राहुल सांकृत्यायन का जीवन परिचय A biography of Rahul Sankrityayan


Rahul Sankrityayan biography

 राहुल सांकृत्यायन का जीवन परिचय


जन्म तिथि- 1893 ई.

मृत्यु तिथि – 1963 ई.

जन्म स्थान – गांव पंदाहा, आजमगढ़, उत्तर प्रदेश।



          Mahapandit Rahul Sankrityayan

राहुल सांकृत्यायन जी का वास्तविक नाम केदार पांडेय था। इनकी शिक्षा काशी, आगरा और लाहौर में हुई थी। 1930 ई में श्रीलंका जाकर इन्होंने बौद्ध धर्म अपना लिया, तब से से इनका नाम राहुल सांकृत्यायन हो गया। ये घुमक्कड़ी स्वभाव के व्यक्ति थे।

राहुल सांकृत्यायन को महापंडित क्यों कहा जाता है ?

 राहुल सांकृत्यायन को महापंडित कहा जाता है क्योंकि ये पालि, प्राकृत, अपभ्रंश, तिब्बती, चीनी, जापानी, रूसी आदि अनेक भाषाओं के ज्ञाता थे।  बौद्ध धर्म से संबंधित जानकारी एकत्र करने और पालि भाषा के उत्थान के लिए इन्होंने बहुत कुछ किया है।

 यात्रा वृत्तांत साहित्य में इनका महत्वपूर्ण योगदान है। इन्होंने घुमक्कड़ी का शास्त्र ' घुमक्कड़ शास्त्र ' लिखा। इन्होंने अनेक स्थानों की यात्रा की और वहां के सभ्यता संस्कृति, भाषा आदि की जानकारी प्राप्त कर लोगों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण योगदान दिया। इन्होंने विभिन्न स्थानों के भौगोलिक वर्णन प्रस्तुत किया तथा वहां के रहन सहन का भी यथार्थ वर्णन किया है।

काव्य में रीति सिद्धांत 

प्रमुख रचनाएं -  मेरी जीवन यात्रा ( छः भाग ) , दर्शन दिग्दर्शन, बाइसवीं सदी,  वोल्गा से गंगा , भागो नहीं दुनिया को बदलो, दिमागी गुलामी, घुमक्कड़ शास्त्र। आदि।

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