यमुना जयंती 24 मार्च को , क्या आपको पता है ? चैत्र शुक्ल षष्ठी को प्रकट हुई थी यमुना । चैत्र मास शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को देवी यमुना का पृथ्वी पर अवतरण हुआ था
यमुना जयंती 24 मार्च को , क्या आपको पता है ? चैत्र शुक्ल षष्ठी को प्रकट हुई थी यमुना । यमुना जयंती 24 मार्च को मनाया जाता है। यमुना जयंती पर विशेष । तपन शमन, अघ हरण, मुद मंगल की खान। जय यमुना मैया, करो सबका कल्याण॥" यमुना जयंती: भक्ति, मुक्ति और पावनता का संगम यमुना जयंती चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाई जाती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी पावन तिथि को सूर्यपुत्री और यमराज की बहन माँ यमुना का पृथ्वी पर अवतरण हुआ था। ब्रज संस्कृति और भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं की साक्षी होने के कारण यमुना जी का आध्यात्मिक महत्व अतुलनीय है। यमुना जी को केवल एक नदी नहीं, बल्कि 'मोक्षदायिनी' माना गया है। शास्त्रों के अनुसार, जो भक्त इस दिन श्रद्धापूर्वक यमुना जल में स्नान और पूजन करते हैं, उन्हें यमराज के भय से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि का संचार होता है। विशेषकर विश्राम घाट (मथुरा) और प्रयागराज में इस दिन अद्भुत छटा देखने को मिलती है। आज के इस आधुनिक युग में यमुना जयंती हमें अपनी नदियों को स्वच्छ और निर्मल रखने का संकल्प लेने की...