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पत्रकारिता किसे कहते हैं? पत्रकारिता के प्रकार, पत्रकारिता के मुख्य आयाम, अच्छे पत्रकार के गुण

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  पत्रकारिता किसे कहते हैं? पत्रकारिता के प्रकार, पत्रकारिता के मुख्य आयाम, अच्छे पत्रकार के गुण  विषय सूची  1. पत्रकारिता किसे कहते हैं? 2.पत्रकारिता के मुख्य आयाम  3. पत्रकारिता के प्रकार  अच्छे पत्रकार के गुण। प्रिय साथियों! इस लेख में हमलोग लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पत्रकारिता के बारे में जानकारी प्राप्त करें। पत्रकारिता किसे कहते हैं ? पत्रकारिता के मुख्य आयाम क्या है ? पत्रकारिता के कितने प्रकार होते हैं तथा एक अच्छे पत्रकार में क्या क्या गुण होने चाहिए।साथ ही पीत पत्रकारिता, वाचडाग पत्रकारिता आदि के विषय में जानकारी प्राप्त करेंगे जिससे  11वीं कक्षा और 12वीं कक्षा के छात्र छात्राओं को विशेष लाभ प्राप्त हो। 1.पत्रकारिता किसे कहते हैं ? पत्रकारिता आधुनिक समाज का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। दूसरे शब्दों में कहा जा सकता है कि देश विदेश में घटने वाली घटनाओं, सूचनाओं और विचारों को संकलित करके उन्हें संपादित करना और उन्हें जनता तक पहुंचाना ही पत्रकारिता है। पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ माना जाता है।यह समाज में पारदर्शिता बनाए रखने और शासन प्रशासन को जवाब...

मां, कह एक कहानी, कविता का सरल अर्थ और प्रश्न उत्तर (2026) मैथिली शरण गुप्त, ma kah ek kahani

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                      By Dr. Umesh Kumar Singh  मां , कह एक कहानी, कविता, मैथिली शरण गुप्त Maa kh ek kahani question answer  मां ,कह एक कहानी , कविता राष्ट्र कवि मैथिलीशरण गुप्त द्वारा विरचित ' यशोधरा ' नामक ग्रंथ से ली गई है। यहां कवि ने महात्मा बुद्ध के बचपन की प्रवृतियों का बहुत सुंदर वर्णन किया है। महात्मा बुद्ध बचपन से ही दयालु और अहिंसा के समर्थक थे। यहां उनकी पत्नी यशोधरा अपने पुत्र राहुल को यह बातें बता रही हैं।  मां, कह एक कहानी, Maa , kah ek kahani, Maithli Sharan Gupt मां कह एक कहानी कविता, कवि मैथलीशरण गुप्त, मां कह एक कहानी कविता कविता भावार्थ, प्रश्न उत्तर, मां कह एक कहानी, यह कथन किसका है ? यह कथन राहुल का है। मां कह एक कहानी,बेटा समझ लिया क्या तूने मुझको अपनी नानी। और अंत में अपने प्यारे छात्र छात्राओं के लिए महत्वपूर्ण सुझाव। Kavita, poem, कविता  "मां , कह एक कहानी !" " बेटा समझ लिया क्या तूने मुझको अपनी नानी ?" " कहती है मुझसे यह चेंटी, तू मेरी नानी की बेटी। कह मां, कह लेटी ही लेटी, राजा था या र...

रजनी, एकांकी ,( 2026 exam special)लेखिका मन्नू भंडारी, Rajni ,Mannu Bhandari

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  रजनी, एकांकी, लेखिका मन्नू भंडारी, Rajni, Mannu Bhandari मन्नु भंडारी का जीवन परिचय , रजनी पाठ का प्रश्न उत्तर question answer for 2026 exam special  रजनी सुप्रसिद्ध लेखिका मन्नू भंडारी द्वारा लिखित एक प्रसिद्ध एकांकी है जिसमें विभिन्न विद्यालयों में ट्यूशन के नाम पर छात्रों के शोषण का जीवन्त वर्णन किया गया है। साथ ही  शासन - प्रशाासन की अकर्मण्यता  भी दर्शाया गया है।   यहां एकांकी का सारांश, प्रश्न उत्तर, शब्दार्थ और संदेश का वर्णन किया गया है जिससे पाठकों में जागरूकता पैदा हो। ग्यारहवीं कक्षा में इसका अध्यापन होता है। रजनी एकांकी का सारांश, रजनी एकांकी का पात्र परिचय, रजनी एकांकी पाठ से हमें क्या शिक्षा मिलती है ? रजनी पाठ का प्रश्न उत्तर, ग्यारहवीं कक्षा हिन्दी प्रश्न उत्तर, लेखिका मन्नू भंडारी का जीवन परिचय। शिक्षक ट्यूशन की लालच में छात्रों का शोषण कैसे करते हैं ? लेखिका मन्नू भंडारी का जीवन परिचय Mannu Bhandari  मन्नू भंडारी का असली नाम महेंद्र कुमारी था। इनका जन्म 1931 ई. में राजस्थान के भानपुरा नामक स्थान में हुआ था। नई कहानी के आंदोलन में इ...

आत्मपरिचय Aatam parichay( 2026-27) कवि हरिवंश राय बच्चन, 12वीं हिंदी

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  आत्मपरिचय ( Aatam parichay) कविता , प्रश्न उत्तर 2026-27) कवि हरिवंश राय बच्चन -------------------------#--------------------------#------------------- आत्मपरिचय कविता का सारांश आत्मपरिचय कविता आत्मपरिचय कविता का शब्दार्थ आत्मपरिचय कविता की व्याख्या आत्मपरिचय कविता के प्रश्नोतर ************************************ आत्मपरिचय कविता के कवि हरिवंश राय बच्चन का जीवन परिचय हालावाद के प्रसिद्ध कवि हरिवंश राय बच्चन का जन्म इलाहाबाद में 1907 ई और मृत्यु  मुम्बई में 2003 ई में हुई थी। इनकी प्रमुख रचनाएं हैं -  मधुशाला, मधुबाला, मधुकलश, निशा निमंत्रण, एकान्त संगीत,मिलनयामिनी, सतरंगिनी, आरती और अंगारे आदि। 1942 से 1952 तक इलाहाबाद विश्वविद्यालय में प्राध्यापक, आकाशवाणी के साहित्यिक कार्यक्रमों से संबंधित, विदेश मंत्रालय में हिंदी विशेषज्ञ रहे। व्यक्तिगत जीवन में घटी घटनाओं की सहज अभिव्यक्ति ही  हिन्दी साहित्य जगत में इनकी लोकप्रियता का आधार है। आत्मपरिचय कविता का सारांश (summery of atamprichay poem) आत्मपरिचय कविता में कविवर बच्चन जी ने अपने प्रेम मय व्यक्तित्व का स्वयं परिचय ...

लू के लक्षण, लू से बचाव के उपाय, Loo se kaise bache

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 लू के लक्षण और उपचार       Heat wave Loo ke lakshan and cure, upchar Table of contents लू क्या है ? लू लगने पर क्या प्रभाव पड़ता है ? लू का असर किस उम्र के लोगों को अधिक प्रभावित करता है ? लू कब लगती है ? लू लगने पर क्या करना चाहिए ? लू लगने के घरेलू उपचार बताएं। लू से कैसे बचें ? Loo kya  hai, Loo lagne par kya prabhv parta hai, Loo ka asar kis Umar ke logo par jyada hota hai, Loo lagne par kya karna chahiye, Loo ke gharelu upaye, Loo kya hai. भारत  एक ग्रीष्म प्रधान देश है। मार्च से जून - जुलाई तक यहां जबरदस्त गर्मी पड़ती है। तापमान 50 डिग्री के आसपास आ जाता है। ऐसी स्थिति में लू चलती है जिससे आम जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है। लोग लूं ( heat wave ) की चपेट में आने लगते हैं। शरीर गर्म हो जाता है। बुखार और सिर दर्द का होना तथा उल्टी दस्त होना लू लगने के सामान्य लक्षण हैं। मनुष्य के साथ-साथ जानवरों के बच्चों को लू बहुत नुक्सान पहुंचाता है। आईए, इस लेख में लू के सामान्य लक्षण और लू से बचने के उपाय की जानकारी प्राप्त करें। लू के लक्षण चक्कर आना बेहोशी, उल्टी...

नेताजी का चश्मा, कहानी, 10वीं बोर्ड, 2026- 27)स्वयं प्रकाश, Netaji ka chashma

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यहां स्वयं प्रकाश जी द्वारा रचित कहानी नेता जी का चश्मा पाठ का सारांश और प्रश्न उत्तर देख सकते हैं।   नेताजी का चश्मा , सारांश और प्रश्न उत्तर, MCQ  लेखक स्वयं प्रकाश Netaji ka chashma, दसवीं कक्षा हिंदी #netajikachashma CBSE 10th Hindi ( 2026- 27) की परीक्षाओं हेतु उपयोगी। विषय सूची 1. नेताजी का चश्मा कहानी का सारांश 2.हालदार साहब का चरित्र चित्रण 3. कैप्टन का चरित्र चित्रण 4. लेखक स्वयं प्रकाश का जीवन परिचय 5. नेताजी का चश्मा कहानी का प्रश्न उत्तर  6.वस्तुनिष्ठ प्रश्न उत्तर MCQ Netaji ka chashma story summery Character of Halddar Saheb Character of captain A biography of Sawayam Prakash Questions answers MCQ type questions answers नेताजी का चश्मा पाठ का सारांश  हालदार साहब कंपनी के काम से हर पन्द्रह दिन में कस्बे से गुजरते हैं। उसके कसबे के मुख्य चौराहे पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी की मूर्ति स्थापित है। लेकिन एक काम बाकी है, जो देखने वाले को खटकती है,   उनकी मूर्ति पर चश्मा नहीं है। हो सकता है कि मूर्ति बनाने वाले ने चश्मा लगाना भूल गया हो।  चश्मे का...