संदेश

story लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

Pipplad, पिप्पलाद ऋषि की कहानी

चित्र
पिप्पलाद की कहानी Pipplad ki kahani वृत्तासुर का आतंक Viritasur ka atank वृतासुर स्वर्ग पर आक्रमण कर सभी देवताओं को हरा दिया। सभी देवता स्वर्ग छोड़ कर भाग गए। उनके पास कोई अस्त्र-शस्त्र  नहीं था जिससे वृत्तासुर का नाश हो। देवराज इन्द्र बहुत दुखी और चिंतित थे। उन्होंने भगवान की आराधना की । भगवान ने देवराज इन्द्र को बताया कि महर्षि दधीचि की हड्डियों से विश्वकर्मा जी वज्र बनावे तो उस वज्र से वृतासुर को मारा जा सकता है। Maharshi Dadhichi महर्षि दधीचि महर्षि दधीचि महा तपस्वी ऋषि थे। उनकी तपस्या के प्रभाव से सारे जीव जंतु तथा पेड़ पौधे उनकी बात मानते थे। ऐसे महान तपस्वी को देवता मार तो नहीं सकते थे, केवल याचना ही कर सकते थे। इसलिए देवताओं ने महर्षि दधीचि की आराधना करके उनकी हड्डियां मांगी। महर्षि दधीचि ने कहा ,-- यह शरीर तो एक दिन नष्ट ही होगा, क्योंकि एक न एक दिन मरना सबको है। यह शरीर किसी का उपकार करने में नष्ट हो, इससे अच्छा भला क्या हो सकता है। मैं योगबल से अपना शरीर त्याग रहा हूं, आप लोग हड्डियां ले लें। महर्षि दधीचि ने योग से शरीर छोड़ दिया। उनकी हड्डियों से विश्वकर्मा जी ने वज्र बनाया

काकी कहानी, सियाराम शरण गुप्त,Kaki

चित्र
  काकी ( कहानी ) लेखक सियाराम शरण गुप्त Kaki story, shiyaram sharan gupt Questions answers काकी कहानी लेखक सियाराम शरण गुप्त, काकी कहानी का सारांश, काकी कहानी का उद्देश्य, काकी कहानी से क्या शिक्षा मिलती है। श्यामू कौन था। श्यामू की मां को क्या हुआ। पतंग किसलिए खरीदा गया था। विश्वेश्वर कौन थे। श्यामू आकाश की ओर क्यों देखा करता था । सुखिया दासी के लड़के का क्या नाम था ? पतंग के लिए पैसे कहां से आए। काकी कहानी में लेखक ने बाल मनोविज्ञान का सुन्दर और यथार्थ वर्णन किया है। बच्चों का मन कितना भावुक होता है, इसे बहुत गंभीरता के साथ समझने की आवश्यकता होती है। इस कहानी में लेखक सियाराम शरण गुप्त ने पाठकों को बताने का प्रयास किया है कि हमें अपने बच्चों के प्रति संवेदनशील और सजग रहने की आवश्यकता है। वर्तमान समय में इस कहानी की  सार्थकता और अधिक बढ़ गई है। काकी कहानी का सारांश kaki story summary श्यामू नाम का एक बालक है। वह अबोध है। उसकी मां का देहांत हो गया है। परन्तु उसे मृत्यु का अर्थ नही मालूम है। घर के सारे लोग  विलाप कर रहे हैं। उसकी मां मृत्यु शैय्या पर लेटी हुई है। जब उसकी मां को लोग श्मश

अगस्त क्रांति August Kranti

चित्र
  अगस्त क्रांति (August Kranti ) अगस्त क्रांति क्या थी ? 26 अप्रैल 1942 को क्या हुआ ? हरिजन पत्र के बारे में बताएं। भारत छोड़ो आंदोलन का नारा किसने दिया ?  9 अगस्त 1942 को क्या हुआ ? क्रिप्स योजना के असफल होते ही सारे देश में विद्रोह और असंतोष की लहर फैल गई। इस संबंध में गांधी जी ने 26 अप्रैल 1942 को ' हरिजन ' पत्र में कहा कि यदि अंग्रेजों ने भारत को उसके भाग्य के भरोसे सिंगापुर की तरह छोड़ भी दिया तो अहिंसक भारत को इससे कोई भी हानि न होगी। उन्होंने इसी पत्र में भारत छोड़ो का नारा दिया था। भारत छोड़ो आंदोलन महात्मा गांधी जी के ' भारत छोड़ो ' नारे के महत्व को सबने एक स्वर से स्वीकार कर लिया। 14 जुलाई, 1942 को वर्धा में एक स्वर से सभी ने भारत छोड़ो का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया कहा गया कि भारत में ब्रिटिश शासन का अंत शीध्र होना चाहिए। 8 अगस्त 1942 को ' भारत छोड़ो ' का नारा बुलंद करने के लिए अखिल भारतीय कांग्रेस महासमिति की एक बैठक मुंबई मैं बुलाई गई। गांधी जी ने अपने भाषण में यह घोषणा की, कि इस क्षण से आप में से हर एक अपने को आजाद आदमी या आजाद औरत समझे। हम भारत को

दो बैलों की कथा, Do bailo ki katha लेखक – प्रेमचंद

चित्र
  दो बैलों की कथा,  लेखक – प्रेमचंद Do bailo ki katha, story " दो बैलों की कथा " मुंशी प्रेमचंद द्वारा लिखित एक प्रसिद्ध कहानी है। इस कहानी के द्वारा भारतीय किसान किस तरह अपने बैलों को  अपने परिवार की तरह मानते हैं, यह दर्शाया गया है साथ ही यह दिखाया गया है कि आजादी के लिए काफी संघर्ष करने की जरूरत होती है। दो बैलों की कथा कक्षा नौवीं में पढ़ी पढ़ाई जाती है। यहां कहानी का सारांश, लेखक प्रेमचंद का जीवन परिचय एवं पाठ का प्रश्न उत्तर सरल भाषा में दिया गया है। Table of contents दो बैलों की कथा कहानी का सारांश do bailo ki katha kahani ka Saransh, summary of do bailo ki katha, दो बैलों की कथा कहानी के लेखक प्रेमचंद का जीवन परिचय, do bailo ki katha ke lekhak kaun hai, biography of premchand, दोनों बैलों के नाम, हीरा और मोती कैसे बैल थे। कांजीहौस क्या होता है। दो बैलों की कथा कहानी कब लिखी गई थी। दो बैलों की कथा कहानी का संदेश। NCERT solutions, class ninth hindi शब्दार्थ लेखक प्रेमचंद का जीवन परिचय दो बैलों की कथा " कहानी का प्रश्न उत्तर NCERT solutions *************************

रिश्ता, कहानी,चित्रा मुद्गल, Rista story'

चित्र
 रिश्ता कहानी का सारांश रिश्ता कहानी का मुख्य पात्र कौन है? रिश्ता कहानी की लेखिका कौन है ? रिश्ता, कहानी,चित्रा मुद्गल, Rista story' रिश्ता कहानी चित्रा मुद्गल द्वारा रचित एक ऐसी लघु कथा है जिसमें मरथा नामक एक नर्स की करूणामयी भाव और कर्तव्यों का हृदय स्पर्शी वर्णन है । दो बैलों की कथा       (क्लिक करें और पढ़ें) अशोक  खंडाला घाट की चढ़ाई पार करते समय दुर्घटना ग्रस्त हो गया था। पूरे बाइस दिनों तक वह कोमा में रहा था। जब उसे होश आया तो उसके सामने थी उसका उपचार करने वाली सिस्टम मारथा मम्मी। मारथा अस्पताल में सिस्टम थी। उसी की देखभाल और तपस्या ने उसे बचाया था। चार महीने बाद जब वह अस्पताल से डिस्चार्ज हुआ तब वह मरथा मम्मी से लिपट लिपट कर खूब रोया था। मरथा ने भी खूब हाथ हिला हिला कर उसे विदाई दी थी। जग जीवन में जो चिर महान  (क्लिक करें और पढ़ें) हम असत्य से बचें, सत्य पर च लें धोबी का कुत्ता, न घर का न घाट का (क्लिक करें और पढ़ें) आज बहुत अरसे बाद वह अस्पताल पहुंचा तो देखा कि मारथा मम्मी किसी मरीज की नाडी देख रही है। वह खुशी से पागल हो उठा और मारथा को बाजूओं में उठा लिया। मारथा मम्मी न

बूढ़ा बाघ और बटोही

चित्र
   बूढ़ा बाघ और बटोही, Budha Bagh aur batohi, लालची पथिक की कहानी, लालच बुरी बात।  यह कहानी एक ऐसे लालची पथिक की है जो यह जानते हुए कि बाघ हिंसक पशु होता है, फिर भी उसकी मीठी बातों में आकर अपनी जान गंवा देता है। इसलिए अपनी बुद्धि और विवेक का सदा इस्तमाल करें और किसी ठग की मीठी मीठी बातों में न आए। बहुत पहले की बात है। किसी वन में एक बूढ़ा बाघ रहता था। अत्यधिक बुढ़ापे के कारण वह मनुष्य और पशुओं को मारकर खाने में असमर्थ हो गया था। उसने यह सोच कर दानी बनने का स्वांग रचा। वह प्रतिदिन एक सरोवर के किनारे हाथ में कुश लेकर भगवान का नाम जपता और उस तरफ से गुजरने वाले पथिकों से कहता --- "  हे पथिक !  इस सोने के कंगन को ले जा। इससे तुम्हारी गरीबी दूर हो जाएगी। बाघ की बातें सुनकर एक पथिक को लोभ हो गया। उसने सोचा , ऐसी बातें  भाग्य से ही होती हैं। क्यों न भाग्य को आजमाया जाए। फिर सोचा, इसमें खतरा भी कम नहीं है। धन पाने में खतरा तो रहता ही है। डरना नहीं चाहिए। एक बार अपने भाग्य की परीक्षा लेने में क्या नुकसान है। pradushan essay       (क्लिक करें और पढ़ें) बटोही ने कहा, तुम्हारा कंगन कहां है ? 

बोपदेव की कथा,Bopdev ki story

चित्र
  बोपदेव की कहानी, Bopdev story बोपदेव क्या थे बोपदेव क्या बनें। बच्चे बोपदेव को कैसे चिढ़ाते थे। बच्चे बोपदेव को क्या कहकर चिढ़ाते थे। गुरु देव ने बोपदेव से क्या कहा कुएं के पास क्या था बालक बोपदेव पढ़ने में बहुत कमजोर था। परन्तु वह प्रतिदिन पाठशाला आना नहीं छोड़ता था। गुरु जी उसे पढ़ाने - दिखाने का बहुत प्रयास करते, परन्तु लाख प्रयास करने पर भी उसे कुछ भी समझ में नहीं आता। सभी बच्चे उसे बरदराज अर्थात बैलों का राजा कहकर चिढ़ाते थे। गुरु जी भी प्रयास करते - करते थक गये। एक दिन उन्होंने बालक बोपदेव को अपने पास बुलाया और कहा, बेटा बोपदेव ! लगता है, विद्या तुम्हारे भाग्य में नहीं है। इसलिए अच्छा है कि तुम अपने घर वापस लौट जाओ और  वही कुछ अन्न  उपजाकर अपने परिवार की सहायता करो। गुरु जी की बातें सुनकर बोपदेव उदास मन से अपने घर वापस जाने लगा।   चलते - चलते वह सोचने लगा, घर जाकर वह क्या  करेगा ? वहां भी लोग उसे चिढ़ाएंगे ही‌। उसका जीवन ही बेकार है। तभी उसे प्यास  का अनुभव हुआ  । रास्ते में एक कुआं दिखाई दिया। वहां कुछ स्त्रियां पानी भर रही थी। बोपदेव पानी पीने वहीं जा पहुंचा। उसकी नजर कुंए की

जापान: उगते सूरज का देश(Japan,The country of rising Sun)

चित्र
 जापान , उगते सूरज का देश, Japan the country of rising Sun जापान को उगते सूरज का देश कहा जाता है। द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद जो विनाश लीला जापान ने झेला है, उसके बाद भी वहाँ के लोग अपनी मेहनत और लगन से जापान को एक समृद्धि का प्रतीक देश बना दिया। वहाँ के लोग मानवीय भावनाओं का बहुत सम्मान करते हैं। भारत के प्रति उनके मन में अपार श्रद्धा है। प्रत्येक जापानी महात्मा बुद्ध का भक्त है और वे एक बार भारत अवश्य आना चाहते हैं।     जापान की रेलगाड़ियाँ विश्व भर में प्रसिद्ध है। यहां हवाई अड्डे के टर्मिनल के नीचे भूमिगत रेलवे स्टेशन है जिसे "सबवे" कहा जाता है। तीन तीन तल्लों के सबवे धरती के नीचे हैं। सभी रेलगाड़ियाँ एयरकूलित हैं और समय से चलती है। हिबिया, गिज़ान, मारुनोची, तजाई नामों की ट्रेनें हैं । कहीं भी टिकट चेकर नहीं है, फिर भी लोग ईमानदारी से यात्रा करते हैं। "नेताजी का चश्मा" कहानी भी पढ़ें गिंजान टोकियो का सबसे शानदार और उत्कृष्ट इलाका है । वहाँ की सड़कें सुंदर, साफ और चौड़ी है। यहां बड़े-बड़े फैशन स्टोर हैं, जिनमें दुनिया भर के सामान मिलते हैं। महिलाओं के लिए यह बह