फूल और कांटा (Phul aur Kanta) 2026 - 27 exam special poem phool aur kante summary
Phul aur kanta poem ( class 6 to 10) 2026 - 27 exam special article १.कवि अयोध्या सिंह उपाध्याय हरिऔध का जीवन परिचय। २.कविता पाठ। ३.कविता का शब्दार्थ। 4. फूल और कांटा कविता का भावार्थ। फूल और कांटा कविता में कांटा किसका प्रतीक है ? फूल और कांटा कविता में फूल किसका प्रतीक है ? फूल और कांटा कविता में कवि क्या कहना चाहते हैं ? 5. फूल और कांटा कविता का प्रश्न-उत्तर। "फूल और कांटे" सुप्रसिद्ध कवि अयोध्या सिंह उपाध्याय हरिऔध की कालजयी कविता है। यहां कवि मनुष्य को उसके जन्म नहीं बल्कि कर्म की प्रधानता का महत्व बता रहा है। हमारे प्राचीन ग्रंथों में भी कर्म को सर्व प्रथम स्थान प्राप्त है। एक बात और , इस कविता के माध्यम से कवि ने परोपकार करने की भी शिक्षा दी है। 1. कवि अयोध्या सिंह उपाध्याय हरिऔध जी का जीवन परिचय - हरिऔध जी का जन्म 1865 ई में निजामाबाद, जिला आजमगढ़ में हुआ था। वे हिंदी साहित्य के द्विवेदी युग के यह विख्यात कवि के साथ-साथ उपन्यासकार, आलोचक और इतिहासकार भी थे। उन्होंने उर्दू, फ़ारसी और संस...