काम की बातें, जिनपर हमें अवश्य ध्यान देना चाहिए!

 

काम की बातें, जिनपर हमें अवश्य ध्यान देना चाहिए!


यह ठीक है कि रोज एक ही काम अथवा एक ही तरह से काम करते - करते मन और तन दोनों थक जाता है। नहीं तो कम से कम एक थकावट और रूकावट तो महसूस होने जरूर लगता है। यदि रोज दोहराई जाने वाली आदतों अथवा काम करने के तरीके में थोड़ा परिवर्तन कर दिया जाए , तो अवश्य बेहतर महसूस किया जा सकता है। यहां हम जानकारों और विद्वानों द्वारा बताए गए कुछ उपायों को प्रस्तुत कर रहे हैं, जिन्हें अपनाकर आप अपने आप को बेहतर बना सकते हैं। आइए कुछ जानी पहचानी आदतों को अपनी रोजमर्रा के जीवन में अपनाएं। 

* प्रतिदिन कुछ पढ़ें 

एक बहस आम बात है कि लोगों में पुस्तकें पढ़ने की आदतें पहले जैसी ही है अथवा घटी है। यदि प्रतिदिन कुछ पढ़ने की आदत है तब तो अच्छी बात है। नहीं है तो रोज कुछ न कुछ अवश्य पढ़ें। शुरू में कुछ कम पढ़ेंगे लेकिन धीरे-धीरे आदत हो जायेगी और आप पुस्तक पढ़ने के शौकीन बन जाएंगे। पुस्तकें ज्ञान तो देती ही है, अकेलापन भी दूर करती है। पुस्तकें मनुष्य की अच्छी साथी है। 


* प्रतिदिन कुछ अवश्य लिखें 

मनुष्य को कुछ न कुछ अवश्य लिखना चाहिए। डायरी लेखन अच्छी आदतें हैं। वैसे भी जो मन में आए उसे कागज पर उतार दें। धीरे-धीरे यह आदत बन जाएगी और कौन जाने आप एक मशहूर लेखक बन जाएं। कुछ नहीं समझ में आ रहा है तो अपने द्वारा किए गए कुछ काम अथवा संकल्प ही लिख दें। इससे मन को शुकून मिलेगा। किसी चीज को समझने का नया नजरिया विकसित होगा। 


* शिकायतें कम करें 

नाराज़गी अच्छी बात नहीं है। चाहे खुद से हो या दूसरों से। अपने द्वारा की गई प्रतिक्रियाओं पर विचार करना चाहिए। किसी व्यक्ति अथवा बातों पर प्रतिक्रिया देने से पहले एक पल जरूर ठहरें। किसी बात को बढ़ा चढ़ाकर तो नहीं कह रहे हैं। दूसरे की निंदा को विद्वानों ने भी ग़लत कहा कि। गोस्वामीजी कहते हैं -- दूसरे की निंदा करने वाले चमगादड़ जैसे निम्न प्राणी में जन्म लेते है। और हां, यदि निंदा करते है तो उसके कुछ गुण का भी बखान कर दीजिए। इससे निंदा करने का पाप घट जाता है।


* अपने लिए भी समय निकालिए 

इस भाग दौड़ भरे जीवन में लोग अपने आप को भूल जाते हैं। अपने शरीर का भी ध्यान रखना चाहिए। 24 घंटे में कम से कम 15 मिनट स्वयं को दीजिए। अपने चेहरे को निहारें। नाखून , बाल, दांत, आदि शरीर के अंगों को ध्यान से देखें। पैर के तलवे का मालिश करें। व्यायाम करें। धूप का आनंद लें। रात में आकाश को, चांद सितारों को निहारें। अपने पूर्वजों का स्मरण करें। मन को शुकून मिलेगा।


आशा है यह लेख आप को अच्छा लगा होगा। इसे और बेहतर बनाने के लिए अपना सुझाव अवश्य लिखें। 

धन्यवाद।




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डॉ उमेश कुमार सिंह हिन्दी में पी-एच.डी हैं और आजकल धनबाद , झारखण्ड में रहकर विभिन्न कक्षाओं के छात्र छात्राओं को मार्गदर्शन करते हैं। You tube channel educational dr Umesh 277, face book, Instagram, khabri app पर भी follow कर मार्गदर्शन ले सकते हैं।

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