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संस्कृति, कक्षा दसवीं, sanskriti class 10th , संस्कृत कौन है ? सभ्यता क्या है ? लेखक भदंत आनंद कौसल्यायन, सारांश, प्रश्नोत्तर, लेखक भदंत आनंद कौसल्यायन का परिचय

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साना - साना हाथ जोडि --- लेखिका - मधु कांकरिया Sana- Sana hath jodi --- Madhu Kankariya, class 10th

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साना - साना हाथ जोडि --- लेखिका - मधु कांकरिया Sana- Sana hath jodi --- Madhu Kankariya, class 10th 10वीं कक्षा, हिंदी, साना साना हाथ जोडि -- पाठ का सारांश, साना साना हाथ जोडि -- का क्या अर्थ है ? साना साना हाथ जोडि पाठ की लेखिका मधु कांकरिया का जीवन परिचय, कक्षा दसवीं हिन्दी का प्रश्न उत्तर, questions answers class 10th , Sana Sana hath jodi, summary and questions answers.gangtok , सिक्किम की राजधानी गैंगटोक, मधु कांकरिया का यात्रा वृत्तांत। साना- साना हाथ जोडि पाठ का सारांश summary of Sana sana hath jodi यह पाठ यात्रा वृतांत शैली में रचा गया है।  इस पाठ की लेखिका महानगरों की भाव शून्यता, भागमभाग और यंत्र वत जीवन की ऊब को दूर-दूर की यात्राओं की ओर ले जाती है और उन्हीं यात्राओं के अनुभव को उन्होंने अपनी यात्रा वृतांत में लिपिबद्ध किया है । साना साना जोड़ि में पूर्वोत्तर भारत के सिक्किम राज्य की राजधानी गंगटोक और उसके आगे हिमालय की यात्रा का वर्णन है।  हिमालय की अनंत सौंदर्य का ऐसा अद्भुत और काव्यात्मक वर्णन लेखिका ने किया है जैसे मानो हिमालय का पल-पल परिवर्तित सौंदर्य हम स्वयं अपनी आं

उत्साह कविता , कवि सूर्यकांत त्रिपाठी निराला, utsah kavita class tenth, suryakant Tripathi Nirala

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           by Dr.Umesh Kumr Singh उत्साह कविता , कवि सूर्यकांत त्रिपाठी निराला, utsah kavita class tenth, suryakant Tripathi Nirala class tenth  बादल, गरजो !- घेर घेर घोर गगन, धराधर ओ ! ललित ललित , काले घुंघराले, बाल कल्पना के से पाले, विद्युत छवि उर में, कवि नवजीवन वाले ! व्रज छिपा , नूतन कविता  फिर भर दो - बादल, गरजो ! विकल विकल , उन्मन थे उन्मन  विश्व के निदाघ के सकल जन , आए अज्ञात दिशा से अनंत के घन! तप्त धरा, जल से फिर शीतल कर दो - बादल गरजो ! शब्दार्थ गगन - आकाश। धराधर - बादल। ललित - सुन्दर। विद्युत छवि - बिजली की चमक। नूतन - नया। विकल - परेशान। उन्मन - अनमनापन भाव। निदाघ - गर्मी । सकल - सब। तप्त - तपती हुई। कविता का अर्थ एवं भावार्थ उत्साह कविता  कवि बादलों से आग्रह करता है -- से बादल खूब गरजो। आकाश में घिर घिर कर खूब बरसों। हे बादल ! काले काले, घुंघराले बादल! तुम बाल कल्पना के जैसे हो। तुम्हारे भीतर नव जीवन और बिजली की चमक छिपी है, व्रज भी छिपा है, तुम एक नयी कविता को जीवन दो।  हे बादल ! इस गर्मी से तप्त धरती के लोगों को राहत दो। तुम अज्ञात दिशा से आकर गरजो, बरसो। जल भर दो, शीत

अपने छोटे भाई को एक पत्र लिखो जिसमें सच्चे मित्र के गुणों का वर्णन किया गया हो। Write a letter to younger brother describe quality of good friend.

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  अपने छोटे भाई को एक पत्र लिखो जिसमें सच्चे मित्र के गुणों का वर्णन किया गया हो। Write a letter to younger brother describe quality of good friend. स्थान दिनांक प्रिय अनुज सुशील,  शुभ आशीर्वाद। यहां का सब समाचार ठीक है। आशा है तुम भी अपने छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर  रहे होंगे। आज रविवार है और प्रत्येक सप्ताह की तरह आज भी मैं तुम्हें एक पत्र में कुछ जरूरी बातें बता रहा हूं। इसे अपने जेहन में बैठकर रखना, बहुत काम आएगा। जब कोई नौजवान बाहर निकलता है तो उसके सिर पर मित्रता की धून सवार रहती है। स्कूल में, लाइब्रेरी में, खेल के मैदान में, बाजार में , जहां देखो वहीं दोस्ती का हाथ बढ़ा देते हैं। परन्तु हम जिससे मित्रता करते हैं, क्या वह मित्रता के लायक है या नहीं, इस पर हम कोई विचार नहीं करते। तो आओ, हम तुम्हें अच्छे मित्र के गुणों के बारे में जानकारी देते हैं। एक अच्छा मित्र औषधि के समान होता है। वह हमारे चरित्र के दोषों को दूर करता है और अच्छी बातें बताता है। अच्छा मित्र बुरा मार्ग पर चलने से रोकता है और अच्छे मार्ग पर चलने को प्रेरित करता है। वह सदा हमें ऊपर उठने में मदद करता है। अच्छा मित

संगतकार , कविता, कवि मंगलेश डबराल, भावार्थ एवं व्याख्या sangatkar poem class 10, Manglesh dabral, summary, questions answers.

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  संगतकार , कविता, कवि मंगलेश डबराल,  भावार्थ एवं व्याख्या sangatkar poem class 10, Manglesh dabral, summary, questions answers. Class 10th Hindi Table of contents संगतकार कविता के कवि का क्या नाम है। संगतकार की भूमिका, संगतकार कविता का उद्देश्य क्या है ? संगतकार किसे कहा जाता है ? संगतकार कविता के कवि का क्या उद्देश्य है ? संगतकार मुख्य गायक गायिकाओं की मदद कब करता है ? Tenth Hindi poem exercises.kshitiz - 2 summary , questions answers sangatkar poem Summary of poem sangatkar.            संगतकार कविता का सारांश संगतकार कविता गायन में मुख्य गायक का साथ देने वाले संगतकार की भूमिका के महत्व पर विचार करती है। संगतकार केवल गायन में नहीं फिल्म, नाटक आदि में भी होते हैं। संगतकार मुख्य गायक का साथ देता है । जब मुख्य गायक भारी आवाज में गाता है तब वह अपनी कोमल सुंदर आवाज में गायन को और अधिक सुंदर बना देता है। वह शिष्य हो सकता है, और छोटा भाई भी । जब मुख्य गायक अंतरे की जटिलताओं में खो जाता है या सरगम को लांघ जाता है, तब संगतकार ही स्थाई को संभाल कर गायन को आगे बढ़ाता है। कभी-कभी वह मुख्य गायक

Balgobin Bhagat class tenth MCQ , बालगोबिन भगत , सारांश, प्रश्न उत्तर

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बालगोबिन भगत , कक्षा दसवीं, हिंदी, सारांश, प्रश्न उत्तर, बोर्ड परीक्षा के लिए, Balgobin Bhagat , class tenth, Hindi, summary, questions answers, MCQ, for board exam.  ' बालगोबिन भगत  ' सुप्रसिद्ध साहित्यकार रामवृक्ष बेनीपुरी द्वारा रचित एक रेखाचित्र है जिसके माध्यम से लेखक ने एक ऐसे चरित्र का उद्घाटन किया है जो मनुष्यता, लोक संस्कृति, और सामूहिक चेतना का प्रतीक है। केवल बाह्य वेशभूषा या वाह्याडंवर से कोई संत नहीं हो जाता बल्कि संत का चरित्र ही सबसे बड़ी पहचान है। बालगोबिन भगत में यही देखने को मिलता है। वे सचमुच संन्यासी दिखते हैं। यह पाठ वर्ण व्यवस्था और सामाजिक रूढ़ियों पर करारा प्रहार है। लेखक ने बालगोबिन भगत के माध्यम से ग्रामीण जीवन की झांकी प्रस्तुत किया है। यहां कक्षा दसवीं में पढाएं जाने वाले पाठ बालगोबिन भगत का सारांश , प्रश्न उत्तर और बहुवैकल्पिक प्रश्न उत्तर MCQ  board exam  को ध्यान में रखकर दिए गए हैं जो छात्र - छात्राओं को लाभान्वित करेगा। विषय - सूची बालगोबिन भगत पाठ का सारांश, बाल गोबिंद भगत पाठ के लेखक का परिचय बालगोबिन भगत पाठ का प्रश्न उत्तर बालगोबिन भगत पाठ क

Yah danturit muskaan यह दंतुरित मुस्कान

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  यह दंतुरित मुस्कान , कवि नागार्जुन, yah         danturit muskaan, poet                              Nagarjuna यह दंतुरित मुस्कान कविता, यह दंतुरित मुस्कान कविता का भावार्थ,यह दंतुरित मुस्कान कविता का प्रश्न उत्तर, कवि नागार्जुन का जीवन परिचय, yah danturit muskaan poem, poet Nagarjuna, Baba Nagarjuna, summary of yah danturit muskaan, solutions NCERT, questions answers of poem yeh danturit muskaan MCQ type questions answers, वस्तुनिष्ठ प्रश्न उत्तर कवि नागार्जुन अपने छोटे बच्चे की मुस्कान देखकर अत्यंत प्रसन्न है। बच्चे के मुंह में छोटे-छोटे दांत हैं। उस मुस्कान को देखकर पत्थर दिल भी पिघल जाता है। बच्चा उसे पहचानता नहीं है। मां माध्यम बनती है। यह कविता वात्सल्य रस का अनूठा उदाहरण है।           यह दंतुरित मुस्कान कविता तुम्हारी यह दंतुरित मुस्कान मृतक में भी डाल देगी जान धूलि - धूसर तुम्हारे ये गात--- छोड़कर तालाब मेरी झोपडी में खिल रहे जलजात  परस पाकर तुम्हारा ही प्राण, पिघलकर जल बन गया होगा कठिन पाषाण छू गया तुमसे कि झरने लग पड़े शेफालिका के फूल बांस था कि बबूल ? भावार्थ  कवि अपने पुत्

Mata ka Anchal, माता का आंचल, शिवपूजन सहाय

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 माता का आंचल, कहानी, लेखक शिव पूजन सहाय,Mata ka Anchal,10thclass, Hindi, Shivpujan Sahay क्षितिज, 10वीं हिंदी, माता का आंचल कहानी का सारांश, लेखक आचार्य शिवपूजन सहाय का जीवन परिचय, शिवपूजन सहाय का जन्म, उनकी प्रमुख रचनाएं, हिन्दी साहित्य में शिवपूजन सहाय का योगदान,माता का आंचल कहानी कहा से ली गई है। माता का आंचल साहित्य की कौन सी विधा है। माता का आंचल किस शैली में लिखी गई है। माता का आंचल शीर्षक उचित है,या अनुचित। माता का आंचल कहानी की कौन सी घटना पाठक को अधिक प्रभावित करती है। माता का आंचल कहानी की पृष्ठभूमि, माता का आंचल कहानी का मूल भाव, माता का आंचल कहानी का प्रश्न उत्तर। Kshitij 10th, hindi, Mata ka Anchal sarans,Mata ka Anchal story in Hindi, biography of writer Shivpujan Sahay, birth, books of Shivpujan Sahay, hindi sahitya me Shivpujan Sahay ka yogdan, title of story, main theme of Mata ka Anchal, dehati duniya, NCERT solutions, वस्तुनिष्ठ प्रश्न उत्तर, MCQ  माता का आंचल कहानी का सारांश, summary of story Mata ka Anchal, written by Shivpujan Sahay लेखक के पिता सवेरे सवेरे उठकर