संदेश

Contact us , संपर्क करें

हमसे संपर्क करें (Contact Us) ​ bimalhindi.in पर आने के लिए धन्यवाद। यदि आपके पास हमारे लेखों, विज्ञापनों या किसी अन्य सहयोग के लिए कोई प्रश्न या सुझाव है, तो आप नीचे दिए गए माध्यमों से हमसे संपर्क कर सकते हैं: ​✉️ ईमेल के माध्यम से: ​हमें अपनी क्वेरी यहाँ भेजें: kumarsinghumesh277@gmail.com ​📞 फोन के माध्यम से: ​आप हमें सीधे कॉल या WhatsApp कर सकते हैं: +91-9234743506 ​📍 हमारा पता: ​डॉ. उमेश कुमार सिंह हिंदी अकादमी, धनबाद/शेरपुर (दानापुर) For any queries To contact us, kindly write to below email address: kumarsinghumesh277@gmail.com 09234743506       संपर्क करें, contact me

About us

चित्र
                           डॉ.उमेश कुमार सिंह, पी -एच डी                       बिमल हिंदी - सरल, शुद्ध, निर्मल और भावपूर्ण हिंदी की दिशा में एक सार्थक कदम है। हिंदी ऐसी भाषा है जो विश्व भर में बोली और समझी जाती है। भारत की राजभाषा के आसन को यह सुशोभित तो करती ही है, बोलने, लिखने और समझने में भी सरल है। इसकी लिपि देवनागरी विश्व की अन्य लिपियों से अधिक श्रेष्ठ है। फिर भी ऐसा देखा जाता है कि हिंदी सीखने की दिशा में अभी बहुत कुछ करने की आवश्यकता शेष है। हम अपनी पूरी टीम के साथ यही करने का प्रयास कर रहे हैं। मेरा परिचय और अनुभव ​शिक्षण कार्य मेरा पेशा ही नहीं, बल्कि मेरा जुनून रहा है। सरस्वती विद्या मंदिर (भूली नगर, धनबाद) में 26 वर्षों तक हिंदी शिक्षक के रूप में सेवा देने के बाद, अब मैं डिजिटल माध्यम से अपनी इस यात्रा को आगे बढ़ा रहा हूँ। मेरा उद्देश्य है कि आधुनिक तकनीक के इस दौर में हमारी मातृभाषा हिंदी और उसका समृद्ध व्याकरण कहीं पीछे न छूट जाए। संपर्क करें :...

बसंत ऋतु ( spring season ) निबंध लिखने का बेजोड़ Trick 2026 exam special

चित्र
बसंत ऋतु, spring season essay बसंत ऋतु पर अनुच्छेद, बसंत ऋतु पर निबंध, बसंत ऋतु का चित्र, बसंत ऋतु की महिमा, बसंत ऋतु के रंग , बसंत ऋतु का महत्व 2026  में vvi,निबंध लिखने का बेजोड़ Trick  १.कालिदास का बसंत वर्णन,२.भूमिका,३.प्रकृति पर बसंत का प्रभाव ४ मनुष्य पर बसंत का प्रभाव              ५. उपसंहार Kalidas ka Basant varnan, introduction of Basant Ritu, Basant rituo ka raja, effect of neture of Basant, Basant ka man per prafaw. Basant aur prem, beauty of Basant, flowers of Basant, festival of Basant, fruit of Basant. कविकुल गुरु कालिदास ने ऋतु- राज बसंत का चित्रण कुछ इस प्रकार किया है --- "सिर पर मुकुट, जिसमें आम्र मंजरी खौंसी हुई, कान में नव कर्णिकाट, हाथ में चंपे का पुष्प, लाचारस रंजीत वस्त्र, जीवों की भांति लटकते बाल में गुथें अशोक और नवमल्लिका के पुष्प।] बसंत ऋतुओं का राजा है। भारत में इसका आगमन माघ शुक्ल पक्ष पंचमी (जनवरी) मास में होता है। यहाँ इसका आयु मात्र दो महीने की होती है। इसके आने से ही लोगों को जाड़े से छुटकारा मिल जाता है। सुनहर...

गणतंत्र दिवस,Republic day of India

चित्र
77 वां गणतंत्र दिवस 2026 77 th Republic day 2026  1.परिचय 2. 26 जनवरी का महत्व 3.भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन 4. स्वतंत्रता आंदोलन के महानायक 5.दिल्ली में गणतंत्र दिवस 1.  गणतंत्र दिवस: एक परिचय गणतंत्र दिवस हमारा सबसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्व है। यह प्रत्येक वर्ष 26 जनवरी को खूब धूमधाम से देश भर में मनाया जाता है। इसी दिन 1950 ई को  हमारा देश भारत सर्वप्रभुत्व सम्पन्न राष्ट्र घोषित हुआ था। उसी दिन हमारे देश में हमारा अपना संविधान लागू हुआ था।  2. 26 जनवरी का महत्व भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में 26 जनवरी का महत्व बहुत पहले से है।   1929 ई   बात है ।  लाहौर के रावी नदी के तट पर कांग्रेस का वार्षिक अधिवेशन पंडित जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में होने जा रहा है। इस अधिवेशन की भनक अंग्रेजों को लग गई थी। उन्होंने सभा करने और जुलुस निकालने पर प्रतिबंध लगा दिया। इन प्रतिबंधों की परवाह न करते हुए आधी रात के समय रावी नदी के तट पर पंडित नेहरू ने तिरंगा झंडा लहराते हुए हजारों देशभक्तों के साथ यह प्रतिज्ञा ली कि जब तक हम पूर्ण स्वतंत्र नहीं हो जाएंगे,...

प्रेम क्या है, prem, Love

  प्रेम क्या है ? प्रेम का अर्थ, Prem, Love 1. प्रेम का मतलब 2. प्रेम का महत्व 3. कबीर का प्रेम "मनवा प्रेम जगत का सार!" संपूर्ण जगत का सारांश प्रेम तत्व ही है। जिस तरह पृथ्वी के गुरूत्वाकर्षण के कारण संपूर्ण वायुमंडल पृथ्वी के इर्द-गिर्द घूमता रहता है, उसी प्रकार सभी चराचर को प्रेम तत्व ही एक आगोश में समेटे हुए है। प्रेम के कारण ही तो सारा संसार एक सूत्र में बंधा है । इसलिए विद्वानों ने एक मत से इस संसार में प्रेम की महता को स्वीकार किया है। ईश्वर ने भी प्रेम को ही संसार की अनमोल वस्तु माना है। यदि प्रेम सांसारिक वस्तुओं या व्यक्ति से किया गया तो वह प्रेम कहलाता है लेकिन वही प्रेम ईश्वर से किया जाता है तो वह भक्ति कहलाता है।इस तरह प्रेम लौकिक से पारलौकिक बन जाता है। महात्मा कबीर ने कहा "पोथी पढ़ी-पढ़ी जग पंडित भया ना कोई । ढाई आखर प्रेम का पढ़े सो पंडित होय ।।" संपूर्ण विद्या का सार प्रेम ही है। लेकिन प्रेम निस्वार्थ और तटस्थ हो। संपूर्ण भाव से परिपूर्ण प्रेम ही ईश्वर को प्रिय है।   सच्चा हितैषी निबन्ध  ।  क्लिक करें और पढ़ें। यह कहानी बड़ी रोचक और ज्ञानवर्धक है।

सच्चा हितैषी (प्रेरक कथा) वाणी का मोल

चित्र
  वाणी का मोल कहानी, कक्षा सात हिन्दी, ईसरदान की कथा, राजगुरु भट्ट, वाणी का मोल कहानी का प्रश्न उत्तर, सच्चा हितैषी कौन है। वाणी का मोल , कहानी,  भारत में गुजरात एक प्रमुख राज्य है। यहां के निवासियों की प्रतिभा और मेहनत के किस्से सदियों से  प्रसिद्ध हैं। यह कहानी ईसरदान नामक उस व्यक्ति की है जो गुजरात प्रांत के एक गांव में रहता था। वह उच्च कोटि का कवि और विद्वान था। एक दिन उसकी पत्नी की अचानक मौत हो गई। इससे वह बहुत दुखी हुआ। इस घटना ने उसके जीवन की दशा ही बदल दी।वह गुमसुम और उदास रहने लगा।  ईसरदान के चाचा से ईसरदान की यह दशा देखी नही जा रही थी। एक दिन वह ईसरदान से बोला,"बेटा ! होनी को  भला कौन टाल सकता है , इसलिए गुमसुम और उदास रहकर शेष जीवन होम करना उचित नहीं है। अतः तुम्हें तीर्थ यात्रा कर अपना मन शांत और शुद्ध करना चाहिए। तुम द्वारिका धाम की यात्रा करो। द्वारिकाधीश श्रीकृष्ण के दर्शन से मन को शांति तो मिलेगी ही, एक नवीन ऊर्जा का संचार भी होगा।" अगले दिन दोनों चाचा - भतीजे द्वारिका की ओर चल पड़े।रात्रि विश्राम के लिए वे जामनगर में ठहरे। कुछ लोगों ने उन्हें बत...

प्रदूषण: कारण और समाधान, निबंध कैसे लिखें ( 2026exam special)pollution

चित्र
प्रदूषण की समस्या पर निबंध, essay on pollution प्रदूषण किसे कहते हैं।what is pollution, प्रदूषण के प्रकार, kind of pollution, air pollution, वायु प्रदूषण, water pollution, जल प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण sound pollution, प्रदूषण से कैसे बचें, मानव की भूमिक, प्रदूषण की समस्या और समाधान   1. प्रदूषण का अर्थ, 2. प्रदूषण के प्रकार 3. प्रदूषण के कारण   1. प्रदूषण का अर्थ:  प्रदूषण का सामान्य अर्थ है वातावरण का दूषित हो जाना। आज प्रदूषण विश्व की बड़ी समस्या बन गई है। प्रदूषण के कारण मनुष्य के साथ-साथ कई जीव जंतुओं का अस्तित्व ही खतरे में पड़ गया है। कई वनस्पतियां और जीव जंतु लुप्त प्राय हैं। ज्यों- ज्यों मनुष्य अपने भौतिक सुखों का विस्तार करता है त्यों- त्यों प्रदूषण का जाल बढ़ता चला जाता है। सच तो यह है कि प्रदूषण की विकराल समस्या के लिए मनुष्य स्वयं दोषी है। जब इसके दुष्परिणाम स्पष्ट दिखाई देने लगे हैं तब लोगों की नींद खुलने लगी है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए 3 जून 1992 को जेस की राजधानी रियो डेजेनेरो में पृथ्वी योग सम्मेलन का आयोजन हुआ।  इस सम्मेलन में विश्व के ल...

तांबा, तांबा का उत्पादन और उपयोग Tanba

चित्र
1.तांबा : एक कीमती खनिज Tamba, copper           2.खोज एवं   उत्पादन,                                             3. तांंबा की उपयोगिता एवं बनने वाली वस्तुएं,                      4. उत्पादक देश,                                                         5.भारत में तांबा का उत्पादन। ********************************1. तांबा : एक कीमती खनिज तांबा एक कीमती धातु है। यह इस्पात  से भी महंगा है।  यह कई प्रकार के बिजली के वस्तुओं के उत्पादन में उपयोग में लाया जाता है। यह विद्युत का सुचालक है। इससे टेलीफोन, मोटर के तारों, विद्युत उत्पादन केंद्रों के साथ-साथ सभी तरह के बिजली की मशीनों में इसका उपयोग होता है। इसकी उपयोगिता इसलिए और बढ़ जाती है...