कौन पार फिर पहुंचाएगा, कविता, महादेवी वर्मा, kaun par phir pahuchaega
कौन पार फिर पहुंचाएगा, कविता, महादेवी वर्मा, kaun par phir pahuchaega
टकराएगा नहीं आज उद्धत लहरों से,
कौन ज्वार फिर तुझे पार तक पहुंचाएगा ?
अब तक धरती अचल रही पैरों के नीचे,
फूलों की दे ओट सुरभि के घेरे खींचे,
पर पहुंचेगा पंथी दूसरे तट पर उस दिन,
जब चरणों के नीचे सागर लहराएगा।
गर्त शिखर बन , उठे लिए भंवरों का मेला,
हुए पिघल ज्योतिष्क तिमिर की निश्छल बेला,
तू मोती के द्वीप स्वप्न में रहा खोजता,
तब तो बहता समय शिला - सा जम जाएगा,
लौ से दीप्त देव - प्रतिमा की उज्ज्वल आंखें,
किरणें बनी पुजारी के हित वर की पांखें,
वज्र शिला पर गढ़ी ध्वशं की रेखाएं क्या ?,
यह अंगारक हास नहीं पिघला पाएगा।
धूल पोंछ कांटे मत गिन छाले मत सहला
मत ठंडे संकल्प आंसुओ से तू बहला,
तुझसे हो यदि अग्नि - स्नात यह प्रलय महोत्सव
तभी मरण का स्वस्ति - गान जीवन गाएगा
टकराएगा नहीं आज उन्मद लहरों से
कौन ज्वार फिर तुझे दिवस तक पहुंचाएगा
कवयित्री - महादेवी वर्मा
कविता: कौन पार फिर पहुंचाएगा
लेखक: महादेवी वर्मा
भावार्थ (Meaning)
कविता में कवयित्री जीवन की कठिनाइयों और संघर्षों की बात करती हैं। वह सोचती हैं कि जीवन का दूरगामी सफर, जिसमें दुख और कष्ट भी शामिल हैं, उसे कौन पार कराएगा।
जीवन के दुख, परेशानियाँ और चुनौतियाँ अक्सर भारी और कठिन होती हैं।
कवयित्री इस सफर में सहारा और मार्गदर्शन चाहती हैं। कविता यह भी बताती है कि कठिन समय में आशा और धैर्य रखना बहुत जरूरी है।
अंत में यह संदेश मिलता है कि संघर्ष के बावजूद जीवन को पार करना हर व्यक्ति का प्रयास होता है।
संक्षेप में, यह कविता जीवन के संघर्ष, कष्ट और आशा का प्रतीक है।
प्रश्न-उत्तर (Questions & Answers)कौन पार फिर पहुंचाएगा कविता
प्रश्न 1: कविता “कौन पार फिर पहुंचाएगा” में महादेवी वर्मा किस चीज़ पर विचार कर रही हैं?
उत्तर: वह जीवन के संघर्षों और कठिनाइयों पर विचार कर रही हैं, और सोच रही हैं कि इन कठिनाइयों को पार कौन कराएगा।
प्रश्न 2: कविता का मुख्य संदेश क्या है?
उत्तर: जीवन में कठिनाइयाँ आती हैं, लेकिन धैर्य और आशा रखकर उनका सामना करना चाहिए। संघर्ष के बावजूद जीवन का सफर पूरा करना हमारा कर्तव्य है।
प्रश्न 3: कविता में आशा का क्या महत्व है?
उत्तर: कठिन समय में आशा रखने से मनोबल बढ़ता है और जीवन की समस्याओं का सामना करने की शक्ति मिलती है।
प्रश्न 4: यह कविता किस शैली की है?
उत्तर: यह आधुनिक हिंदी कविता की शैली में लिखी गई है, जिसमें भावपूर्ण और दार्शनिक विचार व्यक्त किए गए हैं।
प्रश्न 5: कविता में “पार पहुंचाने वाला” प्रतीकात्मक रूप में किसका संकेत है?
उत्तर: यह जीवन के मार्ग में मिलने वाले सहारे, मार्गदर्शन या ईश्वर/प्रकृति के संकेत के रूप में लिया जा सकता है।

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