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Ram Lakshman Parasuram Sambad question answer 2026-27 exam special, tenth board

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सूरदास के पद, जीवन परिचय  राम लक्ष्मण परशुराम संवाद www.bimalhindi.in रामचरितमानस महाकवि गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित एक उत्कृष्ट महाकाव्य है। इसमें श्रीराम के चरित्र का बहुत सुंदर वर्णन किया गया है। रामचरितमानस के बाद कांड में श्री राम - लक्ष्मण - परशुराम का संवाद एक प्रमुख प्रसंग है। जनकपुर में धनुष भंग होने पर परशुरामजी का आगमन होता है। परशुराम जी श्रीविष्णु के ही अवतार थे। नाथ संभू धनु भंज निहारा । होइहि केऊ एक दास तुम्हारा।। आयसु काह कहिअ किन मोहि । सुनि रिसाइ बोले मुनि कोहि।।  सेवकुसो जो करै सेवकाई। अरि करनी करि करनीकरि क्लिक ललाई।। सुनहु राम जेहि सिव धनु तोरा। सहसबाहु सम सो रिपु मोरा।। सो बिलगाऊ बिहाइ समाजा । न तो मारे जैहहिं सब राजा।। सुनि मुनि बचन लखन मुस्काने। बोले परशु धरहि अवमाने।। बहु धनुहि तोरी लरिकाई। कबहु न असि रिस कीनहि गोसाईं।। येहि धनु पर ममता केहि हेतु। सुनि रिसाइ कह भृगुकुल केतु।।               रे नृप बालक काल बस बोलत तोहि न संभाल।       धनुहि हम त्रिपुरारी धनु बिदित सकल संसार।। प्रश्न 1. परशुराम क...

गई भैंस पानी में मुहावरे का अर्थ, वाक्य प्रयोग, कहानी, gai bhais pani me muhaware ka arth, sentence, story

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              गंगा नहाना मुहावरे का अर्थ   Dr.Ummesh Kumar Singh  गई भैंस पानी में मुहावरे का अर्थ, वाक्य प्रयोग, कहानी, gai bhais pani me muhaware ka arth, sentence, story ऊंची दुकान और फीका पकवान मुहावरे गंगा नहाना मुहावरे का अर्थ    Gai bhais Pani me, muhaware ka arth, kam bante bante bigar jana.  Jab koi kam antim charan me ho aur achank kam bigar jaye ise kahte hai gai bhais pani me. गई भैंस पानी में मुहावरे का अर्थ, काम बनते बनते बिगड़ जाना। जब पूरी मेहनत और लगन से कोई किसी काम में ला हो और उसकी सिद्धि का समय आवे, और काम बिगड़ जाए, इसे कहते हैं, गई भैंस पानी में। गई भैंस पानी में मुहावरे का वाक्य में प्रयोग -- 1. राजेश ने चुपके-चुपके मोहन लाल से दुकान की जमीन सस्ते में तय कर ली थी। अगले दिन उसका बड़ा भाई सोहन आ गया। सोहन को देखते ही राजेश समक्ष गया, गई भैंस पानी में। 2. राजा कुछ भी कर लो। तुम्हारी दाल वहां नहीं गलेगी। समझ लो , गई भैंस पानी में। 3. ऐसा न कहो कि गई भैंस पानी में, अब कुछ नहीं हो सकता। मौसी अभी भी मान सकती है...

गुलाबी चूड़ियां कविता , कवि नागार्जुन, gulabi churiyan poem, bhawarth, questions answers

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गुलाबी चूड़ियां कविवर नागार्जुन रचित वात्सल्य रस की एक उत्कृष्ट रचना है। यहां कवि ने एक ड्राइवर जैसे उजड़ समझे जाने वाले व्यक्ति के मन में उत्पन्न अपनी बेटी के प्रति वात्सल्य प्रेम का जो भाव दिखाया है व अनुपम और अविस्मरणीय है। यहां गुलाबी चूड़ियां कविता और  भावार्थ तथा प्रश्न उत्तर दिया गया है।  गुलाबी चूड़ियां कविता , कवि नागार्जुन, gulabi churiyan poem, bhawarth, questions answers  सवेरे सवेरे कविता पढे   प्राइवेट बस का ड्राइवर हैं तो क्या हुआ ? सात साल की बच्ची का पिता तो हैं ! सामने गियर से ऊपर हुक से लटका रखी है कांच की चार चूड़ियां गुलाबी। बस की रफ्तार के मुताबिक  हिलती रहती हैं, झुक कर मैंने पूछ लिया, खा गया मानो झटका। अधेड़ उम्र का मुच्छड़ रोबीला चेहरा आहिस्ते से बोला : हां सा बन लाख कहता हूं, नहीं मानती है मुनिया। टांगे हुए हैं कई दिनों से अपनी अमानत यहां अब्बा की नजरों के सामने। मैं भी सोचता हूं  क्या बिगाड़ती हैं चूड़ियां, किस जुर्म पे हटा दूं इनको यहां से ? और , ड्राइवर ने एक नजर मुझे देखा, और मैंने एक नजर उसे देखा, छलक रहा था दूधिया वात्सल्य बड...

Balgobin Bhagat class tenth MCQ , बालगोबिन भगत , सारांश, प्रश्न उत्तर

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बालगोबिन भगत , कक्षा दसवीं, हिंदी, सारांश, प्रश्न उत्तर, बोर्ड परीक्षा (2027) के लिए, Balgobin Bhagat , class tenth, Hindi, summary, questions answers, MCQ, for board exam.  ' बालगोबिन भगत  ' सुप्रसिद्ध साहित्यकार रामवृक्ष बेनीपुरी द्वारा रचित एक रेखाचित्र है जिसके माध्यम से लेखक ने एक ऐसे चरित्र का उद्घाटन किया है जो मनुष्यता, लोक संस्कृति, और सामूहिक चेतना का प्रतीक है। केवल बाह्य वेशभूषा या वाह्याडंवर से कोई संत नहीं हो जाता बल्कि संत का चरित्र ही सबसे बड़ी पहचान है।  बालगोबिन भगत में यही देखने को मिलता है। वे सचमुच संन्यासी दिखते हैं। यह पाठ वर्ण व्यवस्था और सामाजिक रूढ़ियों पर करारा प्रहार है। लेखक ने बालगोबिन भगत के माध्यम से ग्रामीण जीवन की झांकी प्रस्तुत किया है। यहां कक्षा दसवीं में पढाएं जाने वाले पाठ बालगोबिन भगत का सारांश , प्रश्न उत्तर और बहुवैकल्पिक प्रश्न उत्तर MCQ  board exam  को ध्यान में रखकर दिए गए हैं जो छात्र - छात्राओं को लाभान्वित करेगा। विषय - सूची बालगोबिन भगत पाठ का सारांश, बाल गोबिंद भगत पाठ के लेखक का परिचय बालगोबिन भगत पाठ का प्रश्न ...

संगतकार , कविता, कवि मंगलेश डबराल, भावार्थ एवं व्याख्या sangatkar poem class 10, Manglesh dabral, summary, questions answers.

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  संगतकार , कविता, कवि मंगलेश डबराल,  भावार्थ एवं व्याख्या sangatkar poem class 10, Manglesh dabral, summary, questions answers. Class 10th Hindi Table of contents संगतकार कविता के कवि का क्या नाम है। संगतकार की भूमिका, संगतकार कविता का उद्देश्य क्या है ? संगतकार किसे कहा जाता है ? संगतकार कविता के कवि का क्या उद्देश्य है ? संगतकार मुख्य गायक गायिकाओं की मदद कब करता है ? Tenth Hindi poem exercises.kshitiz - 2 summary , questions answers sangatkar poem Summary of poem sangatkar.            संगतकार कविता का सारांश संगतकार कविता गायन में मुख्य गायक का साथ देने वाले संगतकार की भूमिका के महत्व पर विचार करती है। संगतकार केवल गायन में नहीं फिल्म, नाटक आदि में भी होते हैं। संगतकार मुख्य गायक का साथ देता है । जब मुख्य गायक भारी आवाज में गाता है तब वह अपनी कोमल सुंदर आवाज में गायन को और अधिक सुंदर बना देता है। वह शिष्य हो सकता है, और छोटा भाई भी । जब मुख्य गायक अंतरे की जटिलताओं में खो जाता है या सरगम को लांघ जाता है, तब संगतकार ही स्थाई को संभाल कर गायन क...

उत्साह कविता , कवि सूर्यकांत त्रिपाठी निराला, utsah kavita class tenth, suryakant Tripathi Nirala

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           by Dr.Umesh Kumr Singh उत्साह कविता,कवि निराला जी  उत्साह कविता , कवि सूर्यकांत त्रिपाठी निराला, utsah kavita class tenth, suryakant Tripathi Nirala class tenth हिंदी प्रश्न उत्तर कविता , सूर्यकांत त्रिपाठी निराला जी का जीवन परिचय  सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' (1899–1961) हिन्दी साहित्य के 'छायावाद' के चार प्रमुख स्तंभों में से एक माने जाते हैं। उन्हें अपनी क्रांतिकारी विचारधारा और काव्य-शैली में नवीन प्रयोगों के लिए जाना जाता है। ​यहाँ उनके जीवन और कृतित्व का संक्षिप्त परिचय दिया गया है: ​ जीवन परिचय ​ जन्म: 21 फरवरी, 1899 (महिषादल रियासत, मेदिनीपुर, पश्चिम बंगाल)। ​ मूल निवास: गढ़ाकोला, उन्नाव (उत्तर प्रदेश)। ​ व्यक्तित्व: निराला का जीवन संघर्षों और दुखों से भरा रहा। अल्पायु में ही पत्नी, पिता और बाद में अपनी पुत्री (सरोज) को खो देने के कारण वे गहरे मानसिक संताप से गुजरे, जिसका प्रभाव उनकी कविताओं में स्पष्ट झलकता है। ​ प्रमुख साहित्यिक विशेषताएँ ​ मुक्त छंद के प्रवर्तक: निराला ने हिन्दी कविता को छंदों के बंधन से मुक्त कि...

साना - साना हाथ जोडि --- लेखिका - मधु कांकरिया Sana- Sana hath jodi --- Madhu Kankariya, summary explanation question answer class 10th

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साना - साना हाथ जोडि --- लेखिका - मधु कांकरिया Sana- Sana hath jodi --- Madhu Kankariya, class 10th 10वीं कक्षा, हिंदी, साना साना हाथ जोडि -- पाठ का सारांश, साना साना हाथ जोडि -- का क्या अर्थ है ? साना साना हाथ जोडि पाठ की लेखिका मधु कांकरिया का जीवन परिचय, कक्षा दसवीं हिन्दी का प्रश्न उत्तर, questions answers class 10th , Sana Sana hath jodi, summary and questions answers.gangtok , सिक्किम की राजधानी गैंगटोक, मधु कांकरिया का यात्रा वृत्तांत। साना- साना हाथ जोडि पाठ का सारांश summary of Sana sana hath jodi यह पाठ यात्रा वृतांत शैली में रचा गया है।  इस पाठ की लेखिका महानगरों की भाव शून्यता, भागमभाग और यंत्र वत जीवन की ऊब को दूर-दूर की यात्राओं की ओर ले जाती है और उन्हीं यात्राओं के अनुभव को उन्होंने अपनी यात्रा वृतांत में लिपिबद्ध किया है । साना साना जोड़ि में पूर्वोत्तर भारत के सिक्किम राज्य की राजधानी गंगटोक और उसके आगे हिमालय की यात्रा का वर्णन है।  हिमालय की अनंत सौंदर्य का ऐसा अद्भुत और काव्यात्मक वर्णन लेखिका ने किया है जैसे मानो हिमालय का पल-पल परिवर्तित सौंदर्य हम स्वय...

संस्कृति, कक्षा दसवीं, sanskriti class 10th , संस्कृत कौन है ? सभ्यता क्या है ? लेखक भदंत आनंद कौसल्यायन, सारांश, प्रश्नोत्तर, लेखक भदंत आनंद कौसल्यायन का परिचय

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  "संस्कृति" पाठ, कक्षा दसवीं, sanskriti class 10th , संस्कृत कौन है ? सभ्यता क्या है ? लेखक भदंत आनंद कौसल्यायन, सारांश, प्रश्नोत्तर, लेखक भदंत आनंद कौसल्यायन का परिचय sanskriti, class tenth, questions answers sanskriti, sanskriti in hindi, कक्षा 10, संस्कृति किसे कहते हैं ? संस्कृति का अर्थ, sanskriti kise kahte hai, sanskriti ka arth, संस्कृति पाठ का सारांश, संस्कृत कौन है ? सभ्यता क्या है ? क्या सभ्यता और संस्कृति एक है ? संस्कृति पाठ का प्रश्न उत्तर, लेखक भदंत आनंद कौसल्यायन का परिचय, कक्षा दसवीं प्रश्न उत्तर, ncert salutations, tenth Hindi, संस्कृति पाठ कक्षा दसवीं। क्षितिज, kshitij, class tenth Hindi sanskriti chepter, संस्कृति पाठ का सारांश Sanskriti path ka saransh  सभ्यता और संस्कृति शब्दों का सबसे अधिक प्रयोग होता है। लेखक भदंत आनंद कौसल्यायन  लिखते हैं कि क्या यह दोनों एक ही चीज है अथवा दो। इस पाठ में सभ्यता और संस्कृति से जुड़े अनेक प्रश्नों पर विचार किया गया है। लेखक का मानना है कि सभ्यता संस्कृति का ही परिणाम है । मानव संस्कृति  अविभाज्य वस्तु है जो मन...

अपने छोटे भाई को ऐसे पत्र लिखो जिसमें सच्चे मित्र के गुणों का वर्णन किया गया हो। Write a letter to younger brother describe quality of good friend.

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  अपने छोटे भाई को एक पत्र लिखो जिसमें सच्चे मित्र के गुणों का वर्णन किया गया हो। Trick for letter writing   Write a letter to younger brother describe quality of good friend. स्थान दिनांक प्रिय अनुज सुशील,  शुभ आशीर्वाद। यहां का सब समाचार ठीक है। आशा है तुम भी अपने छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर  रहे होंगे। आज रविवार है और प्रत्येक सप्ताह की तरह आज भी मैं तुम्हें एक पत्र में कुछ जरूरी बातें बता रहा हूं। इसे अपने जेहन में बैठकर रखना, बहुत काम आएगा। जब कोई नौजवान बाहर निकलता है तो उसके सिर पर मित्रता की धून सवार रहती है। स्कूल में, लाइब्रेरी में, खेल के मैदान में, बाजार में , जहां देखो वहीं दोस्ती का हाथ बढ़ा देते हैं। परन्तु हम जिससे मित्रता करते हैं, क्या वह मित्रता के लायक है या नहीं, इस पर हम कोई विचार नहीं करते। तो आओ, हम तुम्हें अच्छे मित्र के गुणों के बारे में जानकारी देते हैं। एक अच्छा मित्र औषधि के समान होता है। वह हमारे चरित्र के दोषों को दूर करता है और अच्छी बातें बताता है। अच्छा मित्र बुरा मार्ग पर चलने से रोकता है और अच्छे मार्ग पर चलने को प्रेरित करता ...