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“पंच परमेश्वर” कहानी Panch Parmeshwar, Hindi Story by Premchand

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         “पंच परमेश्वर” कहानी  Panch Parmeshwar, Hindi Story by Premchand  पंच परमेश्वर कहानी का सारांश  पंच परमेश्वर के लेखक मुंशी प्रेमचंद हैं। यह कहानी न्याय, मित्रता और कर्तव्यनिष्ठा पर आधारित एक प्रसिद्ध सामाजिक कथा है। कहानी का सारांश: पंच परमेश्वर  कहानी के मुख्य पात्र जुम्मन शेख और अलगू चौधरी हैं, जो गहरे मित्र  हैं। जुम्मन की बूढ़ी खाला अपनी संपत्ति उसके नाम कर देती हैं, इस शर्त पर कि वह जीवन भर उनकी देखभाल करेगा। लेकिन कुछ समय बाद जुम्मन और उसकी पत्नी खाला के साथ दुर्व्यवहार करने लगते हैं।  तक हारकर और निराश,दुखी होकर खाला पंचायत बुलाती हैं। पंचायत में खाला अलगू चौधरी को पंच चुनती हैं। मित्रता के कारण अलगू पहले संकोच करता है, परंतु पंच के पद पर बैठते ही वह निष्पक्ष होकर न्याय करता है और फैसला खाला के पक्ष में देता है। इससे जुम्मन को बहुत ठेस पहुँचती है और उनकी मित्रता टूट जाती है। कुछ समय बाद अलगू पर भी एक विवाद आता है। उसने एक बैल समझू साहू को उधार बेचा था, जो अत्यधिक काम लेने के कारण मर जाता है। साहू भुगतान करने से मना क...

अंतरिक्ष यात्रा( antariksh yatra ) class 8 पाठ एवं प्रश्न - उत्तर

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 अंतरिक्ष यात्रा ( antariksh yatra ) class 8 पाठ                  एवं   प्रश्न - उत्तर 2026-27 भारत की अंतरिक्ष यात्रा, भारत की अंतरिक्ष में उपलब्धि Indian space research organisation, पहला अंतरिक्ष यात्री कौन थे । यूरी गगारिन कौन थे ? थुम्बा क्यों प्रसिद्ध है ? गुरुत्वाकर्षण बल किसे कहते हैं? वायुमंडल किसे कहते हैं ? हमें आवाज कैसे सुनाई देती है ? वायुमंडल के ऊपर क्या है? आकाश में घूमते हुए तरह-तरह के ज्योति पिंड हमारा ध्यान आकर्षित कर लेते हैं। दिन में सूरज पृथ्वी को प्रकाशित करता है तो रात में शीतल चंद्रमा और असंख्य तारे आकाश को जगमगा देते हैं। यह आकाशीय पिंड पुरातन काल से मनुष्य के लिए कौतूहल और जिज्ञासा का केंद्र रहे हैं। इन्होंने कवियों और वैज्ञानिकों को बहुत आकृष्ट किया है। मनुष्य यह जानने को उत्सुक रहता है कि यह आकाशीय पिंड क्या है और यह चमकते कैसे हैं। क्या इन पर प्राणी है? क्या इन पर जीवन है? क्या इन पर जलवायु हैं? आइए आज इन्हीं बातों पर हम लोग विस्तार से चर्चा करते हैं और अंतरिक्ष के बारे में जानकारी प्राप्त करते हैं...

नमक का दारोगा (कहानी)Namak ka daroga, प्रेमचंद

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Namak ka daroga story  प्रेमचंद का जीवन परिचय, नमक का दारोगा कहानी का सारांश, नमक का दारोगा कहानी का उद्देश्य, नमक का दारोगा : एक आदर्शोन्मुखी यथार्थवादी कहानी, नमक का दारोगा कहानी का प्रश्न- उत्तर। Namak ka daroga  MCQ with answers Namak ka daroga story, 11th hindi,Aroh NCERT solutions, premchand jiwan parichay,  Namak ka daroga MCQ with answers, namak ka daroga kahani ka sarans, namak ka daroga kahani ka uddeshya, namak ka daroga kahani ka sarans, Namak ka daroga kahani me kisaki Jeet hui, namak ka daroga kahani ke lekhak kaun hai  १. प्रेमचंद का जीवन परिचय मुंशी प्रेमचंद का जन्म (सन् 1880) उत्तर प्रदेश के लमही नामक गाँव में हुआ था। पूर्व अवस्था खराब होने के कारण जैसे तैसे बी। ए। किया है। प्रेमचंद आगे पढ़ना चाहते थे, किंतु घर की स्थिति ठीक नहीं होने के कारण उन्हें सरकारी स्कूल में नौकरी करनी पड़ी। मृत्यु 1936 में हुई। प्रमुख रचनाएँ सेवा सदन, प्रेमाश्रम, रंगभूमि, निर्मला, कायाकल्प, गवन, गोदान।  उन्होंने लगभग तीन हजार कहानियाँ लिखी हैं जो मानसरोवर नाम से आठ भागो...

भ्रष्टाचार( bharshtachar) corruption upsc ki tyari shuru kar do, uske liye nibandh aise likhna hai

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भ्रष्टाचार पर निबंध, bharshtachar pr nibandh. Essay on Curruption, in hindi for upsc exam preparation    भ्रष्टाचार संसार में सच्ची मानवता के लिए कलंक है। रिश्र्वत खोरी, भाई भतीजावाद, मिलीवट, पद का दुरुपयोग सहित अपने दायित्व में लापरवाही आदि इसके कितने रूप हैं। व्यक्तिक और प्रशासनिक स्तर पर इसे समाप्त करने के उपायों की आवश्यकता है। विषय सूची 1.भ्रष्टाचार का आशय क्या है। 2. भ्रष्टाचार के रूप या प्रकार 3. भ्रष्टाचार के दुष्प्रभाव 4. भ्रष्टाचार होने के कारण 5. भ्रष्टाचार दूर करने के उपाय भ्रष्टाचार का आशय, what is curruption in hindi, bhrastachar kise kahte hai भ्रष्टाचार का आशय भ्रष्ट आचार विचार, व्यवहार आदि से है। संसार में इस अदृश्य दानव की उत्पत्ति कब और कैसे हुई यह बतलाना तो बड़ा ही मुश्किल है लेकिन आज यह दुनिया के सभी देशों के विकास को लगभग अपने महा पाश में जकड़ लिया है। इसके कारण व्यक्ति, समाज, देश, विश्व, सभी त्रस्त हैं। और विकास के दौर नव निर्माण से गुजर रहा हमारा देश भारतवर्ष तो पूरी तरह भ्रष्टाचार के दलदल में धंस चुका है.यही कारण है कि प्रगति और विकास की सभी योजनाओं का...