सच्चा हितैषी (प्रेरक कथा) वाणी का मोल
वाणी का मोल कहानी, कक्षा सात हिन्दी, ईसरदान की कथा, राजगुरु भट्ट, वाणी का मोल कहानी का प्रश्न उत्तर, सच्चा हितैषी कौन है। वाणी का मोल , कहानी, भारत में गुजरात एक प्रमुख राज्य है। यहां के निवासियों की प्रतिभा और मेहनत के किस्से सदियों से प्रसिद्ध हैं। यह कहानी ईसरदान नामक उस व्यक्ति की है जो गुजरात प्रांत के एक गांव में रहता था। वह उच्च कोटि का कवि और विद्वान था। एक दिन उसकी पत्नी की अचानक मौत हो गई। इससे वह बहुत दुखी हुआ। इस घटना ने उसके जीवन की दशा ही बदल दी।वह गुमसुम और उदास रहने लगा। ईसरदान के चाचा से ईसरदान की यह दशा देखी नही जा रही थी। एक दिन वह ईसरदान से बोला,"बेटा ! होनी को भला कौन टाल सकता है , इसलिए गुमसुम और उदास रहकर शेष जीवन होम करना उचित नहीं है। अतः तुम्हें तीर्थ यात्रा कर अपना मन शांत और शुद्ध करना चाहिए। तुम द्वारिका धाम की यात्रा करो। द्वारिकाधीश श्रीकृष्ण के दर्शन से मन को शांति तो मिलेगी ही, एक नवीन ऊर्जा का संचार भी होगा।" अगले दिन दोनों चाचा - भतीजे द्वारिका की ओर चल पड़े।रात्रि विश्राम के लिए वे जामनगर में ठहरे। कुछ लोगों ने उन्हें बत...