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Namak story, नमक कहानी

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 नमक कहानी, Namak story नमक कहानी, आरोह भाग 2, 12 वीं हिन्दी, नमक कहानी का सारांश, नमक कहानी का प्रतिपाद्य, जन्म भूमि से प्रेम, नमक कहानी की लेखिका रज़िया सज्जाद ज़हीर का जीवन परिचय। Namak story, Aroh 2, 12th Hindi, Rajia Sajjad jahir jiwani नमक कहानी भारत - पाकिस्तान विभाजन के बाद सरहद के दोनों तरफ के विस्थापित और पुनर्वासित लोगों के दिलों को टटोलती एक मार्मिक कहानी है। विस्थापित होकर आई सिख बीबी आज भी लाहौर की यादों को भुला नहीं सकी और लाहौर को ही अपना वतन मानती है। लाहौर से वह नमक लाने की फरमाइश कर देती है। इसी तरह एक कस्टम अधिकारी भी देहली  को अपना वतन बताते हुए गैरकानूनी होते हुए भी नमक ले जाने की इजाजत दे देता है। सिख बीबी की मुलाकात साफिया से एक कीर्तन में होता है। बातचीत के दौरान दोनों में परिचय बढ़ जाता है। साफिया कहती है कि वह अपने भाईयों से मिलने कल ही लाहौर जाने वाली है। अगर आपको वहां से कुछ सौगात मंगाना है तो हमें बताइए। सिख बीबी पुरानी यादों में खो गई । उसने कहा , यदि ला सके तो लाहौर से थोड़ा नमक मेरे लिए ला देना। साफिया लाहौर अपने भाईयों से मिलने चली गई। पंद्रह ...

पत्रकारिता किसे कहते हैं? पत्रकारिता के प्रकार, पत्रकारिता के मुख्य आयाम, अच्छे पत्रकार के गुण

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  पत्रकारिता किसे कहते हैं? पत्रकारिता के प्रकार, पत्रकारिता के मुख्य आयाम, अच्छे पत्रकार के गुण 12 th board special  विषय सूची  1. पत्रकारिता किसे कहते हैं? 2.पत्रकारिता के मुख्य आयाम  3. पत्रकारिता के प्रकार  अच्छे पत्रकार के गुण। प्रिय साथियों! इस लेख में हमलोग लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पत्रकारिता के बारे में जानकारी प्राप्त करें। पत्रकारिता किसे कहते हैं ? पत्रकारिता के मुख्य आयाम क्या है ? पत्रकारिता के कितने प्रकार होते हैं तथा एक अच्छे पत्रकार में क्या क्या गुण होने चाहिए।साथ ही पीत पत्रकारिता, वाचडाग पत्रकारिता आदि के विषय में जानकारी प्राप्त करेंगे जिससे  11वीं कक्षा और 12वीं कक्षा के छात्र छात्राओं को विशेष लाभ प्राप्त हो। 1.पत्रकारिता किसे कहते हैं ? पत्रकारिता आधुनिक समाज का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। दूसरे शब्दों में कहा जा सकता है कि देश विदेश में घटने वाली घटनाओं, सूचनाओं और विचारों को संकलित करके उन्हें संपादित करना और उन्हें जनता तक पहुंचाना ही पत्रकारिता है। पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ माना जाता है।यह समाज में पारदर्शिता बनाए रखने और ...

रजनी, एकांकी ,( 2026 exam special)लेखिका मन्नू भंडारी, Rajni ,Mannu Bhandari

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  रजनी, एकांकी, लेखिका मन्नू भंडारी, Rajni, Mannu Bhandari मन्नु भंडारी का जीवन परिचय , रजनी पाठ का प्रश्न उत्तर question answer for 2026 exam special  रजनी सुप्रसिद्ध लेखिका मन्नू भंडारी द्वारा लिखित एक प्रसिद्ध एकांकी है जिसमें विभिन्न विद्यालयों में ट्यूशन के नाम पर छात्रों के शोषण का जीवन्त वर्णन किया गया है। साथ ही  शासन - प्रशाासन की अकर्मण्यता  भी दर्शाया गया है।   यहां एकांकी का सारांश, प्रश्न उत्तर, शब्दार्थ और संदेश का वर्णन किया गया है जिससे पाठकों में जागरूकता पैदा हो। ग्यारहवीं कक्षा में इसका अध्यापन होता है। रजनी एकांकी का सारांश, रजनी एकांकी का पात्र परिचय, रजनी एकांकी पाठ से हमें क्या शिक्षा मिलती है ? रजनी पाठ का प्रश्न उत्तर, ग्यारहवीं कक्षा हिन्दी प्रश्न उत्तर, लेखिका मन्नू भंडारी का जीवन परिचय। शिक्षक ट्यूशन की लालच में छात्रों का शोषण कैसे करते हैं ? लेखिका मन्नू भंडारी का जीवन परिचय Mannu Bhandari  मन्नू भंडारी का असली नाम महेंद्र कुमारी था। इनका जन्म 1931 ई. में राजस्थान के भानपुरा नामक स्थान में हुआ था। नई कहानी के आंदोलन में इ...

हिन्दी कहानी, परिभाषा, तत्व, उद्भव और विकास, NET , TGT PGT exams Hindi story, definition,

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हिन्दी कहानी : परिभाषा, तत्व, उद्भव और विकास, कहानी के भेद, कहानी और उपन्यास में अंतर। विषय सूची कहानी की परिभाषा एवं लक्षण कहानी के तत्व, कहानी और उपन्यास में अंतर कहानी के भेद कहानी का उद्भव और विकास हिन्दी कहानी की परिभाषा एवं लक्षण वैसे तो कहानी का सामान्य अर्थ ' कहना ' होता है, लेकिन आज हिन्दी साहित्य में कहानी शब्द एक साहित्य के विधा के लिए प्रयोग किया जाता है। कहानी की परिभाषा विभिन्न विद्वानों ने इस प्रकार दी है -- पाश्चात्य साहित्यिक विद्वान एडगर एलन ने  कहानी को रसोद्रेक करने वाला एक ऐसा आख्यान माना है जो एक ही बैठक में पढा जा सके। एच. जी. वेल्स ने कहानी के संबंध में कहा है कि - कहानी तो बस वही है जिसे लगभग बीस मिनट में साहस और कल्पना के साथ पढ़ी जाय। कहानी के स्वरूप को स्पष्ट करते हुए हिन्दी साहित्य के महान कथाकार मुंशी प्रेमचंद लिखते हैं -- " कहानी एक रचना है, जिसमें जीवन के लिए एक अंग या किसी एक मनोभाव को प्रदर्शित करना ही लेखक का उद्देश्य रहता है। ---  उपन्यास की भांति उसमें मानव जीवन का संपूर्ण तथा वृहद रूप दिखाने का प्रयास नहीं किया जाता। न उसमें उपन्यास की...

नमक का दारोगा (कहानी)Namak ka daroga, प्रेमचंद

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Namak ka daroga story  प्रेमचंद का जीवन परिचय, नमक का दारोगा कहानी का सारांश, नमक का दारोगा कहानी का उद्देश्य, नमक का दारोगा : एक आदर्शोन्मुखी यथार्थवादी कहानी, नमक का दारोगा कहानी का प्रश्न- उत्तर। Namak ka daroga  MCQ with answers Namak ka daroga story, 11th hindi,Aroh NCERT solutions, premchand jiwan parichay,  Namak ka daroga MCQ with answers, namak ka daroga kahani ka sarans, namak ka daroga kahani ka uddeshya, namak ka daroga kahani ka sarans, Namak ka daroga kahani me kisaki Jeet hui, namak ka daroga kahani ke lekhak kaun hai  १. प्रेमचंद का जीवन परिचय मुंशी प्रेमचंद का जन्म (सन् 1880) उत्तर प्रदेश के लमही नामक गाँव में हुआ था। पूर्व अवस्था खराब होने के कारण जैसे तैसे बी। ए। किया है। प्रेमचंद आगे पढ़ना चाहते थे, किंतु घर की स्थिति ठीक नहीं होने के कारण उन्हें सरकारी स्कूल में नौकरी करनी पड़ी। मृत्यु 1936 में हुई। प्रमुख रचनाएँ सेवा सदन, प्रेमाश्रम, रंगभूमि, निर्मला, कायाकल्प, गवन, गोदान।  उन्होंने लगभग तीन हजार कहानियाँ लिखी हैं जो मानसरोवर नाम से आठ भागो...

छोटा मेरा खेत, कविता, question answer कवि उमाशंकर जोशी , chhota mera khet, poem , Umashankar Joshi

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छोटा मेरा खेत, कविता कवि उमाशंकर जोशी , chhota mera khet, poem , Umashankar Joshi, 12 th class Hindi question answer  छोटा मेरा खेत, कविता, व्याख्या, कविता में खेत की तुलना कागज के पन्नों से क्यों की गई है ? कवि ने अपनी तुलना किससे की है ? छोटा मेरा खेत कविता का प्रश्न उत्तर , बारहवीं कक्षा हिंदी, आरोही, हिन्दी पुस्तक।  कवि उमाशंकर जोशी ने रूपक के माध्यम से अपने कवि कर्म को कृषक के समान बताया है । किसान अपने खेत में बीज होता है , बीज अंकुरित होकर पौधा बनता है।  फिर पुष्पित पल्लवित होकर जब परिपक्वता को प्राप्त होता है तब उसकी कटाई होती है । यह अन्न जनता का पेट भरता है  कवि कागज को अपना खेत मानता है। किसी क्षण आई भावनात्मक आंधी में वह इस कागज पर बीज वपन करता है । कल्पना का आश्रय पाकर भाव विकसित होता है। यही बीज का अंकुरण है। शब्दों के अंकुर निकलते हैं। रचना स्वरूप ग्रहण करने लगती है। इस अंकुरण से प्रस्फुटित हुई रचना में अलौकिक रस होता है जो अनंत काल तक पाठक को अपने में डूबे रहता है। कवि ऐसी खेती करता है जिसकी कविता का रस कभी समाप्त नहीं होता। छोटा मेरा खेत, कविता Chhot...