संदेश

जनवरी, 2023 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

युगावतार गांधी कविता, कवि सोहनलाल द्विवेदी, गांधी जी की महानता, महात्मा का व्यक्तित्व, Mahatma Gandhi, Yugwatar Gandhi ,poem, 8th class poem

चित्र
युगावतार गांधी कविता, कवि सोहनलाल द्विवेदी, गांधी जी की महानता, महात्मा का व्यक्तित्व, Mahatma Gandhi, Yugwatar Gandhi ,poem, 8th class poem questions answers Yugwatar Gandhi  " युगावतार गांधी " कविता सोहनलाल द्विवेदी द्वारा रचित कविता है। अब कविता में कवि सोहनलाल द्विवेदी ने महात्मा गांधी को साहसी और निडर महापुरुष के रूप में चित्रित किया है। महात्मा गांधी जिधर चल पड़ते थे उधर सारे भारत वासी चल पड़ते थे। उनके व्यक्तित्व का अजीब प्रभाव देशवासियों पर था। इसलिए उनके नेतृत्व में देश आजाद हुआ। यहां युगावतार गांधी कविता , और प्रश्न उत्तर दिया गया है। जो आठवीं कक्षा में पढ़ाई जाती है। चल पड़े जिधर दो डग मग में,  चल पड़े कोटि पग उसी ओर। पड़ गई जिधर भी एक दृष्टि, गड़ गए कोटि दृग उसी ओर।। जिसके शिर पर निज धरा हाथ, उसके शिर - रक्षक कोटि हाथ। जिस पर निज मस्तक झुका दिया, झुक गये उसी पर कोटि माथ। तुम बोल उठे , युग बोल उठा, तुम मौन बने युग मौन बना। कुछ कर्म तुम्हारे संचित कर, युग कर्म जगा, युग धर्म तना।। धर्माडंबर के खंडहर पर, कर पद - प्रहार का धरा ध्वस्त मानवता का पावन मंदिर, निर्माण कर रह

नाटक लिखने का व्याकरण, नाटक की परिभाषा, नाटक शब्द की उत्पत्ति, नाटक कैसे लिखें,Natak kaise likhen,Natak shabad

चित्र
  नाटक लिखने का व्याकरण, नाटक की परिभाषा, नाटक शब्द की उत्पत्ति, नाटक कैसे लिखें,Natak kaise likhen,Natak shabad ki utpati, Natak kise kahte hai हिंदी नाटक  इस पाठ का अनुक्रमांक नाटक लिखने का व्याकरण नाटक की परिभाषा नाटक शब्द की उत्पत्ति हिन्दी नाटक उद्भव और विकास  नाटक कैसे लिखें नाटक और अन्य विधाएं नाटक में समय का बंधन नाटक के तत्व नाटक के विषय नाटक में स्वीकार और अस्वीकार की अवधारणा नाटक की शिल्प संरचना नाटक की भाषा कैसी हो? नाटक लिखने में कितना समय लग सकता है ? नाटक में कितने अंक होते हैं ? नाटक के पांच प्रकार नाटक के संवाद कैसे हो ? एक अंक के नाटक को क्या कहते हैं ? नाटक का प्रारंभ कब से माना जाता है ? Hindi natak, hindi natak udbhaw aur vikas  नाटक शब्द ' नट ' शब्द से बना है। यह साहित्य की एक सशक्त विधा है परन्तु यह साहित्य की अन्य विधाओं जैसे कहानी, कविता आदि से थोड़ा भिन्न है। यहां नाटक लिखने का व्याकरण, नाटक लिखने का प्रारूप, नाटकों की भाषा, संवाद, तथा नाटक लिखने के विषय आदि पर विस्तार से चर्चा की गई है। नाटक लिखने का व्याकरण  मराठी नाटककार विजय तेंदुलकर लिखते हैं , &q