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सवेरे - सवेरे , हिंदी कविता, कवि कुंवर नारायण sawere - sawere , poem in Hindi, poet kuwar narayana

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        सवेरे - सवेरे , हिंदी कविता, कवि कुंवर नारायण sawere - sawere , poem in Hindi, poet kuwar narayana  कार्तिक की एक हंसमुख सुबह! नदी - तट से लौटती गंगा नहाकर सुवासित भींगी हवाएं सदा पावन मां सरीखी अभी जैसे मंदिरों में चढ़ाकर खुशरंग फूल ठंड से सीत्कारती घर में घुसी हो, और सोते देख मुझको जगाती हो -- सिरहाने रख एक फूल हरसिंगार के , नर्म ठंडी उंगलियों से गाल छूकर प्यार से बाल बिखरे हुए तनिक सवांर के -- प्रश्न -- प्रातः काल में नींद से कौन जगाती हैं ? उत्तर -- प्रातःकालीन बेला में नींद से हमें मां जगाती हैं ।  प्रश्न  सवेरे  सवेरे मां सरीखी समीर जगाने आती है । कविता में यह क्यों कहा गया है ? उत्तर -- प्रातः काल में सवेरे सवेरे हमें सोते से मां जगाती हैं। उसी तरह सवेरे सवेरे ठंडी हवाएं थोड़ी तेज होकर हमारे गालों को छूकर हमें जगाती हैं। इसलिए कहा गया है कि सवेरे सवेरे समीर हमें जगाती है मां की तरह। प्रश्न -- ठंडी हवाएं किस प्रकार जगाती हैं ? उत्तर -- ठंडी हवाएं धीरे धीरे सहला कर मां की तरह जगाती हैं । राम नाम की महानता    राम -नाम - मनि दीप धरु जीह देहरि द्वार। 'तुलसी ' भीतर - ब

नाटक लिखने का व्याकरण, नाटक की परिभाषा, नाटक शब्द की उत्पत्ति, नाटक कैसे लिखें,Natak kaise likhen,Natak shabad

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  नाटक लिखने का व्याकरण, नाटक की परिभाषा, नाटक शब्द की उत्पत्ति, नाटक कैसे लिखें,Natak kaise likhen,Natak shabad ki utpati, Natak kise kahte hai हिंदी नाटक  इस पाठ का अनुक्रमांक नाटक लिखने का व्याकरण नाटक की परिभाषा नाटक शब्द की उत्पत्ति हिन्दी नाटक उद्भव और विकास  नाटक कैसे लिखें नाटक और अन्य विधाएं नाटक में समय का बंधन नाटक के तत्व नाटक के विषय नाटक में स्वीकार और अस्वीकार की अवधारणा नाटक की शिल्प संरचना नाटक की भाषा कैसी हो? नाटक लिखने में कितना समय लग सकता है ? नाटक में कितने अंक होते हैं ? नाटक के पांच प्रकार नाटक के संवाद कैसे हो ? एक अंक के नाटक को क्या कहते हैं ? नाटक का प्रारंभ कब से माना जाता है ? Hindi natak, hindi natak udbhaw aur vikas  नाटक शब्द ' नट ' शब्द से बना है। यह साहित्य की एक सशक्त विधा है परन्तु यह साहित्य की अन्य विधाओं जैसे कहानी, कविता आदि से थोड़ा भिन्न है। यहां नाटक लिखने का व्याकरण, नाटक लिखने का प्रारूप, नाटकों की भाषा, संवाद, तथा नाटक लिखने के विषय आदि पर विस्तार से चर्चा की गई है। नाटक लिखने का व्याकरण  मराठी नाटककार विजय तेंदुलकर लिखते हैं , &q

कविता क्या है ?, Kavita kya hai,कैसे बनती है कविता, कविता में शब्दों का चयन कैसे किया जाता है ? कविता में विंब किसे कहते हैं? कविता में छंद क्या होता है ? कविता की संरचना और कविता के घटक

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  कविता क्या है ? kavita kya hai, कैसे बनती है कविता, kavita kaise banti hai, कविता में शब्दों का चयन कैसे किया जाता है ? कविता में विंब किसे कहते हैं? कविता में छंद क्या होता है ? कविता की संरचना और कविता के घटक। ***********"*"*********************""***""******** कविता क्या है ? पंडित विश्वनाथ के अनुसार ( वाक्यं रसात्मकं काव्यं ) रसमय वाक्य ही काव्य है। वहीं पंडित राज जगन्नाथ कहते हैं कि रमणीय अर्थ का प्रतिपादक ( रमणीयार्थ प्रतिपालक: शब्द काव्यम् ) शब्द ही काव्य है। आचार्य रामचंद्र शुक्ल के अनुसार काव्य का चरम लक्ष्य सर्वभूत को आत्मभूत करके अनुभव कराना है। कहने का तात्पर्य है कि जीवन के प्रति कवि अनुभूत भावों की सत्य पर रागात्मक अभिव्यक्ति ही काव्य है, जिसके लिए छंद, मात्रा , काव्य गुण, अलंकारादि का औचित्य निर्वाह हो जाता है। अर्जेंटीना के स्पेनिश लेखक जार्ज लुईस बोर्खेस के अनुसार ' कविता कोने में घात लगाए बैठी है, यह हमारे जीवन में किसी भी क्षण बसंत की तरह आ सकती है।' नाटक कैसे लिखें। नाटक किसे कहते हैं ? कैसे बनती है कविता ? कविता बनने की कहानी

छोटा मेरा खेत, कविता कवि उमाशंकर जोशी , chhota mera khet, poem , Umashankar Joshi

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छोटा मेरा खेत, कविता कवि उमाशंकर जोशी , chhota mera khet, poem , Umashankar Joshi, 12 th class Hindi  छोटा मेरा खेत, कविता, व्याख्या, कविता में खेत की तुलना कागज के पन्नों से क्यों की गई है ? कवि ने अपनी तुलना किससे की है ? छोटा मेरा खेत कविता का प्रश्न उत्तर , बारहवीं कक्षा हिंदी, आरोही, हिन्दी पुस्तक।  कवि उमाशंकर जोशी ने रूपक के माध्यम से अपने कवि कर्म को कृषक के समान बताया है । किसान अपने खेत में बीज होता है , बीज अंकुरित होकर पौधा बनता है।  फिर पुष्पित पल्लवित होकर जब परिपक्वता को प्राप्त होता है तब उसकी कटाई होती है । यह अन्न जनता का पेट भरता है  कवि कागज को अपना खेत मानता है। किसी क्षण आई भावनात्मक आंधी में वह इस कागज पर बीज वपन करता है । कल्पना का आश्रय पाकर भाव विकसित होता है। यही बीज का अंकुरण है। शब्दों के अंकुर निकलते हैं। रचना स्वरूप ग्रहण करने लगती है। इस अंकुरण से प्रस्फुटित हुई रचना में अलौकिक रस होता है जो अनंत काल तक पाठक को अपने में डूबे रहता है। कवि ऐसी खेती करता है जिसकी कविता का रस कभी समाप्त नहीं होता। छोटा मेरा खेत, कविता Chhota Mera khet poem  छोटा मेरा खेत चौक

Samachar Lekhan, 11th & 12th समाचार लेखन

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  समाचार - लेखन, Samachar Lekhan , समाचार के छः ककार, 11th & 12th class, NCERT and other states board exam.  समाचार लेखन, samachar lekhan, समाचार के आवश्यक तत्व, नवीनता, निकटता, प्रभाव क्षेत्र, जनरूचि, टकराव या संघर्ष, महत्वपूर्ण लोग, उपयोगी जानकारी, अनोखापन, पाठक वर्ग, नीतिगत ढांचा। समाचार की उल्टा पिडामीड शैली। समाचार में मुखड़ा या इंट्रो। समाचार में छः ककार क्या है ? किसी भी ऐसी ताजी घटना , विचार या समस्या की रिपोर्ट , जिसमें अधिक से अधिक लोगों की रूचि हो और उस घटना का अधिक से अधिक लोगों पर प्रभाव पड़ता है, उसे समाचार कहते हैं। समाचार ऐसी घटनाएं या समस्याओं को कहते हैं, जो ताजी हो, जिसमें अधिक लोगों की रूचि हो और उस घटना अथवा समस्या का संबंध अधिक लोगों से हो‌। उसके प्रभाव में बहुत लोग आते हों। समाचार के प्रमुख तत्व निम्नलिखित हैं 1. नवीनता -- समाचार नया हो, न्यू होना समाचार की पहली और सबसे महत्वपूर्ण तत्व है। प्रायः हर समाचार पत्र में पिछले 24 घंटे में घटी घटना ही समाचार बनती है। 24 घंटे से अधिक होने पर समाचार बासी हो जाती है। इसलिए 24 घंटे की अवधि को समाचार की डेड लाइन कहते हैं

हिन्दी कहानी, परिभाषा, तत्व, उद्भव और विकास, Hindi story, definition,

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हिन्दी कहानी : परिभाषा, तत्व, उद्भव और विकास, कहानी के भेद, कहानी और उपन्यास में अंतर। विषय सूची कहानी की परिभाषा एवं लक्षण कहानी के तत्व, कहानी और उपन्यास में अंतर कहानी के भेद कहानी का उद्भव और विकास हिन्दी कहानी की परिभाषा एवं लक्षण वैसे तो कहानी का सामान्य अर्थ ' कहना ' होता है, लेकिन आज हिन्दी साहित्य में कहानी शब्द एक साहित्य के विधा के लिए प्रयोग किया जाता है। कहानी की परिभाषा विभिन्न विद्वानों ने इस प्रकार दी है -- पाश्चात्य साहित्यिक विद्वान एडगर एलन ने  कहानी को रसोद्रेक करने वाला एक ऐसा आख्यान माना है जो एक ही बैठक में पढा जा सके। एच. जी. वेल्स ने कहानी के संबंध में कहा है कि - कहानी तो बस वही है जिसे लगभग बीस मिनट में साहस और कल्पना के साथ पढ़ी जाय। कहानी के स्वरूप को स्पष्ट करते हुए हिन्दी साहित्य के महान कथाकार मुंशी प्रेमचंद लिखते हैं -- " कहानी एक रचना है, जिसमें जीवन के लिए एक अंग या किसी एक मनोभाव को प्रदर्शित करना ही लेखक का उद्देश्य रहता है। ---  उपन्यास की भांति उसमें मानव जीवन का संपूर्ण तथा वृहद रूप दिखाने का प्रयास नहीं किया जाता। न उसमें उपन्यास की

Apathit Bodh, अपठित बोध, अपठित गद्यांश और पद्यांश पर आधारित प्रश्न कैसे हल करें

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 अपठित बोध का तात्पर्य ऐसे गद्यांश अथवा पद्यांश से है जिसे विद्यार्थियों ने पाठ्यक्रम में शामिल किसी पाठ्य-पुस्तकों में नहीं पढ़ा हो। ऐसे गद्यांश अथवा पद्यांश किसी भी पुस्तक या पत्र - पत्रिकाओं से लिया जा सकता है। विद्यार्थियों को अपनी सूझबूझ से उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर देना होता है।  अपठित गद्यांश अथवा पद्यांश पर आधारित प्रश्नों के उत्तर देने के लिए जानने योग्य बातें 1. एकाग्र होकर पढ़ना -  प्रश्न - पत्र के अपठित गद्यांश अथवा पद्यांश को दो - तीन बार ध्यान से पढ़ें और इसके भाव को समझने का प्रयास करें। यदि निहित भाव समझ में नहीं आए तो पुनः पढ़ कर समझने का प्रयास करें। रेखांकित शब्दों का अर्थ - कभी कभी अपठित गद्यांश अथवा पद्यांश में कुछ शब्द रेखांकित किया रहता है। इनके अर्थ अथवा भाव लिखना होता है। कभी कभी इन शब्दों के एक से अधिक अर्थ होते हैं। इसलिए यह ध्यान रखना चाहिए कि प्रसंग के अनुसार अर्थ लिखें। प्रश्नों को ध्यान से पढ़ें - पूछे गए प्रश्नों को ध्यान से पढ़ें। प्रश्नों द्वारा क्या पूछा जा रहा है। प्रश्नों के क्या अर्थ है , इसे अच्छी तरह समझ लेना चाहिए। अपठित गद्यांश अथवा पद्यां

Namak story, नमक कहानी

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 नमक कहानी, Namak story नमक कहानी, आरोह भाग 2, 12 वीं हिन्दी, नमक कहानी का सारांश, नमक कहानी का प्रतिपाद्य, जन्म भूमि से प्रेम, नमक कहानी की लेखिका रज़िया सज्जाद ज़हीर का जीवन परिचय। Namak story, Aroh 2, 12th Hindi, Rajia Sajjad jahir jiwani नमक कहानी भारत - पाकिस्तान विभाजन के बाद सरहद के दोनों तरफ के विस्थापित और पुनर्वासित लोगों के दिलों को टटोलती एक मार्मिक कहानी है। विस्थापित होकर आई सिख बीबी आज भी लाहौर की यादों को भुला नहीं सकी और लाहौर को ही अपना वतन मानती है। लाहौर से वह नमक लाने की फरमाइश कर देती है। इसी तरह एक कस्टम अधिकारी भी देहली  को अपना वतन बताते हुए गैरकानूनी होते हुए भी नमक ले जाने की इजाजत दे देता है। सिख बीबी की मुलाकात साफिया से एक कीर्तन में होता है। बातचीत के दौरान दोनों में परिचय बढ़ जाता है। साफिया कहती है कि वह अपने भाईयों से मिलने कल ही लाहौर जाने वाली है। अगर आपको वहां से कुछ सौगात मंगाना है तो हमें बताइए। सिख बीबी पुरानी यादों में खो गई । उसने कहा , यदि ला सके तो लाहौर से थोड़ा नमक मेरे लिए ला देना। साफिया लाहौर अपने भाईयों से मिलने चली गई। पंद्रह दिन वहां