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पद्मावत' - एक परिचय एवं महत्वपूर्ण प्रतीक ​रचनाकार: मलिक मोहम्मद जायसी, Bihar TET special

  यहाँ 'पद्मावत' (मलिक मोहम्मद जायसी) पर भाग 1: संक्षिप्त परिचय एवं पद्मावत के प्रतीक तथा सेट 1 (प्रश्न 1 से 15) उत्तर व व्याख्या सहित  ​ भाग 1: 'पद्मावत' - एक परिचय एवं महत्वपूर्ण प्रतीक ​ रचनाकार: मलिक मोहम्मद जायसी ​ रचना काल: 1540 ई. (947 हिजरी) ​ भाषा: अवधी (ठेट अवधी) ​ छंद योजना: दोहा-चौपाई शैली (7 चौपाइयों के बाद 1 दोहा - कड़बक शैली) ​ कुल खंड (सर्ग): 57 खंड ​ रस: मुख्य रस शृंगार रस (संयोग एवं वियोग) तथा उत्तरार्द्ध में शांत एवं वीर रस । ​ पद्मावत के रूपक/प्रतीक (परीक्षा की दृष्टि से अति महत्वपूर्ण): पात्र / स्थान किसका प्रतीक है? चित्तौड़ शरीर (Body) राजा रतनसेन मन (Mind) सिंहल द्वीप हृदय (Heart) पद्मावती बुद्धि / सात्विक सत्ता (Paramatma) हीरामन तोता गुरु (Guide) नागमती दुनियाधंधा / सांसारिक बुद्धि राघव चेतन शैतान अल्लाउद्दीन  माया सेट 1: पद्मावत (वस्तुनिष्ठ प्रश्न 1 से 15) ​ Q1. मलिक मोहम्मद जायसीकृत 'पद्मावत' किस काल की रचना है? (A) आदिकाल (B) भक्तिकाल (निर्गुण-...

Bihar STET Hindi Syllabus 2026 PDF Download (Paper 1 & Paper 2) | बिहार STET हिंदी पाठ्यक्रम और परीक्षा पैटर्न

 Bihar STET Hindi Syllabus 2026 PDF Download (Paper 1 & Paper 2) | बिहार STET हिंदी पाठ्यक्रम और परीक्षा पैटर्न ​यदि आप Bihar STET (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की तैयारी कर रहे हैं और हिंदी विषय (Paper 1 एवं Paper 2) के विस्तृत पाठ्यक्रम (Syllabus) की तलाश में हैं, तो यह लेख आपके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। ​इस पोस्ट में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) द्वारा निर्धारित Bihar STET Hindi Syllabus का पूरा विवरण दिया गया है, जिससे आप अपनी तैयारी को सही दिशा दे सकें। ​ Bihar STET Exam Pattern (परीक्षा पैटर्न) ​Bihar STET परीक्षा में कुल 150 प्रश्न पूछे जाते हैं, जो वस्तुनिष्ठ (MCQs) प्रकार के होते हैं। परीक्षा में कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं होती है। ​ कुल प्रश्न: 150 ​ कुल अंक: 150 ​ समय अवधि: 2 घंटे 30 मिनट ​ विषय अंक (Hindi): 100 अंक ​ शिक्षण कला एवं अन्य दक्षता: 50 अंक ​ 1. Bihar STET Paper 1 Hindi Syllabus (कक्षा 9-10 के लिए) ​पेपर-1 माध्यमिक विद्यालयों (Class 9th & 10th) के शिक्षकों के लिए आयोजित किया जाता है। इसमें स्नातक (Graduation) स्तर के प्रश्न पूछे ज...

Bopdeo ki kahani बोपदेव की कहानी: मंद बुद्धि बालक से महान व्याकरण आचार्य बनने की प्रेरणादायक कथा

  बोपदेव की कहानी: मंदबुद्धि बालक से महान व्याकरण आचार्य बनने की प्रेरणादायक कथा ​हमारे इतिहास और पौराणिक प्रसंगों में ऐसी कई कथाएं हैं जो हमें सिखाती हैं कि कड़ी मेहनत, लगन और सही दिशा में किए गए प्रयास से इंसान कुछ भी हासिल कर सकता है। ऐसी ही एक अत्यंत प्रेरणादायक और रोचक कहानी है आचार्य बोपदेव (Bopdeo) की। ​एक समय जिसे लोग मंदबुद्धि और मूर्ख समझते थे, वही बोपदेव आगे चलकर संस्कृत साहित्य और व्याकरण के महान विद्वान बने। आइए जानते हैं बोपदेव के जीवन की यह अद्भुत और प्रेरक कहानी। ​कौन थे बोपदेव? (Who was Bopdeo?) ​बोपदेव 13वीं शताब्दी के संस्कृत के एक प्रकांड पंडित, व्याकरणशास्त्री और चिकित्सक थे। उन्होंने संस्कृत व्याकरण को सरल बनाने के लिए 'मुग्धबोध' (Mugdhbodh) नामक प्रसिद्ध ग्रंथ की रचना की थी। इसके अलावा उन्होंने श्रीमद्भागवत पुराण के सार पर आधारित ग्रंथ और आयुर्वेद पर भी कई महत्वपूर्ण रचनाएं कीं। ​बोपदेव के बचपन की कहानी: जब पढ़ाई में मन नहीं लगता था ​बचपन में बोपदेव पढ़ने-लिखने में बहुत कमजोर थे। वे अपने आश्रम में गुरुजी द्वारा पढ़ाया गया पाठ कभी याद नहीं रख पाते ...