संचार, जनसंचार, परिभाषा, संचार के माध्यम, संचार के तत्व
संचार, जनसंचार, परिभाषा, संचार के माध्यम, संचार के तत्व
मीडिया जब तक जनता को साथ लेकर नहीं चलेगी, तब तक जनता भी उसका साथ नहीं देगी।
-प्रभात जोशी
वरिष्ठ पत्रकार
1. जनसंचार माध्यम
इस पाठ में...
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संचार
- परिभाषा और महत्त्व
- संचार क्या है?
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संचार के तत्त्व
- स्रोत, एनकोडिंग, संदेश, माध्यम, प्राप्तकर्ता, फ़ीडबैक और शोर
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संचार के प्रकार
- सांकेतिक संचार
- मौखिक और अमौखिक संचार
- अंतःवैयक्तिक संचार
- अंतरवैयक्तिक संचार
- समूह संचार
- जनसंचार
- जनसंचार की विशेषताएँ
- संचार के कार्य
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जनसंचार के कार्य
- सूचना देना, शिक्षित करना, मनोरंजन करना
- एजेंडा तय करना
- निगरानी करना
- विचार-विमर्श के मंच
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भारत में जनसंचार माध्यमों का विकास
- समाचारपत्र-पत्रिकाएँ
- रेडियो
- टेलीविजन
- सिनेमा
- इंटरनेट
संचार के बिना जीवन संभव नहीं है। मानव सभ्यता के विकास में संचार की सबसे महत्त्वपूर्ण भूमिका रही है। संचार दो या दो से अधिक व्यक्तियों के बीच सूचनाओं, विचारों और भावनाओं का आदान-प्रदान है। इस तरह संचार एक प्रक्रिया है जिसमें कई तत्त्व शामिल हैं। संचार के कई प्रकार हैं जिनमें मौखिक और अमौखिक संचार के अलावा अंतःवैयक्तिक, अंतरवैयक्तिक, समूह संचार और जनसंचार प्रमुख हैं।
जनसंचार कई मामलों में संचार के अन्य रूपों से अलग है। जनसंचार सूचना, शिक्षा और मनोरंजन के अलावा एजेंडा तय करने का काम भी करता है। भारत में जनसंचार के विभिन्न माध्यमों का प्रभाव बढ़ता जा रहा है। जनसंचार माध्यमों का लोगों पर सकारात्मक के साथ-साथ नकारात्मक प्रभाव...के प्रति भी लोगों को सचेत करना बहुत जरूरी है।
संचार: परिभाषा और महत्त्व
- संचार का मूल अर्थ: संचार का सीधा अर्थ है संदेशों का आदान-प्रदान करना। जब हम अपने विचारों, भावनाओं या ज़रूरतों को दूसरों तक पहुँचाते हैं और उनकी बात सुनते हैं, तो उसे संचार कहते हैं।
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अनिवार्यता और जीवंतता:
- मनुष्य जीवन भर संचार किए बिना नहीं रह सकता। यह जीवन का एक स्वाभाविक लक्षण है। यहाँ तक कि एक छोटा बच्चा भी रोकर या आवाज़ें निकालकर अपनी माँ का ध्यान खींचता है।
- संचार का अंत एक तरह से जीवन के अंत का संकेत है।
- मौन (चुप रहना) भी एक संचार है: मनुष्य केवल बोलकर ही नहीं, बल्कि चुप रहकर भी संचार करता है। उदाहरण के लिए, यदि आप उदास या नाराज़ होकर चुप बैठे हैं, तो आपकी चुप्पी भी बिना कहे दूसरों को एक संदेश देती है।
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सामाजिक प्राणी के रूप में महत्त्व:
- मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है और समाज में रहने तथा अपने संबंधों को बनाए रखने के लिए संचार आवश्यक है।
- भाषा, लिपि और छपाई (प्रिंटिंग) के विकास का मुख्य उद्देश्य संदेशों के लेन-देन को तेज़ और आसान बनाना ही था।
- आधुनिक संचार क्रांति:
- आज टेलीफ़ोन, इंटरनेट, रेडियो, टेलीविज़न, सिनेमा और समाचार पत्रों के माध्यम से दूरियाँ बहुत घट गई हैं।
- संचार माध्यमों के विकास ने दुनिया को एक छोटे "वैश्विक गाँव" (Global Village) के रूप में बदल दिया है, जिससे लोग न केवल भौगोलिक रूप से बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी एक-दूसरे से जुड़ गए हैं।
आधुनिक जनसंचार की भूमिका
- त्वरित समाचार और सीधा प्रसारण (Live): जनसंचार माध्यमों के ज़रिये दुनिया के किसी भी कोने की घटना की ख़बर कुछ ही मिनटों में मिल जाती है। उदाहरण के लिए, 11 सितंबर 2001 को अमरीका में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए आतंकवादी हमले को पूरी दुनिया ने टेलीविज़न पर सीधे प्रसारण (लाइव) के माध्यम से अपनी आँखों से घटते देखा था।
- दैनिक जीवन में अनिवार्यता: आधुनिक जीवन में संचार और जनसंचार माध्यम हमारी अनिवार्य आवश्यकता बन चुके हैं। ये केवल सूचना के साधन नहीं हैं, बल्कि हमें जागरूक करने और हमारा मनोरंजन करने में भी अग्रणी भूमिका निभाते हैं।
संचार क्या है?
- 'संचार' शब्द की उत्पत्ति: 'संचार' शब्द की उत्पत्ति 'चर' धातु से हुई है, जिसका अर्थ है—चलना या एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचना ।
- मूल परिभाषा: दो या दो से अधिक व्यक्तियों के बीच सूचनाओं, विचारों और भावनाओं का आदान-प्रदान ही संचार है।
- विल्बर श्रैम का कथन: मशहूर संचारशास्त्री विल्बर श्रैम के अनुसार, "संचार अनुभवों की साझेदारी है।"
- संचार की व्यापकता: संचार केवल दो व्यक्तियों तक सीमित प्रक्रिया नहीं है। यह दो व्यक्तियों से लेकर हज़ारों-लाखों लोगों के बीच (जनसंचार) हो सकता है।
संचार के तत्त्व (Elements of Communication)
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स्रोत या संचारक (Sender/Source):
- संचार प्रक्रिया की शुरुआत स्रोत या संचारक से होती है।
- जब कोई व्यक्ति किसी उद्देश्य से अपने विचार, भावना या संदेश को दूसरों तक पहुँचाना चाहता है, तो संचार की प्रक्रिया शुरू होती है। (जैसे: अपने मित्र से किताब माँगने की सोच)
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कूटकृतीकरण या एनकोडिंग (Encoding):
- संदेश भेजने के लिए संचारक भाषा या संकेतों का सहारा लेता है। भाषा वास्तव में एक तरह का कूट चिह्नों (Code) का समूह है।
- अपने संदेश को भाषा या संकेतों में बाँधने की प्रक्रिया को एनकोडिंग कहते हैं।
- सफल एनकोडिंग के लिए संचारक का उस भाषा पर पूरा अधिकार होना ज़रूरी है।
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संदेश (Message):
- यह संचार प्रक्रिया का सबसे महत्त्वपूर्ण तत्त्व है।
- संचारक का मुख्य उद्देश्य अपने संदेश को उसी अर्थ के साथ प्राप्तकर्ता तक पहुँचाना होता है। संदेश जितना स्पष्ट और सीधा होगा, प्राप्तकर्ता के लिए उसे समझना उतना ही आसान होगा।
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माध्यम (Channel):
- संदेश को प्राप्तकर्ता तक पहुँचाने वाले साधन को माध्यम कहते हैं।
- जैसे—बोले गए शब्द ध्वनि तरंगों के माध्यम से, दृश्य प्रकाश तरंगों के माध्यम से, और खुशबू वायु तरंगों के माध्यम से पहुँचती है।
- इसी तरह टेलीफ़ोन, समाचार पत्र, रेडियो, टेलीविज़न, इंटरनेट और फ़िल्म आदि आधुनिक संचार माध्यम हैं।
- प्राप्तकर्ता और डीकोडिंग (Receiver & Decoding):
- प्राप्तकर्ता (Receiver): संदेश को प्राप्त करने वाला व्यक्ति प्राप्तकर्ता या रिसीवर कहलाता है।
- कूटवाचन या डीकोडिंग (Decoding): प्राप्तकर्ता मिले हुए संदेश को पढ़कर या सुनकर उसके अर्थ को समझने की कोशिश करता है। इस प्रक्रिया को डीकोडिंग कहते हैं। यह एनकोडिंग की उल्टी प्रक्रिया है।

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