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जग जीवन में जो चिर महान, jag jivan men jo chir mahan

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सुमित्रा नंदन पंत   जग जीवन में जो चिर महान,jag jivan me jo chir mahan poem Poet Sumitra Nandan pant ( 2026-27) जग जीवन में जो चिर महान सौंदर्य पूर्ण और सत्य प्राण, मैं उसका प्रेमी बनूं नाथ, जो हो मानव के हित समान। जिससे जीवन में मिले शक्ति, छूटे भय संसार, अंधभक्ति, मैं वह प्रकाश बन सकूं नाथ, मिल जाए जिसमें अखिल व्यक्ति। पाकर प्रभु, तुमसे अमर दान, करके मानव का परित्राण, ला सकूं विश्व में एक बार, फिर से नवजीवन का विहान।  सुमित्रानंदन पंत क्या आप इस पुस्तक को खरीदना चाहते  बिमल हिंदी निबंध ई पुस्तक  क्लिक करें   हैं तो यह ई बुक मात्र 49 रूपए में आपको मिल सकता है। अमेज़न पर उपलब्ध है या हमें कामेट बाक्स में लिखें। शब्द अ शब्दार्थ जग – संसार । सौंदर्य- सुन्दरता। चिर – सदा रहने वाला, अमर। मानव – मनुष्य को। हित – भलाई। शक्ति – ताकत । भय – डर। अंधभक्ति – अंधविश्वास भरी भक्ति। संशय – शक। प्रकाश – रोशनी। अखिल – सब। अमर – जो न मरे। परित्राण – पूरी रक्षा। विश्व – संसार। नवजीवन – नया जीवन। विहान – सवेरा। जग जीवन में जो चिर महान कविता का  भावार्थ सुप्रसिद्ध छायावा...

Phuta prabhat (poem) (2026 - 27 ) question answer फूटा प्रभात कविता का भाव सौंदर्य, प्रश्न उत्तर

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  फूटा प्रभात ( कविता )  phuta prabhat poem summary,  questions answers , phuta prabhat poem ke poet Bharat Bhushan Agarwal, फूटा प्रभात कविता का सप्रसंग व्याख्या  फूटा प्रभात कवि भारत भूषण अग्रवाल की प्रकृति चित्रण संबंधित रचना है। इस कविता में कवि ने सुबह सवेरे के प्राकृतिक सुषमा का सुंदर चित्रण किया है। यहां कविता , व्याख्या और प्रश्न उत्तर दिया गया है। फूटा प्रभात, फूटा विहान  बह चले रश्मि के प्राण, विहग के गान, मधुर निर्झर के स्वर  झर - झर , झर - झर। प्राची का अरुणाभ क्षितिज, मानो अंबर की सरसी में  फूला कोई रक्तिम गुलाब, रक्तिम सरसिज। धीरे-धीरे, लो, फैल चली आलोक रेख  घुल गया तिमिर, बह गयी निशा, चहुं ओर देख , धुल रही विभा, विमलाभ कांति। अब दिशा - दिशा  सस्मित  विस्मित खुल गये द्वार , हंस रही उषा। क्रोध पर नियंत्रण कैसे करें।  क्लिक करें और पढ़ें  खुल गये द्वार, दृग खुले कंठ  खुल गये मुकुल  शतदल के शीतल कोषों से निकला मधुकर गुंजार लिये खुल गये बंध, छवि के बंधन। जागी जगती के सुप्त बाल! पलकों की पंखुड़ियां खोलो, खोलो...

भिक्षुक, Bhikshuk,कविता, निराला जी

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  भिक्षुक   महाकवि निराला जी द्ववारा रचित एक प्रसिद्ध कविता    है जिसमें कवि ने गरीब भिक्षुक की मार्मिक और दयनीय दशा का यथार्थ चित्रण किया है। कवि के वर्णन में भिखारी अपने वास्तविक रूप में पाठक के सामने आ खड़ा होता है। यहाँ कविता, भावार्थ, शब्दार्थ और प्रश्नोतर सरल भाषा में प्रस्तुत किया गया है।                     विषय - सूची 1. भिक्षुक कविता 2. पाठ का शब्दार्थ 3.भिक्षुक कविता का भावार्थ 4.कवि निराला जी का जीवन परिचय 5. भिक्षुक कविता का प्रश्न उत्तर 6. भिक्षुक कविता में कौन सा रस है ? करूण रस वह आता  दो टूक कलेजे के करता पछताता पथ पर आता । पेट पीठ दोनों मिलकर हैं एक  चल रहा लकुटिया टेक मुट्ठी भर दाने को-- भूख मिटाने को मुंह भटी पुरानी झोली को फैलाता  - दो टूक कलेजे के साथ पछता पथ पर आता है साथ खड़े दो बच्चे भी हैं, सदा हाथ फैलाए बाएं से वे मलते हुए पेट को आगे बढते हैं, और दाहिना दया दृष्टि पाने को बढ़ाए। भूख से ओंठ सूख जब जाता दाता भाग्य विधाता से क्या पाता घूंट आंसुओं के पीकर रह जाता। चाट रहे झूठे ...

उषा कविता, कवि शमशेर बहादुर सिंह,12वीं,Usha poem

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  Usha poem, shamsher Bahadur Singh           ऊषा  Usha poem उषा कविता, कवि शमशेर बहादुर सिंह का जीवन परिचय  ,  कविता का शब्दार्थ, उषा कविता का भावार्थ, प्रश्न उत्तर, उषा कविता की व्याख्या, उषा कविता का केन्द्रीय भाव लिखें, उषा कविता का केन्द्रीय भाव है प्रातः काल के वातावरण का वर्णन करना। उषा कविता में कवि का क्या संदेश है ? उषा कविता में कवि का क्या उद्देश्य है ? उषा कविता में किसका वर्णन किया गया है ? उषा कविता में वर्णित विषय क्या है ? उषा कविता में गांव की शोभा कैसी बताई गई है ? उषा कविता में गांव की सुन्दरता घरेलू बिंबों के माध्यम से बताया गया है। मोर के नभ की तुलना किस्से की गई है ? मोर के नभ की तुलना राखी से लीपे गीले चौके से की गई है। उषा कविता किस प्रकार की रचना है ? उषा कविता में कौन सा छंद प्रयोग किया गया है ? उषा कविता छंदमुक्त है। उषा कविता का शिल्प सौंदर्य लिखें। उषा कविता में किस समय का वर्णन किया गया है ? usha poem, poet samsher Bahadur Singh, biography, NCERT solutions, 12th solved hindi, summary, questions answers. Subah ka...

नदी का रास्ता कविता का भावार्थ,( 2026-27)शब्दार्थ और प्रश्न उत्तर,नदी को रास्ता किसने दिखाया,Nadi ka rasta poem, explain,poet Balkrishan rao

  नदी का रास्ता कविता का भावार्थ, शब्दार्थ और प्रश्न उत्तर,नदी को रास्ता किसने दिखाया,Nadi ka rasta poem, explain,poet Balkrishan rao 2026-27 विषय सूची Question answer  नदी का रास्ता कविता नदी का रास्ता कविता का शब्दार्थ नदी का रास्ता कविता का भावार्थ नदी का रास्ता कविता का प्रश्न उत्तर Nadi ka rasta poem question answer, poem explanation 2026  -27 exam special poem question answer  Nadi ka rasta poem, नदी का रास्ता कविता, कवि बाल कृष्ण राव नदी को रास्ता किसने दिखाया  सिखाया था उसे किसने कि अपने भावना के वेग को उन्मुक्त बहने दे, कि वह अपने लिए खुद खोज लेगी सिंधु की गंभीरता स्वच्छंद बहकर ? इसे हम सुनते आए युगों से, और सुनते ही युगों से आ रहे उत्तर नदी का -- मुझे कोई कभी आया नहीं था राह दिखलाने, बनाया मार्ग मैंने आप ही अपना  । ढकेला था शिलाओं को, गिरी निर्भीकता से मैं कई ऊंची प्रपातों से, वनों से कंदराओं में भटकती भूलती मैं फूलती उत्साह से प्रत्येक बाधा विघ्न को ठोकर लगाकर ठेलकर बढ़ती गई आगे निरंतर एक तट को दूसरे से दूरतर करती। बढ़ी सम्पन्नता के साथ और अपने द...

आत्मपरिचय Aatam parichay( 2026-27) कवि हरिवंश राय बच्चन, 12वीं हिंदी

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  आत्मपरिचय ( Aatam parichay) कविता , प्रश्न उत्तर 2026-27) कवि हरिवंश राय बच्चन -------------------------#--------------------------#------------------- आत्मपरिचय कविता का सारांश आत्मपरिचय कविता आत्मपरिचय कविता का शब्दार्थ आत्मपरिचय कविता की व्याख्या आत्मपरिचय कविता के प्रश्नोतर ************************************ आत्मपरिचय कविता के कवि हरिवंश राय बच्चन का जीवन परिचय हालावाद के प्रसिद्ध कवि हरिवंश राय बच्चन का जन्म इलाहाबाद में 1907 ई और मृत्यु  मुम्बई में 2003 ई में हुई थी। इनकी प्रमुख रचनाएं हैं -  मधुशाला, मधुबाला, मधुकलश, निशा निमंत्रण, एकान्त संगीत,मिलनयामिनी, सतरंगिनी, आरती और अंगारे आदि। 1942 से 1952 तक इलाहाबाद विश्वविद्यालय में प्राध्यापक, आकाशवाणी के साहित्यिक कार्यक्रमों से संबंधित, विदेश मंत्रालय में हिंदी विशेषज्ञ रहे। व्यक्तिगत जीवन में घटी घटनाओं की सहज अभिव्यक्ति ही  हिन्दी साहित्य जगत में इनकी लोकप्रियता का आधार है। बिमल हिंदी निबंध क्या आप इस पुस्तक को खरीदना चाहते हैं प्रिय साथियों! यदि आप upsc, jtet,  CTET अथवा किसी बोर्ड परीक्षा की तैयारी ...