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बोर्ड परीक्षा की तैयारी हेतु कुछ जरूरी बातें, 2023 बोर्ड परीक्षा की तैयारी के टिप्स, how we prepare board exam , दसवीं और बारहवीं बोर्ड परीक्षा की तैयारी कैसे करें , हिंदी में जानकारी

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  बोर्ड परीक्षा की तैयारी हेतु कुछ जरूरी बातें, 2023 बोर्ड परीक्षा की तैयारी के टिप्स, how we prepare board exam , दसवीं और बारहवीं बोर्ड परीक्षा की तैयारी कैसे करें , हिंदी में जानकारी। प्रत्येक वर्ष फरवरी और मार्च का महीना छात्र - छात्राओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है क्योंकि इसी महीने में अक्सर दसवीं और बारहवीं के बोर्ड एग्जाम होते हैं। चाहे विद्यार्थी किसी भी स्तर का हो , परीक्षा के नाम से उसकी धड़कनें तेज हो ही जाती है। और यदि पूरी मुक्कमल तैयारी नहीं हुई है तो परेशान होना जरूरी हो जाता है क्योंकि जीवन में चाहे कितनी भी परीक्षा हो जाती है लेकिन दसवीं और बारहवीं बोर्ड की परीक्षा जीवन भर नहीं भूली जाती। दसवीं और बारहवीं की परीक्षा आगे के जीवन की दिशा जो तय करती है। इसलिए परीक्षा की तैयारी ठीक से हो, इसके लिए कुछ जरूरी बातें जानना आवश्यक है। इस आलेख में 2023 बोर्ड की परीक्षा की अच्छी तैयारी के लिए कुछ जरूरी टिप्स दिए गए हैं जिनका अनुशरण करके अधिक नम्बर से परीक्षा उत्तीर्ण किया जा सकता है। How we take more marks in board exam, बोर्ड एग्जाम में अधिक अंक कैसे लाएं  Board exam की तैयार

यूट्यूब YouTube से अच्छा कोई बिजनेस नहीं, YouTube सबसे आसान और फायदेमंद बिजनस, YouTube से खूब पैसे कमाए

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 यूट्यूब YouTube से अच्छा कोई बिजनेस नहीं, YouTube सबसे आसान और फायदेमंद बिजनस, YouTube से खूब पैसे कमाए  यदि आप के पास बिजनेस करने के लिए पैसे नहीं हैं, कोई बात नहीं। आप किसान हैं, आप विद्यार्थी हैं, आप गृहणी हैं अथवा माली हैं, खिलाड़ी हैं या दुकानदार, पैसे हैं या नहीं, कोई बात नहीं , यूट्यूब आपके लिए पैसे कमाने का बहुत अच्छा प्लेटफार्म है, जहां विडियो डालकर आप खूब पैसे कमा सकते हैं। जानिए कैसे ? ********************************************** दोस्तों ! YouTube एक ऐसा नाम है जहां से हजारों लोग खूब पैसे कमा रहे हैं। आपको विश्वास नहीं होगा, यूट्यब इतना पैसा देता है कि आपको विश्वास नहीं होगा। आप बेरोजगार हैं, बिजनेस करना चाहते हैं परन्तु पैसे नहीं हैं, कोई बात नहीं, YouTube पर बिजनेस करने केलिए पैसे नहीं , बल्कि कोई एक टैलेंट की जरूरत होती है। आपको जो कुछ भी आता है, उससे संबंधित विडियो बनाइए और YouTube पर अपलोड कर दीजीए, विडियो वायरल हो गया तो आपके खाते में पैसे की बरसात हो जाएगी। आप यदि किसान हैं तो खेती करने का हाल आप जरूर जानते हैं, बस उसी से संबंधित विडियो बना दीजिए। कैसे खेत तैयार कर

Bhartiya vastukala aur murtikala, Bhartiya vastukala aur murtikala ki visheshta, sindhu ghari , Harappa, mohanjodaro Sarnath stup, भारतीय वास्तुकला की विशेषताएं, भारतीय वास्तुकला और मूर्ति कला

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 भारतीय वास्तुकला और मूर्ति कला, भारतीय वास्तुकला क्या है ? भारतीय वास्तुकला की विशेषताएं, सिंधु घाटी सभ्यता के दो प्रमुख नगर - हड़प्पा और मोहनजोदड़ो, मौर्य काल में वास्तुकला और मूर्ति कला, बौद्ध धर्म में स्तूप, सांची का स्तूप, सारनाथ के स्तंभ, गुप्त काल भारतीय कला का स्वर्ण युग, देवगढ़ का दशावतार मंदिर, लोहे का लाट, अजंता एलोरा और बाघ की गुफाएं, कोणार्क का सूर्य मंदिर और खजुराहो का मंदिर, दक्षिण भारत के मंदिरों में वास्तुकला और मूर्ति कला, बृहदेश्वर मंदिर, मीनाक्षी मंदिर, बुलंद दरवाजा, अमृतसर का स्वर्ण मंदिर और आगरा का ताजमहल वास्तुकला का श्रेष्ठ उदाहरण। Bhartiya vastukala aur murtikala, Bhartiya vastukala aur murtikala ki visheshta, sindhu ghari , Harappa, mohanjodaro Sarnath stup, भारतीय वास्तुकला की विशेषताएं, भारतीय वास्तुकला और मूर्ति कला भारतीय वास्तुकला और मूर्ति कला का इतिहास बहुत पुराना है। भारतीय कला की कहानी की शुरुआत लगभग पांच हजार साल पुरानी है। सिंधु घाटी सभ्यता के दो प्रमुख नगर थे - हड़प्पा और मोहनजोदड़ो। यहां वास्तुकला के श्रेष्ठ नमूने उपलब्ध हैं। अब आपके मन में यह प्र

हिंदू मान्यताओं के अनुसार जन्म दिन कैसे मनाएं

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हिंदू मान्यताओं के अनुसार जन्म दिन मनाने का विधान। हिंदू मान्यताओं के अनुसार जन्म दिन इस प्रकार मनाया करें-- Celebrate birthdays according Hindu belief  आधुनिक काल का दौर और पाश्चात्य संस्कृति की देखा-देखी में हम अपनी सनातन संस्कृति को भूलने पर तुले हैं। इसलिए जन्म दिन मनाने के तौर-तरीकों में भी प्रयाप्त अंतर आ गया है। जन्म दिन कैसे मनाएं जिससे हम दीर्घायु हों और हमारा जीवन सुखमय हो, आइए देखते हैं। 1. जिसका जन्म दिवस मनाया जाए उसे ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करना चाहिए। पूजा पाठ करें और अपने इष्ट देव से आशीर्वाद प्राप्त करें,। 2. देवार्चन - दीप प्रज्वलन, पूजन, हवन, यज्ञ करके बालक / बालिका का तिलक करें। प्रयास हो कि जन्म दिन दिन के उजाले में सम्पन्न हो, देर रात में जगना और जन्म दिन मनाना बिल्कुल अनुचित है। 3. दान संकल्प - ( उपहार न लेकर ) सामर्थ के अनुसार दान देना चाहिए। गरीब और अनाथों को भोजन वस्त्र प्रदान करने का प्रयास करें। 4. गौ ग्रास - गाय हमारी श्रद्धा का केंद्र है। इसलिए गाय को गौ ग्रास खिलाना चाहिए। गोशाला जाएं और दान दें। 5. वृक्षारोपण - जन्म दिवस पर एक या एक से अधिक पौधे अव

दिल का बचाव कैसे करें, How we save our heart

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 दिल कैसे बचाएं How we save our heart             in hindi,  हम अपने दिल का बचाव कैसे करें ? सही खान-पान, जीवन-शैली तथा नियमित व्यायाम शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग दिल (heart ) है। इसी दिल के माध्यम से रक्तवाहिकाओं के माध्यम से रक्त हमारे संपूर्ण शरीर में प्रवाहित होता है। यदि यह रूक जाए तो जीवन रूक जाता है। आज लगभग 29 प्रतिशत मौत का कारण हृदय की बीमारियां और हृदयाघात है। गलत जीवन शैली, उचित खान-पान का अभाव, व्यायाम और खेल कूद की कमी और बढ़ते प्रदूषण ने कम उम्र में ही लोगों को दिल का रोगी बना रहा है।  ऐसे में यह जरूरी है कि दिल से संबंधित समस्याओं और उनके बचाव के उपायों की हमें पूरी जानकारी हों। देखा जाए तो आज़ हृदय के बचाव की ओर बहुत कम लोग ध्यान देते हैं। जबकि इस भाग - दौर भरी जिंदगी में दिल के बचाव पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। भागदौड़ भरी जिंदगी, प्रदूषण और ख़ान पान की अनियमितता ने शहरों के साथ-साथ गांव में भी हृदय रोगियों की संख्या में इजाफा कर दिया है। थोड़ी जानकारी, सही समय पर इलाज, सही खान-पान और हल्की - फुल्की कसरत के द्वारा हम अपने दिल को सेहतमंद बनाए रख सकते हैं। आज देखा

Yogyata adharit shiksha, योग्यता आधारित शिक्षा के विषय में जानकारी

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          योग्यता आधारित शिक्षा,                     Yogyata Aadharit Shiksha             ( नई शिक्षा - नीति  2020 ) किसी भी देश का भविष्य वहां के युवा पीढ़ी की योग्यता और क्षमता पर निर्भर करता है और युवा पीढ़ी का भविष्य उस देश की शिक्षा नीति और शिक्षण - पद्धति पर निर्भर करता है। इसलिए किसी देश का भविष्य सुन्दर और सुदृढ़ बनाने के लिए एक अच्छी और दूरदर्शी शिक्षा नीति का होना आवश्यक है। इसी बात को ध्यान में रखकर भारत सरकार ने नई शिक्षा नीति लाकर देश को सुन्दर, सुदृढ़, स्वावलंबी और आत्मनिर्भर भारत बनाने का मार्ग प्रशस्त किया है। तो आइए, नयी शिक्षा नीति के अंतर्गत योग्यता आधारित शिक्षा के विभिन्न पहलुओं पर विचार करते हैं। Table of contents योग्यता आधारित शिक्षा क्या होगा है, yogyata adharit shiksha kya hai, योग्यता आधारित शिक्षा की विशेषता, योग्यता आधारित शिक्षा के लाभ, योग्यता आधारित शिक्षण विधियों की विशेषता, yogyata adharit shiksha ki visheshta, योग्यता आधारित शिक्षा में मूल्यांकन, yogyata adharit shiksha me mulyanakan, पारंपरिक शिक्षा और योग्यता आधारित शिक्षा में अंतर। योग्यता आधारित श

Apathit Bodh, अपठित बोध, अपठित गद्यांश और पद्यांश पर आधारित प्रश्न कैसे हल करें

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 अपठित बोध का तात्पर्य ऐसे गद्यांश अथवा पद्यांश से है जिसे विद्यार्थियों ने पाठ्यक्रम में शामिल किसी पाठ्य-पुस्तकों में नहीं पढ़ा हो। ऐसे गद्यांश अथवा पद्यांश किसी भी पुस्तक या पत्र - पत्रिकाओं से लिया जा सकता है। विद्यार्थियों को अपनी सूझबूझ से उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर देना होता है।  अपठित गद्यांश अथवा पद्यांश पर आधारित प्रश्नों के उत्तर देने के लिए जानने योग्य बातें 1. एकाग्र होकर पढ़ना -  प्रश्न - पत्र के अपठित गद्यांश अथवा पद्यांश को दो - तीन बार ध्यान से पढ़ें और इसके भाव को समझने का प्रयास करें। यदि निहित भाव समझ में नहीं आए तो पुनः पढ़ कर समझने का प्रयास करें। रेखांकित शब्दों का अर्थ - कभी कभी अपठित गद्यांश अथवा पद्यांश में कुछ शब्द रेखांकित किया रहता है। इनके अर्थ अथवा भाव लिखना होता है। कभी कभी इन शब्दों के एक से अधिक अर्थ होते हैं। इसलिए यह ध्यान रखना चाहिए कि प्रसंग के अनुसार अर्थ लिखें। प्रश्नों को ध्यान से पढ़ें - पूछे गए प्रश्नों को ध्यान से पढ़ें। प्रश्नों द्वारा क्या पूछा जा रहा है। प्रश्नों के क्या अर्थ है , इसे अच्छी तरह समझ लेना चाहिए। अपठित गद्यांश अथवा पद्यां

Balance diet, संतुलित आहार, कुपोषण

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  Balance diet, santulit ahar, kuposhan संतुलित आहार और कुपोषण कहते हैं, स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धन है। इतना ही नहीं अच्छे स्वास्थ्य के बिना न तो अच्छा सोचा जा सकता है और न ही अच्छा कुछ किया ही जा सकता है । इसलिए हमें सदा अपने अच्छे स्वास्थ्य के लिए चिंतन - मनन करते रहना चाहिए। अब सबसे पहला प्रश्न है कि अच्छे स्वास्थ्य का राज क्या है ? अच्छा स्वास्थ्य हो कैसे ?  इसका सबसे अच्छा जवाब है कि हमें अपने उम्र के अनुसार पोषक तत्वों को अपने भोजन में सामिल करना चाहिए। अर्थात हमें संतुलित भोजन (balance diet ) की आवश्यकता होती है जिसमें पर्याप्त मात्रा में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, विटामिन, खनिज आदि मौजूद हों। आइए, इस लेख में हम balance diet के निम्नलिखित बिंदुओं पर  विचार करते हैं -- संतुलित आहार किसे कहते हैं ,define balance diet, संतुलित आहार के लाभ, , benifit of balance diet food, balance diet food,  balance diet example, balance meal, संतुलित भोजन के फायदे,  गर्भवती महिलाओं के लिए पोषक आहार की उपयोगिता, संतुलित आहार योजना, plan for balance diet, कुपोषण, find balance diet chart. संतुलित आह

Sumit Antil biography, medal, सुमीत अंतिल जीवनी, पदक

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सुमीत अंतिल की जीवनी, A biography of Sumit Antil पैरालंपिक में सुमीत अंतिल ने गोल्ड मेडल जीतकर यह साबित कर दिया है कि " कौन कहता है कि आकाश में छेद  नहीं होता, बस तबीयत से पत्थर उछालने की आवश्यकता है। लगन, जूनून और सही प्रयास हो तो मंंजिल दूर नहीं रहती। सुमीत का थ्रो विश्व रिकॉर्ड बना।  आइए, इस लेख में स्वर्ण पदक विजेता सुुुमीत अंतिल के जीवन पर प्रकाश डालते हैं। सुमीत अंतिल का जन्म 06 जुलाई ,1998 को भारत के हरियाणा राज्य के सोनीपत जिले, गांव खेवड़ा में हुआ । इनके पिताजी राजकुमार भारतीय वायुसेना में थे ‌। जब सुमीत अंतिल बच्चे थे तभी पिता का साया इनके सिर से उठ गया । सुमीत अंतिल की मां निर्मला ने इनका पालन-पोषण किया। सुमीत अंतिल की प्रारम्भिक शिक्षा सोनीपत में हुई। स्नातक (B.com) इन्होंने दिल्ली से किया। कुछ दिनों तक इन्होंने अपने गांव में पहलवानी भी किया। 23 वर्षीय सुमीत का का संबंध किसान परिवार से रहा है। सुमीत 2015 में एक मोटर साइकिल दुर्घटना के शिकार हो गए जिससे इनका बाया पैर ख़राब हो गया। फिर भी सुमीत अंतिल ने हिम्मत नहीं हारी। 2017 में नितिन जायसवाल की देखरेख में प्रशिक्षण प्र

Teachers day 2021,

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     निबंध, भाषण, ध्येय वाक्य, श्लोक ************************************************* किसी भी देश का भविष्य उस देश के छात्र - छात्राओं पर निर्भर करता है और छात्र -  छात्राओं का भविष्य उस देश के सुयोग्य शिक्षकों पर निर्भर करता है। इसलिए हमारे देश में गुरु का स्थान भगवान से भी ऊंचा माना गया है। गुरु वह है जो अपने छात्रों को अज्ञानता के अंधकार से ज्ञान के प्रकाश में ले जाए। माता - पिता तो बच्चे को जन्म देते हैं परन्तु एक शिक्षक ही अपने कठिन तप से अर्जित ज्ञान के द्वारा बच्चों को सुयोग्य नागरिक बनने में सहायता करते है। इसलिए दुनिया के लगभग सभी देशों में शिक्षकों के सम्मान में  शिक्षक दिवस मनाने की परंपरा है। भारत में प्रति वर्ष 05 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है। आइए, इस लेख में शिक्षक दिवस से संबंधित महत्वपूर्ण बातों की जानकारी प्राप्त करें। विभिन्न देशों में शिक्षक दिवस कब मनाया जाता है ?  1.भारत - --------        05 सितंबर 2. बांग्लादेश -------        05 अक्टूबर 3. चीन ----------         10 सितंबर 4. जर्मनी ---------      05 अक्टूबर 5. ग्रीस -     --------     30 जनवरी 6. मलेशिया -

प्रेम क्या है, prem, Love

  प्रेम क्या है ? प्रेम का अर्थ, Prem, Love 1. प्रेम का मतलब 2. प्रेम का महत्व 3. कबीर का प्रेम "मनवा प्रेम जगत का सार!" संपूर्ण जगत का सारांश प्रेम तत्व ही है। जिस तरह पृथ्वी के गुरूत्वाकर्षण के कारण संपूर्ण वायुमंडल पृथ्वी के इर्द-गिर्द घूमता रहता है, उसी प्रकार सभी चराचर को प्रेम तत्व ही एक आगोश में समेटे हुए है। प्रेम के कारण ही तो सारा संसार एक सूत्र में बंधा है । इसलिए विद्वानों ने एक मत से इस संसार में प्रेम की महता को स्वीकार किया है। ईश्वर ने भी प्रेम को ही संसार की अनमोल वस्तु माना है। यदि प्रेम सांसारिक वस्तुओं या व्यक्ति से किया गया तो वह प्रेम कहलाता है लेकिन वही प्रेम ईश्वर से किया जाता है तो वह भक्ति कहलाता है।इस तरह प्रेम लौकिक से पारलौकिक बन जाता है। महात्मा कबीर ने कहा "पोथी पढ़ी-पढ़ी जग पंडित भया ना कोई । ढाई आखर प्रेम का पढ़े सो पंडित होय ।।" संपूर्ण विद्या का सार प्रेम ही है। लेकिन प्रेम निस्वार्थ और तटस्थ हो। संपूर्ण भाव से परिपूर्ण प्रेम ही ईश्वर को प्रिय है।   सच्चा हितैषी निबन्ध  ।  क्लिक करें और पढ़ें। यह कहानी बड़ी रोचक और ज्ञानवर्धक है।