिया की परिभाषा
जिस शब्द से किसी कार्य के होने या करने का बोध होता है, उसे क्रिया कहते हैं।
: क्रिया के उदाहरण
खाना
लिखना
पढ़ना
खेलना
उदाहरण वाक्य:
राम किताब पढ़ता है।
बच्चे मैदान में खेल रहे हैं।
: Practice Questions
Question 1
“दिल्ली” किस प्रकार की संज्ञा है?
Question 2
“मैं” किस प्रकार का सर्वनाम है?
Question 3
नीचे दिए गए वाक्य में क्रिया पहचानिए:
राम स्कूल जाता है।
Conclusion निष्कर्ष
इस Free Online Hindi Grammar Course में हमने हिंदी व्याकरण के कुछ महत्वपूर्ण topics के बारे में सीखा। अगर आप नियमित रूप से अभ्यास करेंगे, तो आपकी हिंदी भाषा और भी बेहतर हो जाएगी । 🚀

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