Rajgir ka malmas राजगीर का महत्व

 

Rajgir


Rajgir ka malmas राजगीर का महत्व 

राजगीर बिहार के नालंदा जिले में स्थित एक बेहद ऐतिहासिक और पवित्र शहर है। यह स्थान हिंदू, बौद्ध और जैन धर्मों के संगम के रूप में जाना जाता है और पहाड़ियों से घिरा होने के कारण इसकी प्राकृतिक सुंदरता भी देखते ही बनती है।

​यहाँ राजगीर के बारे में विस्तार से मुख्य जानकारियां दी गई हैं:

​ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व

  • मगध की प्राचीन राजधानी: प्राचीन काल में राजगीर (जिसे राजगृह के नाम से जाना जाता था) मगध साम्राज्य की पहली राजधानी थी। यह महाभारत काल के राजा जरासंध की नगरी भी रही है।
  • भगवान बुद्ध और बौद्ध धर्म: भगवान बुद्ध ने अपने जीवन के कई वर्ष यहाँ बिताए थे। यहाँ का 'गृधकूट पर्वत' वह पवित्र स्थान है जहाँ उन्होंने कई महत्वपूर्ण उपदेश दिए थे। बौद्ध धर्म की पहली संगीति (First Buddhist Council) भी यहीं की सप्तपर्णी गुफा में आयोजित हुई थी।
  • भगवान महावीर और जैन धर्म: जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर, भगवान महावीर ने भी यहाँ कई वर्ष बिताए थे और अपना पहला उपदेश (दिव्य ध्वनि) यहीं के विपुलाचल पर्वत पर दिया था। राजगीर की पहाड़ियों पर कई प्राचीन जैन मंदिर स्थित हैं।

​राजगीर के प्रमुख आकर्षण (Places to Visit)

  • विश्व शांति स्तूप (Vishwa Shanti Stupa): रत्नागिरी पहाड़ी पर स्थित यह एक विशाल सफेद संगमरमर का स्तूप है, जो शांति का प्रतीक है। यहाँ तक पहुँचने के लिए एक प्रसिद्ध रज्जु मार्ग (Ropeway) या केबल कार की सुविधा उपलब्ध है।
  • राजगीर ग्लास ब्रिज और नेचर सफारी (Glass Bridge & Nature Safari): आधुनिक पर्यटकों के लिए यह यहाँ का सबसे बड़ा आकर्षण है। यहाँ भारत का एक प्रसिद्ध ग्लास स्काईवॉक (शीशे का पुल), सस्पेंशन ब्रिज, जिपलाइन और वन्यजीवों को देखने के लिए सफारी बनाई गई है।
  • गर्म पानी के झरने (Brahmakund): वैभव पहाड़ी की तलहटी में कई औषधीय गर्म पानी के झरने (कुंड) हैं। इनमें सबसे प्रमुख 'ब्रह्मकुंड' है, जहाँ के पानी में स्नान करना स्वास्थ्य के लिए और धार्मिक दृष्टि से बहुत पवित्र माना जाता है।
  • जरासंध का अखाड़ा (Jarasandh Ka Akhara): माना जाता है कि इसी स्थान पर भीम और महाप्रतापी राजा जरासंध के बीच द्वंद्व युद्ध हुआ था।
  • बिंबिसार की जेल (Bimbisar Jail): यह वह ऐतिहासिक स्थान है जहाँ अजातशत्रु ने अपने पिता राजा बिंबिसार को बंदी बनाकर रखा था। यहाँ से विश्व शांति स्तूप का स्पष्ट नजारा दिखता है।
  • घोड़ा कटोरा झील (Ghora Katora Lake): पहाड़ियों के बीच स्थित यह एक बेहद शांत और खूबसूरत प्राकृतिक झील है। यहाँ गाड़ियों का जाना मना है (केवल तांगा या साइकिल से जा सकते हैं) और झील के बीचों-बीच भगवान बुद्ध की एक विशाल मूर्ति स्थापित है।

राजगीर और मलमास (पुरुषोत्तम मास) का संबंध बेहद गहरा और अलौकिक है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, मलमास के पूरे एक महीने तक राजगीर ब्रह्मांड का सबसे पवित्र केंद्र बन जाता है। इस दौरान यहाँ एक विशाल मेले का आयोजन भी होता है, जिसे 'मलमास मेला' कहा जाता है।

​आइए जानते हैं मलमास की पौराणिक कहानी और राजगीर से इसके जुड़े होने का महत्व:

​मलमास की पौराणिक कहानी (मलमास कैसे बना 'पुरुषोत्तम मास'?)

​हिंदू पंचांग (कैलेंडर) सूर्य और चंद्रमा की गति पर आधारित होता है। सूर्य वर्ष लगभग 365 दिन का होता है और चंद्र वर्ष लगभग 354 दिन का। इस तरह हर साल दोनों में करीब 11 दिन का अंतर आ जाता है। इस अंतर को पाटकर दोनों कैलेंडरों में संतुलन बनाने के लिए हर तीसरे साल चंद्र मास में एक अतिरिक्त महीना जोड़ दिया जाता है, जिसे 'अधिमास' या 'मलमास' कहते हैं।

कथा के अनुसार:

चूंकि इस अतिरिक्त महीने में सूर्य की संक्रांति (सूर्य का एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश) नहीं होती, इसलिए इसे शुभ कार्यों के लिए वर्जित और 'मलिन' (अशुद्ध) मान लिया गया। कोई भी देवता इस महीने का स्वामी बनने को तैयार नहीं था, जिससे इस महीने को 'मलमास' कहा जाने लगा।

​सभी ओर से उपेक्षित और दुखी होकर मलमास भगवान विष्णु के पास वैकुंठ धाम गया और अपनी व्यथा सुनाई। भगवान विष्णु को उस पर दया आ गई। उन्होंने मलमास को सांत्वना दी और कहा:

​"आज से मैं तुम्हें अपना नाम देता हूँ। अब से तुम 'पुरुषोत्तम मास' के नाम से जाने जाओगे और मैं स्वयं तुम्हारा स्वामी बनता हूँ। इस महीने में जो भी मनुष्य जप, तप, दान और स्नान करेगा, उसे अन्य महीनों की तुलना में कई गुना अधिक पुण्य प्राप्त होगा।"


​मलमास में राजगीर का धार्मिक महत्व

​भगवान विष्णु से वरदान पाने के बाद, मलमास ने पूछा कि इस पावन अवधि में धरती पर भक्तों को आपका सानिध्य कहाँ मिलेगा? तब भगवान विष्णु ने राजगीर (प्राचीन राजगृह) को इसके लिए चुना।

  • 33 कोटि देवी-देवताओं का वास: ऐसी मान्यता है कि मलमास के पूरे एक महीने तक हिंदू धर्म के 33 कोटि (प्रकार) देवी-देवता, ऋषि-मुनि और यक्ष-गंधर्व स्वर्ग लोक छोड़कर राजगीर में निवास करते हैं। इसी वजह से इस दौरान राजगीर में पूजा-पाठ और स्नान का महत्व अनंत गुना बढ़ जाता है।
  • काकभुशुण्डि जी का प्रसंग: पौराणिक कथाओं के अनुसार, मलमास के दौरान राजगीर के पवित्र मैदान और कुंडों में सभी देवी-देवता मौजूद रहते हैं, लेकिन इस अवधि में कौवे (Crow) यहाँ से गायब हो जाते हैं। इसके पीछे मान्यता है कि काकभुशुण्डि जी (जो कौवे के रूप में थे) को गुरु के श्राप के कारण यहाँ प्रवेश की अनुमति नहीं मिली थी, इसलिए सम्मानवश इस महीने में कोई कौवा राजगीर की सीमा में दिखाई नहीं देता।
  • गर्म जलकुंडों में स्नान का महत्व: राजगीर में 22 कुंड और 52 धाराएं हैं, जिनमें 'ब्रह्मकुंड' सबसे प्रमुख है। माना जाता है कि मलमास के दौरान इन सभी कुंडों में साक्षात देवताओं का अंश होता है। इस समय यहाँ स्नान करने से सारे पाप धुल जाते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

​राजगीर का 'मलमास मेला'

​हर तीसरे वर्ष जब मलमास आता है, तो राजगीर में एक महीने का बहुत बड़ा मेला लगता है। देश-विदेश से लाखों साधु-संत, कल्पवासी और श्रद्धालु यहाँ आकर तंबू गाड़ते हैं, भजन-कीर्तन करते हैं और पवित्र कुंडों में स्नान करते हैं। इसे पूर्व भारत का एक लघु कुंभ भी कहा जा सकता है।



​कैसे पहुँचें?

  • हवाई मार्ग: सबसे नजदीकी हवाई अड्डा पटना (जयप्रकाश नारायण अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा) है, जो यहाँ से लगभग 100 किमी दूर है।
  • रेल मार्ग: राजगीर का अपना रेलवे स्टेशन है जो पटना, दिल्ली और कोलकाता जैसे प्रमुख शहरों से सीधी ट्रेनों द्वारा जुड़ा हुआ है। इसके अलावा नजदीकी बड़ा जंक्शन गया (Gaya) और नालंदा भी हैं।
  • सड़क मार्ग: बिहार के प्रमुख शहरों जैसे पटना, गया और नालंदा से राजगीर के लिए नियमित बसें और टैक्सी सेवाएं उपलब्ध हैं।

​घूमने के लिए अक्टूबर से मार्च के बीच का समय सबसे उत्तम माना जाता है क्योंकि इस दौरान मौसम काफी सुहावना रहता है। क्या आप राजगीर की यात्रा की योजना बना रहे हैं, या किसी विशेष स्थान के बारे में और अधिक जानना चाहते हैं?

लेखक - डॉ उमेश कुमार सिंह 

टिप्पणियाँ

Recommended Post

Bade Ghar ki Beti , story, question answer (2026)बड़े घर की बेटी, कहानी , प्रेमचंद

फूल और कांटा (Phul aur Kanta) 2026 - 27 exam special poem phool aur kante summary question answer

1.संपादन ( sampadan) 2. संपादन का अर्थ एवं परिभाषा तथा कार्य 3.संपादन के सिद्धांत

बच्चे काम पर जा रहे हैं , कविता, question answer class 9कवि राजेश जोशी, भावार्थ, व्याख्या, प्रश्न उत्तर, राजेश जोशी का जीवन परिचय, Bachche kam pr ja rhe hai poem, explanation, भावार्थ 9th class hindi

चेतक ( कविता ) ( 2026 - 27) Chetak horse, महाराणा प्रताप का घोड़ा, अरावली का शेर