संदेश

अप्रैल, 2023 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

स्वर वर्ण किसे कहते हैं, हिंदी में जानकारी, sawar warn kise kahte hai, Hindi me jano, स्वर वर्ण के प्रकार,kinds of sawar warn in hindi, example, स्वर वर्ण के उदाहरण

चित्र
  स्वर वर्ण किसे कहते हैं, हिंदी में जानकारी, sawar warn kise kahte hai, Hindi me jano, स्वर वर्ण के प्रकार,kinds of sawar warn in hindi, example, स्वर वर्ण के उदाहरण  सर्वनाम किसे कहते हैं Sawar warn, स्वर वर्ण किसे कहते हैं ? हिंदी में जानने से पहले हमें यह जानना जरूरी है कि वर्ण किसे कहते हैं ? भाषा की वह सबसे छोटी इकाई , अर्थात वह मूल ध्वनि जिसके खंड या टूकडे न हो। इसे भी वर्ण कहते हैं। वर्ण के दो भेद हैं -- स्वर वर्ण और व्यंजन वर्ण। आज हम यहां स्वर वर्ण के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे।  स्वर वर्ण -- वह वर्ण जिसका उच्चारण बिना किसी दूसरे वर्ण की सहायता के हो।  स्वर वर्ण व्यंजन वर्ण के उच्चारण में सहायक भी होता है। हिंदी में ग्यारह स्वर वर्ण हैं।  - अ आ इ ई उ ऊ ऋ ए ऐ ओ औ । सर्वनाम किसे कहते हैं स्वर वर्ण के भेद या प्रकार  स्वर वर्ण के निम्नलिखित तीन भेद हैं -- 1.ह्रस्व स्वर 2. दीर्घ स्वर 3. प्लूत स्वर। 1. ह्रस्व वर्ण --- जिन स्वर वर्णों के उच्चारण में एक मात्रा का समय लगता है , उस वर्ण को ह्रस्व स्वर वर्ण कहते हैं।  ह्रस्व स्वर वर्ण के उदाहरण - अ इ उ ऋ ए,ओ 2. दीर्घ स्वर वर्ण --जि

Business ka naya tarika, कम लागत में यह विजनेस करो, गांव हो या शहर, सभी जगह चलने वाला व्यवसाय, पांच हजार से लाखों कमाओ

चित्र
  Business ka naya tarika, कम लागत में यह विजनेस करो, गांव हो या शहर, सभी जगह चलने वाला व्यवसाय, पांच हजार से लाखों कमाओ  Small business ideas from home, business with five thousand, small business ideas from small town  पांच हजार रुपए से कौन बिजनेस शुरू करें। पांच हजार से शुरू करें और लाखों कमाओ। कम पूंजी निवेश कर अधिक कमाई के अवसर।  भारत विभिन्न धर्मों और धर्मावलंबियों का देश है। यहां महीनों की छोड़िए, हफ्ते हफ्ते पर्व त्योहार मनाए जाते हैं। इसलिए यहां पर्व त्योहार , पूजा पाठ से संबंधित छोटे बड़े व्यवसाय आसानी से संचालित होते हैं। इस आलेख में हमने ऐसे विजनेस पर चर्चा करेंगे जो बहुत कम पूंजी से शुरू कर एक बड़ा पूंजी खड़ा किया जा सकता है। तो आइए शुरू करते हैं विजनेस का एक नया तरीका। हमलोग देखते हैं कि प्रत्येक माह में कोई न कोई पर्व त्योहार अवश्य आता है और उसमें कितनी तरह की तैयारियां करनी पड़ती है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि प्रत्येक पर्व त्योहार में किसी न किसी देवी देवताओं की पूजा अवश्य की जाती है। जैसे सत्यनारायण भगवान की पूजा कथा तो होना बिल्कुल निश्चित ही है। अब यही से अपना बिज